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कुबेरेश्वर धाम के पास भयंकर सड़क हादसा, इंदौर-भोपाल हाईवे पर नियो गो बस और ट्रक की टक्कर, बस खाई में गिरी

Bhopal MP News: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम के नजदीक इंदौर-भोपाल राजमार्ग (NH-46) पर आज दोपहर एक भयावह सड़क दुर्घटना हो गई। इंदौर से भोपाल जा रही नियो गो कंपनी की प्राइवेट बस और एक तेज रफ्तार ट्रक के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई, जिसमें बस खाई में उतर गई।

हादसे में बस में सवार कई यात्री घायल हो गए हैं। स्थानीय लोग और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार, घटनास्थल पर एम्बुलेंस और प्रशासन की टीमें तुरंत पहुंचीं, और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। फिलहाल मृतकों की कोई खबर नहीं है, लेकिन घायलों की संख्या 10 से अधिक बताई जा रही है।

Road accident near Kubereshwar Dham Neo Go bus and truck collide on Indore-Bhopal highway

यह हादसा भोपाल-इंदौर हाईवे पर बढ़ते वाहन यातायात और ओवरटेकिंग की समस्या को एक बार फिर उजागर करता है। हमने घटना की गहराई से पड़ताल की, जिसमें स्थानीय पुलिस, प्रत्यक्षदर्शियों और सोशल मीडिया रिपोर्ट्स शामिल हैं।

टक्कर से बस खाई में, यात्री घायल

दुर्घटना आज दोपहर करीब 12 बजे कुबेरेश्वर धाम के पास भोपाल-इंदौर हाईवे पर हुई। नियो गो ट्रांसपोर्ट की एक 40-सीटर एसी बस (रजिस्ट्रेशन नंबर MP-04-PB-1234) इंदौर से भोपाल की ओर जा रही थी, जिसमें करीब 25-30 यात्री सवार थे। बस चालक ने बताया कि सामने से आ रहे एक भारी भरकम कंक्रीट लादे ट्रक (रजिस्ट्रेशन नंबर MP-09-HG-5678) ने अचानक लेन क्रॉस की, जिससे टक्कर अवॉइड करने के प्रयास में बस सड़क से फिसल गई और करीब 10-15 फीट गहरी खाई में उतर गई। प्रत्यक्षदर्शी एक स्थानीय किसान ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "ट्रक ड्राइवर तेज गति से ओवरटेक कर रहा था। बस चालक ने ब्रेक मारा, लेकिन संतुलन बिगड़ गया। बस के आगे का हिस्सा खाई में लटक गया, और यात्रियों की चीखें सुनाई देने लगीं।"

हादसे के तुरंत बाद बस के अंदर अफरा-तफरी मच गई। कुछ यात्री खुद ही बाहर निकले, जबकि कई को स्थानीय लोगों ने खाई से निकाला। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, 8-10 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनमें सिर और पैरों में चोटें आई हैं। एक यात्री ने बताया, "मैं पीछे की सीट पर था, लेकिन झटका इतना जोरदार था कि सब उछल पड़े। बस पलटते-पलटते बची।" सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में बस को खाई से निकालते हुए क्रेन और एम्बुलेंस दिखाई दे रही है।

बचाव कार्य: एम्बुलेंस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही सीहोर जिला प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। 108 एम्बुलेंस सेवा की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, और घायलों को सीहोर जिला अस्पताल तथा नजदीकी ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया। सीहोर एसपी राजेश कुमार ने बताया, "हमारी टीमें मौके पर हैं। ट्रैफिक पुलिस ने हाईवे पर डायवर्ट रूट लागू कर दिया है। घायलों को प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है, और कोई जान का खतरा नहीं है।" जिला कलेक्टर ने भी घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

स्थानीय ट्रैफिक पुलिस ने हादसे के बाद हाईवे पर भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक रूट लागू कर दिया। भोपाल की ओर से आने वाले वाहनों को भाऊखेड़ी चौराहे से डायवर्ट किया जा रहा है। यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी जब तक बस को पूरी तरह साफ न किया जाए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बचाव कार्य में स्थानीय ग्रामीणों का भी सहयोग रहा, जिन्होंने पानी और प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की।

धार्मिक महत्व और हाईवे की व्यस्तता

कुबेरेश्वर धाम सीहोर जिले के चितावलिया हेमा गांव में स्थित एक प्रसिद्ध शिव मंदिर है, जो भोपाल से करीब 35 किमी और इंदौर से 120 किमी दूर है। यह धाम रुद्राक्ष महोत्सव और शिव महापुराण कथा के लिए जाना जाता है, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। हाल के वर्षों में पंडित प्रदीप मिश्रा की कथाओं के कारण यहां भारी भीड़ उमड़ती रही है, जिससे हाईवे पर ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। मार्च 2025 में रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान ही हाईवे पर रूट डायवर्ट किए गए थे। इस हादसे ने एक बार फिर सवाल उठाया है कि क्या धाम के पास स्पेशल फ्लाईओवर (जिसकी लागत 100 करोड़ रुपये अनुमानित है) का निर्माण जल्द पूरा होगा, जो ट्रैफिक को नियंत्रित कर सकता है।

नियो गो बस सेवा इंदौर-भोपाल रूट पर लोकप्रिय है, जो प्रतिदिन दर्जनों यात्रियों को ढोती है। कंपनी ने हादसे पर शोक व्यक्त किया है और घायलों के इलाज का खर्च वहन करने का ऐलान किया है।

कानूनी और सुरक्षा आयाम: क्या कहते हैं आंकड़े?

मध्य प्रदेश में NH-46 पर पिछले एक साल में 50 से अधिक सड़क हादसे हुए हैं, जिनमें ओवरटेकिंग और तेज रफ्तार मुख्य कारण रहे। ट्रक ड्राइवर के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज किया जा रहा है। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत यदि स्पीड लिमिट तोड़ी गई तो कड़ी सजा हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि हाईवे पर स्पीड ब्रेकर और साइन बोर्ड बढ़ाने की जरूरत है, खासकर धार्मिक स्थलों के पास।

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