MP Latest News: मध्य प्रदेश में 750 करोड़ रुपए से चुनावी साल में होगा नगरी निकाय की सड़कों का कायाकल्प
मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार चुनाव से पहले प्रदेश की सड़कों का कायाकल्प करने जा रही है। इसके लिए 413 निकायों को सीएम पहली किस्त के साढ़े 3 करोड़ रुपये 20 फरवरी यानी कल देंगे।

मध्य प्रदेश में चुनावी साल में राज्य सरकार पहली बार प्रदेश के शहरी क्षेत्रों की सड़कों का कायाकल्प करने जा रही है। निकायों को दिए जाने वाले सालाना 400 करोड़ रुपये के अलावा इस साल सड़कों को नए सिरे से बनाने के लिए राज्य सरकार प्रदेश के 413 निकायों को 750 करोड़ रुपये देगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कायाकल्प अभियान के तहत पहली किस्त के रूप में साढ़े तीन सौ करोड रुपए सिंगल क्लिक से प्रदेशभर के नगरीय निकायों के खाते में ट्रांसफर करेंगे।

10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरी निकायों को ₹25 करोड़
राज्य शासन द्वारा प्रत्येक नगरी निकाय के लिए जनसंख्या के मान से निकायों की श्रेणी तय करते हुए राशि आवंटित की जाएगी। 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरी निकायों को ₹25 करोड़ दिए जाएंगे। 2 से 10 लाख तक की जनसंख्या वाले नगरों को 7 करोड़ों रुपए दिए जाएंगे। एक से दो लाख तक की जनसंख्या वाले नगरों को तीन करोड़ रुपए दिए जाएंगे ₹50 हजार से 1 लाख तक की जनसंख्या वाले नगर को ढाई करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा 30 से 50 हजार तक की जनसंख्या वाले नगर को एक करोड़ 60 लाख रुपये, 20 से 30 हजार आबादी वाले नगर को एक करोड़ और 20,000 से कम की आबादी वाले नगर को ₹50 लाख दिए जाएंगे।

पैजवर्क नहीं पूरी सड़क बनेगी
इसका कायाकल्प अभियान के तहत शहरी क्षेत्र में सड़कों का पैजवर्क नहीं होगा, बल्कि जर्जर हो रही सड़कों को पूरी तरह से उखाड़ कर उनके स्थान पर नई सड़के बनाई जाएंगी। यहां सड़के नहीं है वहां भी इस राशि से सड़कों का निर्माण किया जाएगा। शहरी क्षेत्रों के प्रमुख मार्ग यहां आवागमन अधिकतम होता है। उनका उन्नयन किया जाएगा।

सीएम प्रदेशभर के नगर निगम महापौर और अध्यक्षों की मौजूदगी में बांटेगे राशि
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेशभर के महापौर और अध्यक्षों को सिंगल क्लिक में कायाकल्प अभियान के तहत 20 फरवरी को साढ़े तीन सौ करोड़ पर बाटेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री 5 निकायों के जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद भी करेंगे। मिंटो हॉल में आयोजित समारोह में यह राशि वितरित की जाएगी पहली बार इतनी बड़ी राशि प्रदेश की शहरी क्षेत्रों की सड़कों के लिए अतिरिक्त रूप से दी जा रही है।

त्रिस्तरीय कमेटी रखेगी नजर
प्रदेशभर में कायाकल्प अभियान के तहत सड़कों के निर्माण और उनकी गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए त्रिस्तरीय कमेटियां बनाई जाएंगी। इनमें राज्य स्तरीय संचनालय स्तरीय और संभाग स्तरीय कमेटियां बनाई जाएंगी। गुणवत्ता नियंत्रण के लिए संभागीय स्तरीय मोबाइल टेस्टिंग लैब की स्थापना की जाएगी। राज्यस्तरीय क्वालिटी मॉनिटर, स्टेट क्वालिटी मॉनिटर मनोनीत किए जाएंगे। निकायों द्वारा प्रस्तुत सिटी रोड एक्शन प्लान सीरेप का अनुमोदन भी किया जाएगा।

इन निकायों के प्रतिनिधियों से होगी सीधी बात
इंदौर शहर में 12.17 किलोमीटर लंबी 5 सड़कें ₹24 करोड़ 44 लाख की से बननी हैं। इसमें डामरीकरण और सीसी रोड बनेगी। इंदौर में 2.60 किलोमीटर लंबी एक डामरीक्रत सड़क 65 लाख 89 हजार रुपए में बनना है। 12 किलोमीटर लंबी 5 सीसी सड़कें 2 करोड़ 66 लाख में बननी हैं। नगर पालिका मंदसौर में 4 किलोमीटर लंबी 6 डामर की सड़कें 300 लाख रुपए में बनी है मुरैना जिले की नगरपालिका जौरा में दो सीमेंट कंक्रीट की 1 किलोमीटर लंबी सड़कें ₹160 में बननी हैं। शहडोल जिले में धनपुरी नगरपालिका में 9 किलोमीटर लंबी स्टार्ट डामर की सड़क ₹160 में बननी है। सीधी जिले की नरामपुर, नेकिन नगरपालिका में 3 किलोमीटर लंबी 4 सीमेंट कंक्रीट की सड़कें 50 लाख रुपए खर्च कर बननी है।












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