सतना में पैंट-शर्ट वाले नेताजी उतरे चुनावी मैदान में

सतना, 20 जून: एक तो चुनावी माहौल ऊपर से नेता जी का नाम जेहन में आते ही लोगों के अंदर लकालक सफेद कुर्ता पजामा के ऊपर रंगीन कोटि की तस्वीर उभर आती है‌। लेकिन इस नगरी निकाय चुनाव में कुछ ऐसे प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतर चुके हैं जिन्हें कुर्ता पैजामा से कोई लेना देना नहीं है। यह प्रत्याशी सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बीजेपी एवं कांग्रेस के हैं जो कि सतना में महापौर पद के लिए हो रहे चुनाव में प्रत्याशी हैं। जिन का पहनावा ही अलग है कभी वह कोर्ट-पेंट में नजर आते हैं तो हमेशा पेंट शर्ट पहनना उनके शगल में शामिल है। यूं तो कहा जाए कि कोर्ट-पेंट या कहें सूट, पुरुषों का फॉर्मल पहनावा है और खास मौके पर सभी इसे पहनते जरूर हैं। कह सकते हैं कि ढेर सारे लोग ऐसे मौके का इंतजार करते हैं, जब उन्हें इस जेंटलमैन पहनावे में खुद को देखने का मौका मिले। यही वजह है कि कोर्ट-पेंट को पुरुषों की स्टाइल से जोड़ा जाता है। सतना में इन दिनों चुनाव की बाहर बह रही है। त्रिस्तरीय पंचायत से लेकर नगरी निकाय के चुनाव कराए जाने की प्रक्रिया भी चल रही है। ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस पार्टी ने अपने-अपने प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं इस माहौल में अमूमन लोग आम जनता के सामने जाने के लिए अपना चोला बदल लेते हैं यानी कि पैंट शर्ट उतारकर कुर्ता-पैजामा में आ जाते हैं। लेकिन इन दो बड़ी पार्टी के महापौर पद के उम्मीदवार कुर्था के बजाय आज भी पैंट शर्ट में नजर आ रहे हैं। जो कि आम जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बताते चलें कि बीजेपी के उम्मीदवार योगेश ताम्रकार जो कि एक उद्योगपति हैं और उनका पहनावा भी उसी अंदाज में रहता है कभी वह कोट पेंट पहने महंगी गाड़ियों में नजर आते हैं तो आम दिनों में पेंट शर्ट में दिखाई देते हैं। चुनाव में भी उनका लुक पुराना ही है यानी कि कुर्था की वजह पैंट शर्ट में ही वोट के लिए लोगों के बीच हैं।

Mahapaur pratyashi

विधायक होने के बावजूद भी नहीं बदला पहनावा

इसी तरह दूसरी पार्टी नेशनल कांग्रेस के प्रत्याशी सिद्धार्थ कुशवाहा डब्बू जो कि वर्तमान में जिले के विधायक होने के साथ-साथ महापौर पद के सशक्त उम्मीदवार भी हैं। इन्होंने शायद ही कभी कुर्ता पजामा पहना हो। लेकिन उनके पिता स्व. सुखलाल कुशवाहा जो कि जिले के सांसद रह चुके हैं वे भी कुर्ता पजामा को ही अहमियत देते रहे हैं लेकिन इसके विपरीत उनके पुत्र डब्बू हमेशा पैंट शर्ट में ही दिखाई पड़े हैं।

डॉक्टर बी एल यादव व पुष्कर का भी नहीं बदला चोला

सतना के प्रथम नागरिक रह चुके स्वर्गीय डॉक्टर बी एल यादव भी इस मामले में कुर्था से अछूते रहे हैं। उन्होंने महापौर चुनाव से लेकर आम दिनों से भी कभी कुर्ता पैजामा नहीं पहना और 5 सालों तक शहर में राज किया इसी तरह लगभग 10 साल पहले पुष्कर सिंह तोमर ने भी कुर्ते को महत्व नहीं दिया पूरे चुनाव के दौरान वे सफेद पेंट शर्ट पहने लोगों के बीच रहे।कुल मिलाकर इन नेताओं का मानना है कि पहनावा महत्वपूर्ण नहीं होता बल्कि व्यक्तित्व व काम सुंदर होना चाहिए।

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