भोपाल में महापौर के लिए नया आरक्षण नहीं, अगस्त के पहले सप्ताह तक होंगे निकाय चुनाव
मंत्री भूपेंद्र सिंह का बयान कहा कि मध्यप्रदेश में अगस्त के पहले सप्ताह तक निकाय चुनाव होंगे। नगरीय निकायों के चुनावों के लिए नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद का आरक्षण 31 मई को होगा।
भोपाल, 29 मई। मध्य प्रदेश में 16 नगर निगमों के महापौर पद के लिए आरक्षण नहीं होगा। जबकि नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद का आरक्षण 31 मई को होगा। बता दें सुप्रीम कोर्ट के 10 और 18 मई को दिए गए आदेश का पालन करते हुए आरक्षण कराया जा रहा है। महापौर के लिए दिसंबर 2020 में कराई गई आरक्षण प्रक्रिया ही मान्य होगी।

31 मई दोपहर 3:00 बजे भोपाल के रविंद्र भवन में प्रदेश की नगर पालिका परिषद और नगर परिषदों के आगामी सामान्य निर्वाचन के लिए (महापौर तथा अध्यक्ष पद का आरक्षण) नियम 1999 के अंतर्गत अध्यक्ष पदों के संशोधित आरक्षण की कार्रवाई होगी। प्रदेश के 317 नगरी निकाय में चुनाव होना है। जिनमें 16 नगर निगम 99 नगर पालिका शामिल है। नगरीय विकास विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट के अनुसार 16 नगर निगमों में ओबीसी आबादी को लेकर कोई अलग तथ्य नहीं दिए गए हैं, इसलिए महापौर पद के लिए आरक्षण नहीं कराया जाएगा।
मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा अगस्त के पहले सप्ताह तक होंगे निकाय चुनाव
नगरीय विकास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि जुलाई में नगरीय निकाय और अगस्त के पहले सप्ताह तक निकाय चुनाव करा लिए जाएंगे। प्रदेश में नगर पालिका और परिषद के लिए अध्यक्ष का निर्वाचन पार्षद करेंगे। बता दे महापौर का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाने के अध्यादेश को मंजूरी मिलने के बाद नोटिफिकेशन निर्वाचन आयोग को भेज दिया गया है।
ओबीसी आरक्षण पर मंत्री भूपेन्द्र सिंह का कांग्रेस पर हमला
ओबीसी आरक्षण को लेकर मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि हमारी सरकार ओबीसी आरक्षण के साथ ही चुनाव करा रही है, लेकिन कांग्रेस हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट चली गई और विरोध किया। इस कारण कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण शून्य कर दिया था, लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज जी के प्रयास से ओबीसी वर्ग को फिर से आरक्षण मिल सका है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा यहां चुनाव में सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी को आरक्षण दिया है।












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