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MP SIT का बड़ा एक्शन: जहरीले कफ सिरप से 23 मासूमों की मौत, फैक्ट्री मालिक रंगनाथन कैसे हुआ चेन्नई से गिरफ्तार

MP News: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में जहरीले कफ सिरप 'कोल्ड्रिफ' पीने से अब तक 23 मासूम बच्चों की जान जा चुकी है। यह दर्दनाक घटना न सिर्फ परिवारों को तोड़ रही है, बल्कि पूरे देश में दवा उद्योग की लापरवाही पर सवाल खड़े कर रही है।

मंगलवार रात (8 अक्टूबर) को मध्य प्रदेश की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने तमिलनाडु के चेन्नई से इस सिरप की फैक्ट्री श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स के मालिक रंगनाथन गोविंदन को गिरफ्तार कर लिया। 73 वर्षीय रंगनाथन पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित था। आज चेन्नई कोर्ट में पेशी के बाद ट्रांजिट रिमांड पर उन्हें मध्य प्रदेश लाया जाएगा।

MP SIT action Poisonous cough syrup factory owner Ranganathan Govindan arrested from Chennai

जहरीला कफ सिरप का मतलब: बच्चों की सर्दी-खांसी क्यों बनी मौत का कारण?

सबसे पहले, समझें कि कफ सिरप क्या होता है। यह दवा बच्चों की खांसी, सर्दी और नाक बहने जैसी छोटी बीमारियों के लिए दी जाती है। लेकिन 'कोल्ड्रिफ' सिरप में मिलावट इतनी घातक थी कि बच्चों की किडनी फेल हो गई। जांच में पता चला कि इसमें 'डाइएथिलीन ग्लाइकोल' (DEG) नामक जहरीला केमिकल था, जो सस्ता ग्लिसरीन का विकल्प होता है। यह केमिकल सिरप को मीठा बनाता है, लेकिन किडनी को नष्ट कर देता है।

सरल शब्दों में: DEG एक औद्योगिक रसायन है, जो ब्रेक फ्लूइड या पेंट में इस्तेमाल होता है, न कि दवाओं में। इससे बच्चों को उल्टी, दस्त, किडनी फेलियर और मौत हो जाती है। यह मामला 2025 का सबसे बड़ा फार्मा स्कैंडल बन चुका है। शुरुआत में 11 मौतें बताई गईं, लेकिन अब आंकड़ा 21 पहुंच गया। प्रभावित बच्चे 2 से 10 साल के थे, ज्यादातर गरीब परिवारों से। कई परिवारों ने बताया, "डॉक्टर ने सस्ती दवा लिखी, लेकिन यह जहर साबित हुई।"

पूरा मामला: सितंबर से अक्टूबर 2025 तक की टाइमलाइन

सितंबर 2025: मौतों का सिलसिला शुरू

7 सितंबर के बाद छिंदवाड़ा के परासिया इलाके में बच्चे बीमार पड़ने लगे। पहले 6 मौतें हुईं। परिवारों ने बताया कि डॉक्टर प्रवीण सोनी ने 'कोल्ड्रिफ' सिरप लिखा था। 23 सितंबर को प्रशासन जागा। जांच में सिरप में मिलावट का शक हुआ। बैतूल जिले में भी 2 मौतें दर्ज।

अक्टूबर 2025 की शुरुआत: मौतें बढ़ीं, एक्शन शुरू

4-5 अक्टूबर: मौतें 11-14 पहुंचीं। डॉक्टर प्रवीण सोनी गिरफ्तार। उन्होंने निजी क्लिनिक में सिरप बांटा था। मध्य प्रदेश सरकार ने 7 सदस्यीय SIT गठित की (बाद में 12 सदस्यीय बनी)। जबलपुर की एडिशनल एसपी अंजना तिवारी कमान संभाली। SIT ने तमिलनाडु जाकर चेन्नई ऑफिस और कांचीपुरम फैक्ट्री पर छापा मारा।

5-7 अक्टूबर: जांच तेज, बैन और सुप्रीम कोर्ट

लैब रिपोर्ट: सिरप में DEG 48.6% मिला। तमिलनाडु सरकार ने भी पुष्टि की। कई राज्य (मध्य प्रदेश, यूपी, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र, दिल्ली, केरल, तमिलनाडु) में सिरप बैन। मौतें 17-18 पहुंचीं। सुप्रीम कोर्ट में याचिका: CBI जांच की मांग। स्वास्थ्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने तमिलनाडु पर लापरवाही का आरोप लगाया।

