Rudraksh: चमत्कारी रुद्राक्ष पाने के लिए कुबेरेश्वर धाम में मची भगदड़ और लगा लंबा जाम, 2 बुजुर्ग महिला की मौत
सीहोर में 7 दिन तक होने वाले रुद्राक्ष वितरण में लाखों श्रद्धालु रुद्राक्ष प्राप्त करेंगे। लेकिन पहले ही दिन कुबेरेश्वर धाम में पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से भगदड़ मच गई।

सीहोर जिले में स्थित कुबेरेश्वर धाम में शिव महापुराण कथा और रुद्राक्ष वितरण महोत्सव शुरू होते ही अव्यवस्थाओं का दौर शुरू हो गया। रुद्राक्ष वितरण कार्यक्रम में करीब 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने की वजह से भोपाल-इंदौर हाईवे पर भीषण जाम लग गया हैं। चमत्कारी रुद्राक्ष पाने के लिए लोग लाइनों में कतार बनाकर खड़े हुए हैं। दोपहर में धक्का-मुक्की हो जाने के कारण महाराष्ट्र से आई 52 साल की एक महिला मंगलबाई की मौत हो गई हैं। वहीं एक अन्य महिला की भी तबीयत खराब होने से मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए सीहोर जिला अस्पताल भेज दिया गया हैं। करीब तीन हजार से ज्यादा लोग बीमार बताए जा रहे हैं। 10 से अधिक महिलाएं गुम बताई जा रही हैं। पुलिस प्रशासन ने गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश दिए हैं।

2 हजार से ज्यादा लोग हुए बीमार
बताया जा रहा है कि शाम 5 बजे तक प्राथमिक उपचार केंद्र में 2 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे, जिन्हें घबराहट उल्टी और चोट लगने की समस्या थी। बता दे रुद्राक्ष महोत्सव 16 फरवरी से शुरू होना है, लेकिन महोत्सव के 1 दिन पहले ही लाखों की तादाद में लोगों के जुटने से प्रशासन की सांसें फूल गई। प्रशासन ने रुद्राक्ष बांटने वाली समिति से कहा कि 1 दिन पहले रुद्राक्ष बांटना शुरू किया। तब जाकर भीड़ संभाली जा सकती है। इसलिए रुद्राक्ष का वितरण 1 दिन पहले शुरू कर दिया गया, लेकिन इतनी भीड़ को संभालने के लिए कुंबेरेश्वर धाम में बनाई गई व्यवस्था नाकाफी दिखी।आयोजन समिति का कहना है कि 15 सौ से ज्यादा पुलिसकर्मी और 10,000 से ज्यादा वॉलिंटियर्स व्यवस्था में लगे हुए

लाखों की भीड़, खाना-पीना तक नहीं मिल रहा
विट्ठलेश सेवा समिति उपचार केंद्र की ओर से बताया गया कि कई महिलाएं जख्मी होकर यहां पहुंची थी। किसी के पैर में तार लगने से खून निकल रहा था तो किसी का पैर भीड़ ने कुचल दिया था। इन लोगों की ड्रेसिंग कर इन्हें जरूरी दवाई दी गई। महाराष्ट्र से आ एक श्रद्धालु मनोज सदावर्ते ने बताया कि यहां मैनेजमेंट नहीं है। लाखों की भीड़ है खाना-पीना तक नहीं मिल रहा है। लोग एक दूसरे को कुचल रहे हैं। पुलिस प्रशासन भी कुछ नहीं कर रहा है। जान से ज्यादा अधिक तो नहीं है ना रुद्राक्ष। हमें तो नहीं चाहिए ऐसा रुद्राक्ष।

10-10 किलोमीटर तक लगा जाम
लाखों की तादाद में श्रद्धालुओं के पहुंचने से भोपाल-इंदौर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुबेरेश्वर धाम के दोनों ओर 10-10 किलोमीटर तक जाम लग गया है और लाखों लोग जाम में फंसे हुए हैं। कुबेरेश्वर धाम जाने वाले श्रद्धालु इस बात का ध्यान रखें की इंदौर-भोपाल फोरलेन हाईवे पर सभी भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है, जहां इंदौर से भोपाल जाने वाले वाहनों को देवास से डायवर्ट किया गया है। उधर, कुबेरेश्वर धाम में भी श्रद्धालुओं के लिए सभी तरह की व्यवस्थाएं प्रबंध समिति की ओर से की गई है। साथ ही कुबेरेश्वर धाम में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए बड़े-बड़े बनाए गए हैं। साथ ही भोजन और अन्य तरह की व्यवस्थाएं भी श्रद्धालुओं के लिए की गई हैं। समिति ने यहां आने वाले श्रद्धालुओं से व्यवस्थाएं बनाए रखने का अनुरोध भी किया है।

मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से बिछड़े लोग
कुबेरेश्वर धाम में अत्यधिक भीड़ हो जाने के कारण भगदड़ जैसे हालात बन गए हैं वही मोबाइल नेटवर्क कमजोर होने से लोग एक दूसरे से संपर्क नहीं कर पा रहे है। जिसकी वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लाखों की तादाद में श्रद्धालुओं के रुद्राक्ष लेने के कारण यह हालात बने हैं।

रुद्राक्ष के पीछे की कहानी
पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपने कथाओं में रुद्राक्ष की महिमा का बखान करते हुए बताया था कि ये रुद्राक्ष पानी में डालना है और उस पानी को पीना है। इससे हर समस्या दूर हो जाती है। नक्षत्र खराब हो तो वो भी ठीक हो जाता है। बीमारी समेत हर संकट दूर हो जाते हैं। इसी के चलते इतनी बड़ी तादाद में लोग रुद्राक्ष पानी के लिए मध्य प्रदेश के सीहोर जिले स्थित कुबेरेश्वर धाम पहुंच गए।












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