MP News: भोपाल में Ola-Uber-Rapido ड्राइवरों की हड़ताल से ठप रही ऑनलाइन टैक्सी सेवाएं
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को ऑनलाइन टैक्सी सेवाएं अचानक ठहर गईं। Ola, Uber और Rapido से जुड़े ड्राइवरों ने न्यूनतम किराया तय करने और एग्रीगेटर कंपनियों पर ड्राइवर शोषण का आरोप लगाते हुए करीब 2 घंटे की सांकेतिक हड़ताल की।
हड़ताल के चलते शहरभर में कैब और बाइक टैक्सी सेवाएं लगभग पूरी तरह बंद रहीं, जिससे ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों, मरीजों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

हड़ताल भोपाल टैक्सी चालक संघ के आह्वान पर की गई, जो भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध है। चालकों ने सरकार और एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था में ड्राइवरों की मेहनत का पूरा मूल्य नहीं मिल रहा है।
न्यूनतम किराए को लेकर सरकार से अधिसूचना की मांग
चालकों की सबसे बड़ी मांग है कि राज्य सरकार तत्काल न्यूनतम किराया तय करने की अधिसूचना जारी करे और Ola-Uber-Rapido जैसी एग्रीगेटर कंपनियों को सरकारी रेट पर ही वाहन संचालन के लिए बाध्य किया जाए। संघ का आरोप है कि एग्रीगेटर कंपनियां मोटर वाहन अधिनियम की आड़ लेकर सरकारी दरों से 40 से 50 प्रतिशत तक कम किराया यात्रियों से वसूल रही हैं, जिसका सीधा नुकसान ड्राइवरों को उठाना पड़ रहा है।
चालकों का कहना है कि एक ओर पेट्रोल-डीजल, CNG, इंश्योरेंस, परमिट, फिटनेस, टायर, गाड़ी के पार्ट्स और EMI लगातार महंगे होते जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर किराया घटाकर ड्राइवरों को आर्थिक रूप से कमजोर किया जा रहा है।
बाइक टैक्सी और प्राइवेट वाहनों के खिलाफ भी विरोध
हड़ताल के दौरान चालकों ने बाइक टैक्सी संचालन और नॉन-कमर्शियल (प्राइवेट) वाहनों के पैसेंजर ट्रांसपोर्ट में इस्तेमाल का भी विरोध किया। टैक्सी चालक संघ का कहना है कि प्राइवेट वाहनों को टैक्सी की तरह चलाने से नियमों का उल्लंघन हो रहा है और इससे कमर्शियल टैक्सी चालकों की रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ रहा है।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार यदि इस पर सख्ती नहीं करती, तो आने वाले समय में कमर्शियल टैक्सी सेक्टर पूरी तरह संकट में आ सकता है।
यात्रियों को हुई भारी परेशानी
हड़ताल के कारण भोपाल के कई इलाकों में लोग टैक्सी का इंतजार करते नजर आए। कई यात्रियों ने बताया कि ऐप पर बुकिंग लेने वाला कोई ड्राइवर उपलब्ध नहीं था। खासकर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, अस्पताल और आईटी पार्क क्षेत्रों में स्थिति ज्यादा खराब रही। मजबूरी में कई लोगों को ऑटो, निजी वाहन या पैदल यात्रा करनी पड़ी।
आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
भोपाल टैक्सी चालक संघ ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन राज्यव्यापी रूप ले सकता है। संघ के नेताओं ने कहा कि यह हड़ताल केवल शुरुआत है और जरूरत पड़ी तो अनिश्चितकालीन आंदोलन भी किया जाएगा।
इस संबंध में संघ ने भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर के माध्यम से शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए नियमों में संशोधन और ड्राइवर हितैषी नीति लागू करने की मांग की है।
क्या बोले चालक
चालकों का कहना है कि वे सरकार और जनता के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन अगर उनकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिलेगा तो परिवार चलाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने सरकार से अपील की है कि एग्रीगेटर नीति को स्पष्ट और ड्राइवर-हितैषी बनाया जाए।












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