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CM शिवराज का जवाब सुनने के लिए जिगरा चाहिए, जो कांग्रेसियों के पास नहीं : गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा

विधानसभा में बुधवार को देर रात तक सदन की कार्रवाई चलती रही,लेकिन कमलनाथ विधानसभा नहीं पहुंचे। नरोत्तम मिश्रा ने अविश्वास प्रस्ताव पर तंज कसते हुए कहा कि इससे ज्यादा तर्कहीन और आधारहीन अविश्वास प्रस्ताव नहीं देखा।

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पूर्व सीएम कमलनाथ खुद अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन में नहीं आए वही उनके द्वारा नेता प्रतिपक्ष को अलग-थलग करने का काम किया गया कांग्रेसमें फूट का नतीजा सदन में साफ तौर पर दिखाई दिया। मीडिया से चर्चा में गुरुवार को मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पूर्व सीएम कमलनाथ के पास सिरोंज जाने के लिए समय था, लेकिन सदन में आने के लिए नहीं था। क्योंकि सदन में आरोपों के जवाब सुनने के लिए जिगरा चाहिए। हमने तारीख बदलने तक कांग्रेस के आरोपों को सुना और आज मुख्यमंत्री के जवाब का सामना करने के लिए कांग्रेस में ताकत नहीं है। उन्होंने कहा कि इतना तर्कहीन, आधारहीन, तथ्यहीन और नीरस अविश्वास प्रस्ताव इसके पहले कभी नहीं आया। मिश्रा ने मीडिया से चर्चा के दौरान कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि जो इच्छाधारी सीजनल और चुनावी हिंदू हैं, वह देशभक्त कैसे हो सकते हैं।

CM शिवराज का जवाब सुनने के लिए जिगरा चाहिए- गृहमंत्री

विधायक रामेश्वर शर्मा से माफी मांगने को लेकर अड़े रहे कांग्रेसी विधायक

विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान गुरुवार को मुख्यमंत्री के जवाब के पहले "कांग्रेसी विधायक" मंत्री मोहन यादव और विधायक रामेश्वर शर्मा से माफी मांगने को लेकर अड़े रहे। इस मामले में संसदीय कार्य मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने खेत प्रकट करते हुए कहा कि वे संसदीय कार्य मंत्री के तौर पर माफी मांगते हैं। इसके बाद कांग्रेस विधायक सीएम के जवाब सुनने को तैयार हुए। गुरुवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर 12.16 घंटे तक चर्चा कराई गई हैं। 43 विपक्षी सदस्यों के आरोप चुने गए इसके बाद विधायक सज्जन सिंह वर्मा और विजयलक्ष्मी साधो समेत अन्य विधायकों ने मांग की कि पहले 3 दिन पहले दिए गए बयान पर मंत्री मोहन यादव माफी मांगे शादी विधायक रामेश्वर शर्मा द्वारा दिए गए बयान पर भी माफी मांगने को लेकर कांग्रेस विधायक अड़े रहे।

कलेक्टर,एसपी की पोस्टिंग में लगाई जाती थी बोली

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा में कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव का जवाब देते हुए कमलनाथ की 15 महीने की सरकार के कार्यकाल को लेकर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। सीएम चौहान ने कहा कि कमलनाथ की सरकार में भ्रष्टाचार का लोकव्यापी करण कर दिया गया था। कलेक्टर,एसपी की पोस्टिंग में बोली लगाकर पैसे दिए जाते थे। अगर एक की पोस्टिंग हो जाए और दूसरा अधिक पैसे दे दे तो पहले वाले की पोस्टिंग बदल दी जाती थी। कलेक्टर, एसपी की पोस्टिंग में इतना अधिक भ्रष्टाचार तो कांग्रेस की 2003 के पहले की सरकार में भी नहीं था।

दतिया में 33 कलेक्टर पदस्थ कर दिए गए

विधानसभा में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कमलनाथ सरकार ने 15 महीने में साढे 400 आईपीएस आईएएस के तबादले किए। इस दौरान 15,000 ट्रांसफर हुए और इसके बदले वसूले गए पैसे आईटी छापे में बरामद हुए जिसका ऑडियो भी वायरल हुआ था। कोई चाहे तो वे सुना भी सकते हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की विषबेल ऐसी फैली थी कि दतिया में 33 कलेक्टर पदस्थ कर दिए गए। जिसकी लोकायुक्त में जांच भी चल रही है। उन्होंने कहा बल्लभ भवन दलालों का अड्डा बन गया था नाथ की सरकार में ठेके होने के बाद शर्तें बदल दी जाती थी। ठेकेदारों को आओ-आओ और विधायकों को चलो चलो कहते थे।

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