love Jihad: शीतल दास की बगिया’ बना लव जिहाद का अड्डा? जागृत हिंदू मंच ने सांसद को सौंपा ज्ञापन, पुलिस की मांग
Bhopal News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व रखने वाला स्थल 'शीतल दास की बगिया' इन दिनों विवादों के केंद्र में है। कमला पार्क के सामने बसे इस घाट पर श्रद्धालु जहां दीपदान, पिंडदान और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करने आते हैं, वहीं अब यह स्थान कथित तौर पर 'लव जिहाद', अश्लील गतिविधियों और अवैध नाव संचालन का केंद्र बनता जा रहा है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जागृत हिंदू मंच ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। संगठन ने भोपाल सांसद आलोक शर्मा को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि घाट की पवित्रता की रक्षा के लिए तत्काल सुरक्षा और नियंत्रण की व्यवस्था की जाए। प्रतिनिधिमंडल में मंच के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ भोपाल की महापौर मालती राय भी मौजूद रहीं।

क्या हैं आरोप?
संगठन के अनुसार घाट अब धार्मिक गतिविधियों का केंद्र न होकर 'पिकनिक स्पॉट' बन चुका है। मंच ने कई गंभीर आरोप लगाए, जिनमें शामिल हैं:
- मंदिर परिसर में खुलेआम अश्लील हरकतें
- मुस्लिम युवकों द्वारा हिंदू नामों का उपयोग कर हिंदू युवतियों को प्रेम जाल में फंसाना (जिसे संगठन ने 'लव जिहाद' करार दिया)
- शराब, गुटखा, सिगरेट का सेवन और कचरे का अंबार
- नाबालिगों की संदिग्ध गतिविधियाँ
- 10 से अधिक नावों का अवैध संचालन
- धार्मिक स्थल की मर्यादा का उल्लंघन
क्या है जागृत हिंदू मंच की मांग?
- ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगें प्रमुख रूप से उठाई गईं:
- घाट को लोहे की जाली से फेंसिंग कर पूरी तरह बंद किया जाए, ताकि अराजक तत्वों की घुसपैठ रोकी जा सके।
- अवैध नाव संचालन और वोटिंग पूरी तरह प्रतिबंधित की जाए, जिससे तालाब में हो रही गंदगी और डूबने की घटनाएं रोकी जा सकें।
- स्थायी पुलिस बल की तैनाती की जाए, ताकि मंदिर परिसर की गरिमा बनी रहे और आपत्तिजनक गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जा सके।
love jihad: जनता की राय, "बच्चों के साथ यहां आना असहज हो गया है"
स्थानीय श्रद्धालुओं और दैनिक पूजा-पाठ करने वालों का कहना है कि घाट पर धार्मिक वातावरण अब नहीं बचा। मंदिर परिसर में शराब की बोतलें और प्रेमी जोड़े अक्सर आपत्तिजनक स्थिति में देखे जाते हैं। "हम यहां अपने बच्चों के साथ पूजा करने आते हैं, लेकिन अब यह जगह शर्मिंदगी का कारण बन गई है," - एक स्थानीय महिला श्रद्धालु ने कहा।
डॉ. दुर्गेश केसवानी का बयान: "यह सिर्फ स्थल नहीं, आस्था का प्रश्न है"
जागृत हिंदू मंच के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश केसवानी ने कहा: "शीतल दास की बगिया में हो रही आपत्तिजनक गतिविधियाँ, लव जिहाद और मदिरा सेवन न केवल धार्मिक अपमान हैं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक मर्यादा के लिए भी खतरा हैं। यह हमारी आस्था पर सीधा हमला है।" उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो "बड़े पैमाने पर आंदोलन" छेड़ा जाएगा।
सांसद आलोक शर्मा और महापौर का समर्थन
भोपाल के सांसद आलोक शर्मा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वे इस मामले को लेकर प्रशासन के उच्च अधिकारियों से बैठक करेंगे और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे। महापौर मालती राय ने भी संगठन की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि "धार्मिक स्थलों की गरिमा से समझौता नहीं किया जाएगा।"
love jihad: पहले भी हो चुकी हैं शिकायतें, प्रशासन अब तक मौन
यह पहला मौका नहीं है जब शीतल दास की बगिया की पवित्रता को लेकर सवाल उठे हों। पूर्व में भी अधिवक्ता सुनील कुमार जैन के नेतृत्व में मंच का प्रतिनिधिमंडल नगर निगम और पुलिस प्रशासन से मिलकर कई बार ज्ञापन सौंप चुका है। बावजूद इसके, प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे असंतोष और गहरा हुआ है।
निष्कर्ष: क्या बचेगा 'शीतल दास की बगिया' का सांस्कृतिक स्वरूप?
भोपाल के इस ऐतिहासिक धार्मिक स्थल को लेकर उठ रहे सवाल केवल नैतिकता तक सीमित नहीं, बल्कि यह प्रशासनिक अनदेखी, धार्मिक आस्था और सांप्रदायिक सद्भाव के भी गंभीर संकेतक बन चुके हैं। सवाल यह नहीं कि घाट पर क्या हो रहा है - सवाल यह है कि क्या हम इसे रोकने के लिए तैयार हैं?
रिपोर्ट: [लक्ष्मी नारायण मालवीय ]












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