नर्मदापुरम और रायसेन रोड पर RTO की सख्त कार्रवाई, किराया सूची न दिखाने व बिना दस्तावेज बसों पर 14,000 की वसूली
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को नर्मदापुरम रोड और रायसेन रोड पर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) ने यात्री वाहनों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान किराया सूची प्रदर्शित न करने, यात्रियों से अधिक किराया वसूलने और क्षमता से अधिक सवारी बैठाने के लिए 7 बसों पर कार्रवाई की गई, जिसके तहत 14,000 रुपये का शमन शुल्क वसूला गया।
इसके अलावा, दो बसें बिना वैध दस्तावेज और फिटनेस सर्टिफिकेट के संचालित पाई गईं, जिन्हें जब्त कर RTO कार्यालय में निराकरण के लिए भेज दिया गया। यह कार्रवाई यात्री सुरक्षा और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है।

अभियान का विवरण
RTO और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त टीमों ने सोमवार सुबह नर्मदापुरम रोड और रायसेन रोड पर वाहनों की गहन जांच की। इस दौरान 50 से अधिक बसों और अन्य यात्री वाहनों की जांच की गई। जांच में पाया गया कि कई बसें बिना किराया सूची प्रदर्शित किए यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रही थीं। इसके अलावा, कुछ बसों में क्षमता से अधिक सवारी बैठाई गई थीं, जो यात्री सुरक्षा के लिए खतरा है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी जितेंद्र शर्मा के नेतृत्व में इस अभियान में 7 बसों पर कुल 14,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
दो बसें ऐसी पाई गईं, जिनके पास न तो वैध परमिट था और न ही फिटनेस सर्टिफिकेट। इन बसों को तत्काल जब्त कर लिया गया और इन्हें RTO कार्यालय में निराकरण के लिए भेजा गया। पुलिस और RTO की टीमें अब इन बसों के मालिकों और ऑपरेटरों से पूछताछ कर रही हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में इस तरह की अनियमितताएं न हों।
बच्चों की सुरक्षा पर विशेष जोर
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी जितेंद्र शर्मा ने इस अभियान के दौरान विशेष रूप से स्कूल बसों और अन्य यात्री वाहनों की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्कूल बसों के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट, वैध परमिट, और बीमा अनिवार्य हैं। इन नियमों का उल्लंघन बच्चों की जान से खिलवाड़ है, और इसे गंभीर अपराध माना जाएगा।"
उन्होंने आगे बताया कि कई निजी वैन और मैजिक वाहन बिना नियमों के संचालित हो रहे हैं, जो स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए खतरा बन रहे हैं। इन वाहनों में अक्सर ड्राइवरों की पात्रता की जांच नहीं होती और न ही वाहनों की फिटनेस सुनिश्चित की जाती है। इस तरह की अनदेखी को रोकने के लिए RTO ने विशेष निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है।
भविष्य की योजना
RTO ने घोषणा की है कि भोपाल में सभी स्कूल वाहनों की फिटनेस, बीमा, परमिट, और ड्राइवरों की पात्रता की जांच के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान में निजी वैन और मैजिक वाहनों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जो अक्सर नियमों का उल्लंघन करते पाए जाते हैं। जितेंद्र शर्मा ने चेतावनी दी कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारी जुर्माना और वाहन जब्ती शामिल हो सकती है।
जनता और सामाजिक प्रतिक्रिया
इस अभियान को स्थानीय लोगों और यात्री संगठनों ने सराहा है। कई यात्रियों ने शिकायत की थी कि नर्मदापुरम और रायसेन रोड पर चलने वाली कुछ बसें मनमाने ढंग से किराया वसूलती हैं और किराया सूची प्रदर्शित नहीं करतीं। एक यात्री, रमेश विश्वकर्मा ने कहा, "यह अच्छा कदम है। कई बार बस वाले हमसे ज्यादा पैसे मांगते हैं, और किराया सूची न होने से हमें पता ही नहीं चलता कि सही किराया कितना है। RTO की यह कार्रवाई यात्रियों के हित में है।"
हालांकि, कुछ बस ऑपरेटरों ने इस कार्रवाई पर असंतोष जताया है। उनका कहना है कि छोटी-छोटी गलतियों के लिए भारी जुर्माना लगाना उचित नहीं है। एक बस ऑपरेटर ने कहा, "हमें नियमों का पालन करने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन कभी-कभी कागजी कार्रवाई में देरी हो जाती है। इसके लिए तुरंत वाहन जब्त करना ठीक नहीं है।"
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी कार्रवाइयां
नर्मदापुरम और रायसेन रोड पर RTO की यह कार्रवाई कोई नई बात नहीं है। पहले भी इस क्षेत्र में यात्री वाहनों के खिलाफ अभियान चलाए गए हैं। उदाहरण के लिए, दिसंबर 2023 में नर्मदापुरम में 150 बसों की जांच की गई थी, जिसमें 80 बसों पर विभिन्न अनियमितताओं के लिए 80,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इसके अलावा, अप्रैल 2022 में दो बसों को तय समय से अधिक रुकने के लिए जब्त किया गया था।












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