बिजली के बिल मार रहे करंट व जनता हो रही हताहत, महंगी बिजली के खिलाफ लोगों ने खोला मोर्चा
भोपाल में बिजली के बिल ज्यादा आने के कारण स्थानीय जनता ने सरकार और बिजली कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की हैं।
भोपाल 24 अप्रैल। राजधानी भोपाल में बिजली वितरण कंपनियों की हर समय लापरवाही सामने आती रहती है। जहां एक तरफ महंगाई ने आम जनता का जीना मुश्किल कर दिया है वहीं दूसरी तरफ बिजली के बिल आम लोगों की परेशानी बढ़ा दे रहे हैं। जनता कह रही है कि सरकार जितना बिल माफ नहीं करती उससे ज्यादा हमसे वसूल करती है। ऐसा ही एक मामला भोपाल के बागमुगलिया एक्सटेंशन कॉलोनी का सामने आया हैं। जहां पर अत्याधिक बिल आ जाने के कारण रहवासी परेशान हैं।

जनता आई सड़कों पर
दरअसल भोपाल में बिजली मीटर की रीडिंग समय पर न होने से अप्रैल महीने के बिल भारी भरकम आ गए हैं छोटे-छोटे काम धंधे करने वालों को मार्च में ₹100 ₹95 के जो बिल आए थे उन्हें अप्रैल में 1200 से ₹2000 के बिल थमा दिए गए हैं अन्य आवासों में रहने वालों को भी 5000 से 7000 तक के बिल इस महीने थमा दिए गए अप्रैल महीने में 45 से 50 दिन में रीडिंग होने पर यह स्थिति बनी है बागमुगलिया एक्सटेंशन कॉलोनी विकास समिति द्वारा इस मुद्दे पर नारेबाजी कर सरकार का ध्यान आकर्षण कराया समिति के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने मांग की है अप्रैल महीने के बिजली बिलों की जांच की मांग करते हुए कहा कि कॉलोनी के अधिकांश रहवासियों के साथ सब्जी बेचने वाले प्राइवेट व घरों में काम करने वाले भारी भरकम बिलों के कारण हो रहे हैं भारी परेशान इनकी समस्या का तुरंत हो समाधान.
समिति के अध्यक्ष ने दिया नारा- सरकार दे दो हम पर ध्यान बिजली बिल से हैं परेशान बिजली घर की मनमानी नहीं चलेगी ऐसे नारे लगाकर जनता ने दिलाया ध्यान।
समिति के अध्यक्ष का कहना है कि यह पूरी तरह से बिजली अधिकारियों की भी लापरवाही नहीं है इसमें अगर सबसे बड़ा किसी का दोष है तो वह सरकार की नीति का है।
आपको बता दें 8 अप्रैल से मध्यप्रदेश में बिजली महंगी हो गई है दरअसल राज्य विद्युत नियामक आयोग ने प्रदेश में बिजली की दरों में इजाफा करने का ऐलान किया है जिसके कारण अप्रैल महीने में बिजली के बिल ज्यादा आ रहे हैं।
8 से 12 पैसे प्रति यूनिट महंगी हुई बिजली
मध्य प्रदेश में 8 अप्रैल से बिजली महंगी हो गई हैं। मध्य प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव सरकार को भेजा था। जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया था। जिसके बाद अब बिजली की दरों में 2.64% की वृद्धि हुई हैं। आपको बता दें बिजली की दरों में होने वाले इजाफे का घरेलू उपभोक्ताओं पर सबसे ज्यादा असर पड़ता हैं। इसका सबसे ज्यादा असर मिडल क्लास फैमिली पर पड़ता है खासकर वो वर्ग जो 50 से लेकर 150 यूनिट खर्च करता है वह इससे प्रभावित होगा।
वहीं सरकार बिजली के बिल माफ करने को लेकर हमेशा लोगों का मन मोह लेने की कोशिश करती रहती है। खैर 2023 के विधानसभा चुनाव मध्यप्रदेश में आने ही वाले हैं। देखना होगा कि जनता बिजली के मुद्दे पर वर्तमान शिवराज सरकार को कितना प्यार देगी।












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