गोडसे को राष्ट्रभक्त बताने वाली प्रज्ञा ठाकुर ने दिग्विजय को 3 लाख वोटों से हराया, ऐसे हुआ मुकाबला
Lok sabha election results 2019 News, भोपाल। देश की सबसे हॉट सीट में शामिल भोपाल लोकसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार प्रज्ञा ठाकुर जीत गईं। प्रज्ञा ठाकुर ने कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को भारी मतों से मात दी है। गुरुवार को हुई मतगणना के दौरान प्रज्ञा को 8.2 लाख से ज्यादा वोट मिले, वहीं दिग्विजय सिंह 4.8 लाख वोटों के साथ दूसरे पर रहे। मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा 30 उम्मीदवारों ने भोपाल से चुनाव लड़ा। 12 मई को हुए मतदान में इस ससंदीय क्षेत्र के इतिहास में सबसे ज्यादा 65.69 फीसदी मतदान हुआ था।

प्रज्ञा ठाकुर जीतीं, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह हारे
मालूम हो कि पूरे चुनाव प्रचार के दौरान भोपाल में कांग्रेस-भाजपा के नेताओं ने एक से एक तीखे बयान दिए थे। सबसे तीखा चुनाव प्रचार साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का रहा। उन्होंने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बता डाला। हालांकि, बाद में कहा कि महात्मा गांधी के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। मैं अपने बयान के लिए माफी मांगती हूं।'
प्रज्ञा के शाब्दिक हमले इस हद तक तीखे रहे कि कई बार हाईकमान को हस्तक्षेप करना पड़ा और उनको सोच-समझकर बोलने की सलाह दी गई।

मतगणना स्थल पर एक साथ बैठे नजर आए
गुरुवार को मतगणना के दौरान दिग्विजय सिंह और प्रज्ञा ठाकुर एक साथ बैठे नजर आए। जब चुनाव के परिणाम जारी होने लगे तो अपनी जीत की आहट के साथ ही साध्वी प्रज्ञा ने अपना मौन तोड़ा और जय श्रीराम का उद्घोष किया। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अपनी हार देख चुप ही रहे। हालांकि, वह सुबह से ही मतगणना स्थल पर डटे रहे, लेकिन जैसे-जैसे प्रज्ञा और उनके बीच वोटों का फासला बढ़ता गया, दिग्विजय ने कुछ देर बाद मतगणना स्थल को छोड़ दिया। वह मतगणना स्थल से उठकर वहां से चले गए।

मेरे लिए चुनाव जीतना जरूरी: दिग्विजय
हार से पहले, जब दिग्विजय सिंह मतगणना स्थल की ओर जाने वाले थे, तो उन्होंने कहा था कि मैं कई वर्षों से राजनीति में हूं। मेरे लिए चुनाव जीतना बहुत महत्वपूर्ण हैं। दिग्विजय सिंह ने एग्जिट पोल को बोगस भी बताया। वहीं, प्रज्ञा आखिर तक चुप रहीं और जैसे-जैसे वोटों की गिनती हुई, भाजपाई खेमे में खुशियां छाने लगी। प्रज्ञा को कुल वोटों में से 59.6 प्रतिशत वोट मिले।












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