Bhopal: तीन तलाक पर गरजे PM मोदी, बोले- इस्लाम में ये जरूरी अंग है, तो पाकिस्तान व इंडोनेशिया में क्यों नहीं
Pm Modi Bhopal News: राजधानी भोपाल में आयोजित मेरा बूथ सबसे मजबूत कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तुष्टिकरण और तीन तलाक जैसे मुद्दे पर विपक्ष पर जमकर गरजे। उन्होंने कहा, 'जो भी तीन तलाक के पक्ष में बात करते हैं, वकालत करते हैं, ये वोटबैंक के भूखे लोग मुस्लिम बेटियों के साथ बहुत बड़ा अन्याय कर रहे हैं। तीन तलाक से नुकसान का दायरा बड़ा है। बहुत अरमानों से पिता अपनी बेटी को ससुराल भेजता है। 8 से 10 साल बाद बेटी वापस आती है, तो उसका भाई, पिता सब बेटी की चिंता में दुखी हो जाता हैं।'
बता दे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को भोपाल दौरे पर है। जहां उन्होंने आज रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से देश की 5 नई वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद उन्होंने मेरा बूथ सबसे मजबूत कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इसके बाद पीएम ने बूथ कार्यकर्ताओं के सवाल लिए और उनका जवाब भी दिया।

80-90 साल पहले वहां तीन तलाक की प्रथा समाप्त हो चुकी: PM मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि 'तीन तलाक का इस्लाम से संबंध होता तो दुनिया के मुस्लिम बहुल्य देश इसे खत्म नहीं करते। मिस्र में 90% से ज्यादा सुन्नी मुस्लिम हैं। आज से 80-90 साल पहले वहां तीन तलाक की प्रथा समाप्त हो चुकी है। अगर तीन तलाक इस्लाम का जरूरी अंग है, तो पाकिस्तान, इंडोनेशिया, कतर, जॉर्डन, सीरिया, बांग्लादेश में क्यों नहीं है। मुस्लिम बेटियों पर तीन तलाक का फंदा लटकाकर कुछ लोग उन पर हमेशा अत्याचार करने की खुली छूट चाहते हैं। इसीलिए मेरी मुस्लिम बहनें, बेटियां भाजपा और मोदी के साथ खड़ी हैं।'
पीएम मोदी से उत्तरप्रदेश की BJP कार्यकर्ता रानी चौरसिया ने सवाल करते हुए कहा था- तीन तलाक और यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर मुस्लिम भाई-बहनों का भ्रम कैसे दूर करें? इसके जवाब में PM ने आगे कहा, 'आज हम देख रहे हैं कि यूनिफॉर्म सिविल कोड के नाम पर भड़काने का काम हो रहा है। एक घर में परिवार के सदस्य के लिए एक कानून हो, परिवार के दूसरे सदस्य के लिए दूसरा कानून हो, तो क्या वो घर चल पाएगा? फिर ऐसी दोहरी व्यवस्था से देश कैसे चल पाएगा। भारत के संविधान में भी नागरिकों के समान अधिकार की बात कही गई है। सुप्रीम कोर्ट कह रही है कि कॉमन सिविल कोड लाओ।'
बीजेपी कार्यकर्ता ने पूछा- पहले सामाजिक के नाम पर तुष्टीकरण को बढ़ावा दिया गया?
PM मोदी ने तुष्टीकरण पर जवाब देते हुए कहा कि कुछ लोग अपने दल के लिए जीते हैं। दल का ही भला करना चाहते हैं। वे इसलिए ऐसा करते हैं, क्योंकि उनको कमीशन, मलाई और कट मनी का हिस्सा मिलता है। इसमें उनको ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। गरीब को गरीब और वंचित को वंचित बनाए रखने से ही उनकी राजनीति चलती है। तुष्टीकरण का ये रास्ता कुछ दिन तो चल सकता है, लेकिन ये देश के लिए विनाशक होता है। दूसरी तरफ हम बीजेपी के लोग हैं, हमारे संकल्प अलग हैं। हमारी संकल्पना दल से पहले देश की है। जब देश का भला होगा, तो सबका भला होगा। जब सबका भला होगा, तो देश आगे बढ़ेगा। इसलिए भाजपा ने तय किया है कि हमें तुष्टीकरण के रास्ते पर नहीं चलना है।
पीएम मोदी ने कहा कि हम मानते हैं कि देश का भला करने का रास्ता तुष्टीकरण नहीं है, तुष्टीकरण नहीं है, तुष्टीकरण नहीं है। सही रास्ता है संतुष्टिकरण, संतुष्टिकरण, संतुष्टिकरण। आज देश में जहां भाजपा की सरकार है वहां हम संतुष्टिकरण में लगे हैं। ये रास्ता मेहनत का होता है। पसीना बहाना पड़ता है। इसमें किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा। जाति नहीं। भाई-भतीजा नहीं। इसलिए हम संतुष्टिकरण के रास्ते पर बढ़ रहे हैं। हमने देखा है यूपी में कोरी, खटीक भाई बहन राजनीति के शिकार हुए और विकास से वंचित रह गए। बिहार में देखें तो दलित और महा दलित और उसमें भी राजनीति। समाज को बांट दिया। कुछ जातियों पर विशेष ध्यान। कुछ को छोड़ दिया। दक्षिण भारत में भी कुछ समाजों को वंचित रखा है। कर्नाटक में भी ऐसा ही है। कई जातियों को विकास में पीछे छोड़ दिया गया। कुछ ही लोगों को मलाई दी गई। तेलंगाना में भी ऐसा है। तमिलनाडु में भी।












Click it and Unblock the Notifications