Umaria: चंदिया में रेल रोको आंदोलन का व्यापक असर, कई ट्रेनों का परिचालन ठप, 80 गांव के 15 हजार लोग हुए शामिल
उमरिया, 20 सितंबर। जिल के चंदिया रेलवे स्टेशन में ट्रेनों के स्टॉपेज को लेकर आंदोलनकारियों ने मंगलवार को हल्ला बोल दिया। लगभग 80 गांवों के पांच हजार से ज्यादा आंदोलनकारियों ने रेलवे ट्रैक पर आकर बैठ गए और प्रदर्शन शुरु कर दिया। आंदोलन बड़े स्तर से होने की वजह से हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई। स्थानीय लोगों द्वारा 5 सितंबर से शांति पूर्ण ढंग से आंदोलन किया जा रहा था। इसके साथ ही ट्रेनों के स्टापेज के लिए मांग की जा रही थी। लेकिन मांग पूरी न होने पर मंगलवार को रेल रोको आंदोलन का आव्हान किया गया था। जिसके बाद 20 सितंबर को ट्रेनों के स्टॉपेज के लिए रेलवे पटरी पर बैठकर आंदोलनकारियों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। क्षेत्रीय संघर्ष समिति के बैनर तले जिले के चंदिया नगर में बीते 16 दिनों से ट्रेन स्टॉपेज की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन ने बड़ा रूप ले लिया है। 5 हजार प्रदर्शनकारियों ने चंदिया रेलवे स्टेशन में घुसकर रेल रोक दी।

क्षेत्रीय जन संघर्ष समिति के बैनर तले आंदोलन
क्षेत्रीय जन संघर्ष समिति के अध्यक्ष मिथिलेश पयासी ने जानकारी देते हुए बताया की, समय रहते हमारी मांगों को माना नहीं गया तो दूसरा ग्रुप भी रेलवे पटरी पर आंदोलन प्रदर्शन प्रदर्शन करेगा। इस दौरान पांच हजार से ज्यादा ग्रामीणों ने पटरियों पर बैठकर प्रदर्शन किया। रेल रोको प्रदर्शन छावनी में तब्दील होने के बाद भी आंदोलनकारियों को रोकने में रेलवे और जिला प्रशासन विफल रहा।
इस दौरान जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, रेलवे अधिकारियों के साथ पुलिस बल, आरपीएफ व जीआरपी मौजूद रही।

प्रदर्शन में 80 गांव के लोग शामिल
रेल रोको आंदोलन में महिलाओं ने भी मोर्चा संभाला है। जिला पंचायत सदस्य सावित्री सिंह सहित दर्जनों महिलाएं रेल स्टॉपेज की मांग पर आंदोलन का हिस्सा बनी रही। इसी तरह चंदिया रेलवे स्टेशन में चल रहे आंदोलन में चंदिया सहित आसपास के लगभग 80 गांव के ग्रामीण शामिल हुए हैं।

इस इस गांव से प्रदर्शनकारी पहुंचे
रेलवे स्टेशन में रामपुर, पथरहटा,कौडिया, बांका, मड़वा, मझगंवा, कोइलरी, बिलासपुर सहित कई गांव के लोग आंदोलन में शामिल रहे जिनमें महिलाएं बच्चे व बुजुर्ग सभी शामिल थे। प्रदर्शनकारियों मे एक आंदोलन कारी ऐसा भी जिसकी उम्र लगभग 70 वर्ष उम्र थी जो गांधीवादी तरीके से पटरियों पर लेट गए और अपना विरोध जताया।

वापस हुई बिलासपुर कटनी ट्रेन
चंदिया रेलवे स्टेशन पर चल रहे रेल रोको आंदोलन के चलते ट्रेन भी प्रभावित हुआ। कटनी से बिलासपुर की ओर जाने वाली सभी ट्रेनों को रूपोद स्टेशन पर रोका गया। वही बिलासपुर से आने वाली ट्रेनों को लोरहा रेलवे स्टेशन पर रोका गया। इस प्रदर्शन के कारण 20 सितंबर से शुरु हुई बिलासपुर-कटनी मेमो भी अपना पूरा सफर तय नहीं कर पाई और उसे उमरिया स्टेशन से ही वापस लौट कर जाना पड़ा।












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