8 अक्टूबर: मालिक गिरफ्तार, बड़ा ब्रेकथ्रू

  • रात को SIT ने चेन्नई से रंगनाथन गोविंदन को पकड़ा। कंपनी श्रीसन फार्मा (1990 में शुरू, बाद में प्रोप्राइटरशिप) पर हत्या समान अपराध का केस। खुलासा: सिरप ओडिशा और पुडुचेरी भी सप्लाई हुआ। मौतें 20-21। इनाम 20 हजार रुपये।
  • 9 अक्टूबर (आज): ट्रांजिट रिमांड
  • चेन्नई कोर्ट में पेशी। ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद छिंदवाड़ा लाएंगे। SIT पूछताछ करेगी: मिलावट कैसे हुई? डॉक्टर से साठगांठ? अन्य राज्य प्रभावित?

कुल 21 मौतें: 15 छिंदवाड़ा, 4 बैतूल, बाकी आसपास। 50+ बच्चे अस्पताल में। कांग्रेस ने BJP सरकार पर निशाना साधा: "वित्तीय सहायता बढ़ाओ, विरोध शुरू।"

SIT का रुख: क्या-क्या खुलासे हुए?

  • कंपनी की लापरवाही: श्रीसन फार्मा ने सस्ते DEG का इस्तेमाल किया। लाइसेंस पुराना, क्वालिटी चेक नहीं।
  • डॉक्टर की भूमिका: प्रवीण सोनी ने सिरप कम दाम में बांटा। SIT: "कमीशन लिया?"
  • राष्ट्रीय खतरा: सिरप राजस्थान में भी मौतें। SIT अन्य राज्यों से डेटा मांग रही।
  • रंगनाथन का बैकग्राउंड: 73 साल के रंगनाथन ने 'प्रोनिट' जैसे सिरप से नाम कमाया। लेकिन कोल्ड्रिफ में कटौती। पूछताछ: "फैक्ट्री में टेस्ट क्यों नहीं?"

SIT सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की सिफारिश कर सकती है।

  • गिरफ्तारी का ड्रामा: चेन्नई से कैसे पकड़े गए रंगनाथन?
  • रंगनाथन फरार थे। SIT तमिलनाडु पहुंची, लोकल पुलिस से मदद ली। रात को चेन्नई के घर से गिरफ्तार। वे भागने की कोशिश में थे। आज कोर्ट: ट्रांजिट रिमांड मंजूर। छिंदवाड़ा SP अजय पांडे: "पूछताछ से सच्चाई सामने आएगी।" परिवारों की प्रतिक्रिया: "न्याय मिला, लेकिन बच्चे वापस नहीं आएंगे।"

राजनीतिक रंग: BJP vs कांग्रेस, सुप्रीम कोर्ट का दखल

BJP सरकार: सीएम मोहन यादव ने 5-5 लाख मुआवजा घोषित। स्वास्थ्य मंत्री: "तमिलनाडु जिम्मेदार।" SIT तेजी से काम कर रही।
कांग्रेस: अध्यक्ष जीतू पटवारी: "सरकार सोई रही, असली दोषी व्यवस्था।" उमंग सिंघार: "BJP नेता दवा बेचते थे?" विरोध प्रदर्शन शुरू।
राष्ट्रीय: JP नड्डा को पत्र: केंद्रीय जांच। सुप्रीम कोर्ट: CBI मांग पर सुनवाई।

न्याय कब मिलेगा? सबक और सावधानियां

यह मामला दवा उद्योग की काली सच्चाई उजागर करता है। रंगनाथन की गिरफ्तारी राहत, लेकिन 21 परिवारों का दर्द कम नहीं। आगे: सख्त कानून, रेगुलेशन। माता-पिता सलाह: दवा डॉक्टर से ही लें, ब्रांड चेक करें। SIT की रिपोर्ट से नया खुलासा हो सकता है। मध्य प्रदेश हिल गया-क्या केंद्र CBI भेजेगा? इंतजार। मासूमों को सलाम, उनके लिए न्याय जरूरी।

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