MP News: भोपाल में बवाल की तैयारी, सिविल जज भर्ती 2022 में आरक्षण हड़पने के विरोध में DPSS का बड़ा ऐलान
MP News: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की सिविल जज जूनियर डिवीजन भर्ती-2022 में आरक्षित वर्ग के साथ हुए कथित भारी अन्याय के खिलाफ दलित पिछड़ा समाज संगठन (DPSS) ने कमर कस ली है।
संगठन ने कल यानी 19 नवंबर (बुधवार) सुबह 11:30 बजे भोपाल में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के शासकीय आवास का एक साथ घेराव करने का ऐलान किया है। DPSS के राष्ट्रीय अध्यक्ष दामोदर सिंह यादव खुद आंदोलन का नेतृत्व करेंगे और मांग करेंगे कि पूरी भर्ती निरस्त कर नई परीक्षा ली जाए।

DPSS ने चेतावनी दी है कि कल भोपाल में हजारों की संख्या में कार्यकर्ता पहुंच रहे हैं। दोनों आवासों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात करने की तैयारी शुरू हो गई है, लेकिन संगठन ने कहा है - "हम शांतिपूर्ण घेराव करेंगे, लेकिन पीछे नहीं हटेंगे।"
संगठन का आरोप है कि 191 पदों की इस भर्ती में आरक्षित वर्ग के साथ खुला अन्याय हुआ है:
- कुल 191 पदों में सिर्फ 47 भरे गए।
- ST के 121 पदों में एक भी चयन नहीं।
- SC के 18 पदों में सिर्फ 1 चयन।
- OBC के 9 पदों में सिर्फ 5 चयन।
- यानी आरक्षित वर्ग के 148 पदों में सिर्फ 6 अभ्यर्थी ही चुन लिए गए।
DPSS इसे आरक्षण व्यवस्था पर सीधा हमला बता रहा है और हजारों आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों में भारी रोष है।
भर्ती का पूरा आंकड़ा - अन्याय की खुली तस्वीर
वर्ग, कुल पद, चयनित अभ्यर्थी, खाली पद
- ST, 121, 0, 121
- SC, 18, 1, 17
- OBC, 9, 5, 4
- कुल आरक्षित, 148, 6, 142
- अनारक्षित,43, 41, 2
- कुल, 191, 47, 144
DPSS का दावा: "ST के 121 पदों का एक भी चयन न होना यह साबित करता है कि मेरिट लिस्ट में जानबूझकर हेरफेर किया गया।"
19 नवंबर का कार्यक्रम - दो जगह एक साथ घेराव
- तारीख: 19 नवंबर 2025 (बुधवार)
- समय: सुबह 11:30 बजे से
- स्थान 1: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का शासकीय आवास (74 बंगले क्षेत्र)
- स्थान 2: उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा का शासकीय आवास (74 बंगले क्षेत्र)
- नेतृत्व: DPSS राष्ट्रीय अध्यक्ष दामोदर सिंह यादव स्वयं मौजूद रहेंगे
मुख्य मांगें:
- सिविल जज भर्ती-2022 को तत्काल निरस्त किया जाए
- नई पारदर्शी परीक्षा आयोजित हो
- आरक्षण नियमों का सख्ती से पालन हो
DPSS का बड़ा सवाल - "क्या मध्य प्रदेश में आरक्षण सिर्फ कागजों पर बचा है?"
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रामस्वरूप मंत्री ने कहा, "ST के 121 में से शून्य, SC-OBC के साथ भी भारी भेदभाव - यह खुला षड्यंत्र है। हजारों अभ्यर्थी 3 साल से सड़कों पर हैं, लेकिन सरकार मौन है। अब हम चुप नहीं बैठेंगे।"
सियासी तापमान बढ़ा
- कांग्रेस: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पहले ही इस भर्ती को "आरक्षण विरोधी" बताया था। अब उनके घर का घेराव होने से सियासी संकट गहरा सकता है।
- BJP: उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा (खुद आदिवासी नेता) के घर का घेराव BJP के लिए बड़ा झटका है। पार्टी इसे "राजनीतिक स्टंट" बता रही है।
- हाईकोर्ट: मामला पहले से ही हाईकोर्ट में लंबित है, लेकिन DPSS का कहना है कि "न्यायपालिका भी मौन है"।
पिछले आंदोलन और अबकी तैयारी
- जून 2024 में हाईकोर्ट के सामने आत्मदाह की कोशिश
- अगस्त 2025 में भोपाल में 15 दिन का धरना
- अब 19 नवंबर को "निर्णायक आंदोलन"
संगठन ने दावा किया है कि 10,000 से ज्यादा कार्यकर्ता भोपाल पहुंचेंगे। पुलिस ने दोनों आवासों के आसपास भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया है। 19 नवंबर का यह घेराव सिर्फ एक भर्ती का मामला नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश में आरक्षण की लड़ाई का अगला बड़ा अध्याय बनने जा रहा है। क्या सरकार झुकेगी या आंदोलन और भड़केगा - सबकी नजरें भोपाल पर टिकी हैं।












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