हर वर्ग का दिल जीतने की जुगत में शिवराज सिंह चौहान

राज्य में विधानसभा चुनाव दो माह से भीतर होने की संभावना है, इसके लिए आगामी एक सप्ताह में आचार संहिता लागू होने के आसार हैं। एक तरफ विपक्ष जहां सरकार को हर मोर्चे पर घेरने की कोशिश कर रहा है, वहीं सरकार हर वर्ग को खुश करना चाह रही है ताकि चुनाव में उसकी जीत में किसी तरह की बाधा न आए।
बीते एक पखवाड़े पर नजर दौड़ाई जाए तो एक बात साफ हो जाती है कि सरकार ने पूरी तरह चुनाव की जमावट तेज कर दी है। राज्य में एक बड़ा वर्ग कर्मचारियों का है, शिवराज वोट बैंक को अपने खाते में करना चाहते हैं। यही कारण है कि उन्होंने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 10 प्रतिशत के इजाफे का ऐलान कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि राज्य सरकार उनकी हितैषी है।
मुख्यमंत्री ने किसानों को खुश करने के लिए अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को बीमा कंपनियों से मुआवजा दिलाने का भरोसा दिलाया। पिछले दिनों हुई बारिश से सोयाबीन की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
शिवराज किसानों को अपनी सरकार द्वारा बीते नौ वर्षो में किए कार्यो का हवाला देने के साथ यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि राज्य में अब खेती फायदे का धंधा बन चुका है।
एक तरफ सरकार जहां किसान, कर्मचारियों के लिए तोहफों की बरसात कर रही है वहीं विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यासों का सिलसिला तेजी से चलाया जा रहा है, वहीं चुनाव जीत कर सत्ता में आने पर राज्य की तस्वीर बदलने का वादा किया जा रहा है।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह मुख्यमंत्री की घोषणाओं को चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश करार देते हैं। उनका कहना है कि पिछले नौ वर्षो में राज्य में घोटाले व भ्रष्टाचार बढ़ा है, जनता को सरकार ने सिर्फ छलने का काम किया है। अब सरकार को लगता है कि झूठे वादे कर वह जनता को अपने मायाजाल में फंसा सकती हे, मगर जनता सब जान चुकी है।
चुनाव से पहले शुरू हुई जनता को लुभाने की मुख्यमंत्री की कोशिश कितनी कारगर होती है, यह अनुमान किसी को नहीं है, मगर कसौटी तो चुनाव के नतीजे ही होंगे। इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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