MP News: किसानों को बड़ी राहत, जैव-कीटनाशी, दूध, पनीर व लोहे पर GST में कटौती, खेती और मकान बनाना होगा सस्ता
MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों, पशुपालकों और आम लोगों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की। उन्होंने बताया कि नेक्स्ट-जेनरेशन GST रिफॉर्म्स के तहत जैव-कीटनाशी (बायो-पेस्टीसाइड्स), सूक्ष्म-पोषक तत्वों (माइक्रोन्यूट्रिएंट्स), दूध, पनीर, सीमेंट और लोहे पर गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) में भारी कटौती की गई है।
यह कदम न केवल किसानों और पशुपालकों के लिए वरदान साबित होगा, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने की लागत को भी कम करेगा। यह घोषणा 5 सितंबर 2025 को भोपाल में पत्रकारों के साथ एक सार्थक चर्चा के दौरान की गई।

जैव-कीटनाशी और सूक्ष्म-पोषक तत्वों पर GST में कटौती
केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि 12 जैव-कीटनाशी और सूक्ष्म-पोषक तत्वों पर GST को 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है। जैव-कीटनाशी, जैसे बैसिलस थुरिंजिएंसिस, ट्राइकोडर्मा वाइराइड, नीम-आधारित कीटनाशी, और अन्य पर्यावरण-अनुकूल विकल्प, अब सस्ते होंगे। इससे किसानों को रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "यह कदम किसानों को सस्ते और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प देगा। रासायनिक उर्वरकों से जैव उर्वरकों की ओर किसानों की रुचि बढ़ेगी, जिससे मिट्टी की सेहत सुधरेगी और लंबे समय तक खेती की उत्पादकता बनी रहेगी।" यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राकृतिक खेती मिशन को भी मजबूत करेगा।
दूध और पनीर पर GST खत्म
डेयरी क्षेत्र के लिए भी यह एक बड़ी राहत है। अल्ट्रा-हाई टेंपरेचर (UHT) दूध और पैकेज्ड पनीर पर अब कोई GST नहीं लगेगा, जो पहले 5% था। साथ ही, घी, मक्खन, और चीज जैसे अन्य डेयरी उत्पादों पर GST को 12% से घटाकर 5% किया गया है। इससे न केवल आम लोगों को सस्ते डेयरी उत्पाद मिलेंगे, बल्कि दूध उत्पादकों और पशुपालकों की आय भी बढ़ेगी।
शिवराज सिंह ने कहा, "यह कदम डेयरी क्षेत्र को मजबूत करेगा, खासकर उन 80 मिलियन डेयरी किसानों के लिए, जिनमें ज्यादातर महिलाएं हैं। सस्ते डेयरी उत्पाद आम लोगों की थाली में पोषण लाएँगे और किसानों की जेब में ज्यादा पैसे।"
सीमेंट और लोहे पर GST कम, मकान बनाना होगा सस्ता
सीमेंट पर GST को 28% से घटाकर 18% और लोहे से बने दूध के डिब्बों पर 12% से 5% कर दिया गया है। इससे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने की लागत कम होगी। शिवराज सिंह ने कहा, "गरीबों को पक्का मकान देने का सपना अब और सस्ता होगा। यह कदम ग्रामीण भारत को और सशक्त बनाएगा।"
कृषि यंत्रों पर भी राहत
कृषि यंत्रों और उपकरणों पर भी GST में कटौती की गई है। ट्रैक्टर (1800 सीसी से कम), स्प्रिंकलर, ड्रिप इरिगेशन सिस्टम, और कृषि मशीनरी जैसे मिट्टी तैयार करने, कटाई, और थ्रेशिंग मशीनों पर GST को 12% से घटाकर 5% किया गया है। इससे किसानों को सस्ते उपकरण मिलेंगे, जिससे खेती की लागत कम होगी और उत्पादकता बढ़ेगी।
शिवराज सिंह ने कहा, "कृषि यंत्र सस्ते होने से छोटे और मझोले किसानों को बहुत फायदा होगा। यह खेती को आधुनिक और आसान बनाएगा।"
भोपाल में चर्चा: किसानों और लखपति दीदियों के लिए वरदान
भोपाल में अपने निवास पर पत्रकारों से बात करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ये सुधार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में NDA सरकार की जनहितैषी सोच का नतीजा हैं। उन्होंने कहा, "यह GST सुधार किसानों, पशुपालकों, और लखपति दीदियों के लिए एक वरदान है। यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है।"
उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का भी आभार जताया, जिनके नेतृत्व में 56वीं GST काउंसिल बैठक में ये फैसले लिए गए। ये नए नियम 22 सितंबर 2025 से लागू होंगे, जो नवरात्रि के पहले दिन से शुरू होकर किसानों और आम लोगों के लिए एक उत्सव की तरह होगा।
सोशल मीडिया पर उत्साह
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस घोषणा को लेकर खूब उत्साह देखा जा रहा है। एक यूजर ने लिखा, "शिवराज जी और मोदी जी ने किसानों को दीवाली से पहले बड़ा तोहफा दिया है। सस्ते जैव-कीटनाशी और दूध पर GST खत्म होने से गाँव की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।" एक अन्य यूजर ने लिखा, "यह कदम प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देगा और मकान बनाना भी सस्ता करेगा। NDA सरकार का धन्यवाद!"
किसानों और ग्रामीण भारत के लिए नई उम्मीद
ये GST सुधार न केवल किसानों की लागत कम करेंगे, बल्कि ग्रामीण भारत को आर्थिक रूप से मजबूत करने में भी मदद करेंगे। जैव-कीटनाशी और सूक्ष्म-पोषक तत्वों पर टैक्स कम होने से पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा मिलेगा। दूध और पनीर पर GST खत्म होने से डेयरी किसानों, खासकर महिलाओं, को फायदा होगा। साथ ही, सीमेंट और लोहे पर टैक्स कम होने से गरीबों के लिए पक्के मकान का सपना साकार करना आसान होगा।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "हमारा लक्ष्य है कि हर किसान समृद्ध हो, हर गाँव आत्मनिर्भर बने। यह सुधार उसी दिशा में एक कदम है।"
निष्कर्ष: किसानों के लिए दीवाली से पहले तोहफा
नेक्स्ट-जेनरेशन GST रिफॉर्म्स ने भोपाल से लेकर पूरे देश के किसानों और आम लोगों के लिए एक नई उम्मीद जगाई है। यह कदम न केवल खेती को सस्ता और आसान बनाएगा, बल्कि डेयरी क्षेत्र और ग्रामीण आवास को भी मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की इस पहल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि NDA सरकार किसानों और गरीबों के हित में प्रतिबद्ध है।












Click it and Unblock the Notifications