रायसेन की उदयपुरा विधानसभा सीट पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच होगी सीधी टक्कर, जानिए समीकरण
Raisen Udaipura News: मध्य प्रदेश में साल के आखिरी में विधानसभा चुनाव होना है ऐसे में 230 विधानसभा सीटों पर राजनीतिक दल सियासी गणित के गुणा भाग में लगे हुए। प्रदेश में कई ऐसी विधानसभा क्षेत्र है, यहां कांग्रेस और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलती है। ऐसे ही एक विधानसभा क्षेत्र है उदयपुरा। जो रायसेन जिले में आता है।
उदयपुरा विधानसभा सीट पर सन 1977 में पहली बार चुनाव हुआ था। अब तक हुए चुनाव में जहां पर 6 बार बीजेपी के विधायक रहे और 4 बार कांग्रेस के उम्मीदवार विधायक बने है। साल 2023 के अंत में विधानसभा चुनाव होना है। कांग्रेस और बीजेपी के बीच इस सीट पर कांटे की टक्कर होने वाली है। जीत के लिए दोनों ही पार्टियों ने अपने स्तर पर सियासत की बिसात बिछानी शुरू कर दी है।

उदयपुरा विधानसभा सीट हमेशा से परिवर्तन के लिए जानी जाती है। यह विधानसभा किसी एक पार्टी का गढ़ बनाकर नहीं रही। 2008 में यह विधानसभा सीट कांग्रेस के खाते में गई तो, 2013 में यहां पर भाजपा ने कब्जा जमा लिया। इसके बाद 2018 के विधानसभा चुनाव में यहां पर फिर कांग्रेस ने जीत दर्ज कर वापसी की।
उदयपुरा विधानसभा में हुए चुनाव के नतीजे
2008 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के भगवान सिंह राजपूत ने भाजपा के भागवत सिंह पटेल को 1434 वोटों से हरा दिया था। इस चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार भगवान सिंह राजपूत को 45,027 वोट तो, वहीं भाजपा के भगवत सिंह पटेल को 43,593 वोट मिले थे। इसके बाद 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार रामकिशन पटेल ने 90950 बोर्ड हासिल करते हुए कांग्रेस के उम्मीदवार भगवान सिंह राजपूत को 40 हजार से अधिक मतों से पराजित किया। इसके बाद साल 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार देवेंद्र पटेल ने भाजपा के विधायक रामकिशन पटेल को 8 हजार से अधिक वोटों से पराजित कर दिया। इस चुनाव में देवेंद्र पटेल को 86,441 वोट मिले वहीं भाजपा के उम्मीदवार रामकिशन पटेल को 78,440 वोट मिले। बोर्ड प्रतिशत की बात करें तो कांग्रेस के उम्मीदवार को 49% वोट, वहीं भाजपा के उम्मीदवार को 44% वोट हासिल हुए थे। यानी पिछला विधानसभा चुनाव भाजपा ने 4% वोटों से गवा दिया था।
उदयपुरा विधानसभा का जातीय समीकरण
उदयपूरा विधानसभा में ब्राह्मण की संख्या 36 हजार, राजपूतों की संख्या 17 हजार से अधिक है। वहीं रघुवंशी 15 हजार, किरार 42 हजार, बरुउआ 30 हजार, एसटी 8000, लोधी 13000, कुशवाहा 7000, और मुस्लिम की संख्या 15000 से अधिक है।
मतदाता की संख्या
पिछले विधानसभा चुनाव के अनुसार उदयपुरा विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या 2 लाख 35 हजार 899 है, जिसमें पुरुष मतदाता की संख्या 1 लाख 25 हजार 886 है। वहीं महिला मतदाताओं की संख्या 1 लाख 10 हजार 33 है। उदयपुरा विधानसभा में 60 फिजी के लगभग युवा मतदाता है, इसलिए चुनाव में युवाओं को साधने के लिए हर पार्टी युवाओं के लिए बड़ी-बड़ी घोषणाएं करती है।
उदयपुरा विधानसभा की क्षेत्रीय समस्याएं
उदयपुरा विधानसभा में अवैध खनन से लेकर जर्जर हालत में शहर की सड़कें प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। इसके साथ ही विधानसभा में रोजगार की बड़ी समस्या है। ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था बदहाल है। सड़कों का निर्माण तो होता है, लेकिन खराब क्वालिटी के चलते सड़के ज्यादा दिन टिक नहीं पाती। उदयपुरा के लोगों की माने तो विकास ही यहां पर सबसे बड़ा मुद्दा है।
क्या कहते हैं वर्तमान विधायक और बुद्धिजीवी लोग
वरिष्ठ पत्रकार आशीष रजक ने बताया कि उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र में विकास के तमाम मुद्दे हैं, लेकिन चुनाव आते ही क्षेत्र की राजनीति विकास से हटकर जातिगत हो जाती है। मतदाता जाति से जुड़े उम्मीदवार को ही ज्यादा पसंद करते है। वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा ने बताया कि चुनाव जीत के उद्देश्य से लड़ा जाता है। कई बार इसमें हार भी होती है। इस बार पार्टी ने कमर कस ली। वहीं कांग्रेस विधायक देवेंद्र पटेल का दावा है कि उन्होंने क्षेत्र में विकास के कामों की झड़ी लगा दी। उन्होंने कहा कि दोबारा उनकी जीत धमाकेदार होगी।












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