Shivraj Singh Chouhan : मेरे जीवन का उद्देश्य मां, बेटी और बहन को अधिकार दिलाना व उनके सम्मान की रक्षा करना
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा कि प्रदेश में हमारे बच्चे कुपोषित ना रहे यह जिम्मेदारी हमारी है यह सही है कि हम कई राज्यों से इस मामले में पीछे हैं लेकिन हमें कु
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा कि प्रदेश में हमारे बच्चे कुपोषित ना रहे यह जिम्मेदारी हमारी है यह सही है कि हम कई राज्यों से इस मामले में पीछे हैं लेकिन हमें कुपोषण के कलंक को पूरी तरह से मिटाना है हमें प पूरे प्रदेश से कुपोषण को दूर करना है। बता दे सीएम शिवराज आज भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे भवन में महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी अमले का मार्गदर्शन, प्रोत्साहन एवं उत्प्रेरण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान सीएम शिवराज ने लाडली लक्ष्मी योजना को लेकर बड़ी जानकारी दी उन्होंने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना के कारण चमत्कार हुआ है। वर्ष 2011-12 तक 1000 बेटों पर 912 बेटियां जन्म लेती थीं। लाडली लक्ष्मी योजना के कारण अब वह संख्या बढ़कर 956 तक हो गई है। अब ओवरऑल लिंगानुपात है 1000 बेटों पर 976 बेटियां।

सेवा का यह भाव ही मुझसे 18-18 घंटे करवाता है काम : CM शिवराज
सीएम शिवराज ने आंगनवाड़ी केंद्रों को समय पर खोलने, स्वच्छता का ध्यान रखने और अन्य कार्यों को उत्कृष्टता के साथ निर्वहन के लिए आंगनवाड़ी की सहायिकाओं को, कुपोषण मुक्त आंगनवाड़ी केंद्र बनाने, लाड़ली लक्ष्मी योजना के क्रियान्वयन व कुशल संचालन में अच्छा काम करने वालीं आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ताओं, पर्यवेक्षकों व योजना अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। सीएम ने कहा कि मैंने आपको केवल यह प्रशस्ति पत्र नहीं प्रदान किया है, बल्कि मध्यप्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता की ओर से आपका सम्मान किया है, अभिनंदन किया है। मध्यप्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता की सेवा का संकल्प मुझे एक भी क्षण चैन से बैठने नहीं देता है। सेवा का यह भाव ही मुझसे 18-18 घंटे काम करवाता है। सुबह से लेकर देर रात तक एक तड़प रहती है कि मुझे मध्यप्रदेश की जनता के लिए काम करना है। मर जाऊं पर मांगू नहीं अपने तन के काज, परमार्थ के कारज में मोहे न आवे लाज।

कुपोषण मिलकर रोके : सीएम शिवराज
सीएम शिवराज ने कहा कि हमारा सबसे बड़ा दायित्व कुपोषण दूर करना है। कुपोषण मुझे मध्यप्रदेश के माथे पर एक कलंक लगता है। हमने कुपोषण कम किया है, आंकड़े इसके गवाह हैं। लेकिन अभी हम बाकी राज्यों से पीछे हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग 75% आबादी की सेवा का विभाग है। अपना काम बच्चों की जिंदगी बचाने व बनाने का काम है। क्या महिला बाल विकास विभाग यह संकल्प ले सकता है कि 1 साल के अंदर एक भी बच्चा अंडरवेट नहीं रहेगा? विभाग की योजनाओं का लाभ देकर व समाज से सहयोग लेकर यह करके दिखाया जा सकता है। यहाँ चाह होती है, वहाँ राह को निकलना ही पड़ता है। दुनिया में बड़े-बड़े कामों को अपने जैसे हाड़-मांस के पुतलों ने ही किया है। समाज के पास देने को बहुत कुछ है। हमने अडॉप्ट ए आंगनवाड़ी अभियान चलाया। इसका उद्देश्य समाज को आंगनवाड़ी से जोड़ना है। हमारा संकल्प लिंगानुपात को बराबर करना है।

आंगनबाड़ी केंद्र बनेंगे प्रीस्कूल : सीएम शिवराज
सीएम शिवराज ने कहा कि हमने तय किया है कि अब हमारे आंगनवाड़ी अब केवल आंगनवाड़ी नहीं रहेंगे। बच्चों की प्री स्कूलिंग वहीं पर होगी। महिला एवं बाल विकास विभाग बहुत महत्वपूर्ण विभाग है। आप महिला सशक्तिकरण, कुपोषण दूर करने, बेटा बेटियां के बीच भेदभाव खत्म करने, बाल विवाह रोकने, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर घटाने, के बड़े अभियान में लगे हुए हैं। मेरे जीवन का उद्देश्य माँ, बेटी और बहन को उनका अधिकार दिलाना व उनके सम्मान की रक्षा करना है। इसलिए हमने लाड़ली लक्ष्मी योजना, कन्या विवाह योजना प्रारंभ की। महिलाओं के सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक सशक्तिकरण के लिए हम काम कर रहे हैं। मध्यप्रदेश पहला राज्य था जहां हमने तय किया कि स्थानीय निकाय के चुनावों में 50% आरक्षण बहन-बेटियों को दिया जाएगा।

मध्यप्रदेश में कोई भी बच्चा अनाथ ना रहे : सीएम शिवराज
मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि हमारा एक और संकल्प है कि मध्यप्रदेश में कोई भी बच्चा अनाथ ना रहे। हमने तय किया कि हमारे रहते कोई बच्चा अनाथ नहीं रह सकता है। कोविड में अनाथ हुए बच्चों को गले लगाकर, उनके साथ रक्षाबंधन-दीपावली मनाकर मेरा जीवन धन्य हो जाता है। एक प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए कि जिले में सबसे अच्छी आंगनवाड़ी किसकी है। एक जिला स्तरीय पुरस्कार भी स्थापित किया जाए। जो आंगनवाड़ी जिले में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थानों पर आएं, उनके कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया जाए।












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