MP News: पंचायतों के लिए बड़ी खुशखबरी, सीएम मजरा–टोला सड़क योजना के इतने करोड़ प्रस्तावित- मंत्री प्रहलाद पटेल
MP Panchayat Minister: मध्यप्रदेश सरकार ने पंचायतों और ग्रामीण इलाकों के विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी कर ली है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना के तहत करीब 30,900 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों के निर्माण के लिए ₹21,630 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
यह योजना प्रदेश के दूरस्थ मजरा-टोला और छोटी बसाहटों को मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगी। मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि बीते दो वर्षों में मध्यप्रदेश ने आत्मनिर्भर पंचायतों की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाए हैं।

ग्रामीण आधारभूत ढांचे, रोजगार, जल संरक्षण, आवास, आजीविका, स्वच्छता और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में राज्य ने ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज की हैं।
पंचायतों का बुनियादी ढांचा मजबूत
मंत्री ने बताया कि पंचायतीराज व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए ₹922.20 करोड़ की लागत से 2472 अटल ग्राम सेवा सदन, 106 अटल सुशासन भवन, 5 अटल जिला सुशासन भवन स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही 3755 सामुदायिक भवनों, नर्मदा परिक्रमा पथ पर आश्रय स्थलों, पर्यटन विकास और बड़े पैमाने पर पौधरोपण कार्यों को भी गति दी गई है।
सड़क और पुलों से बदलेगा ग्रामीण नक्शा
ग्रामीण संपर्कता को लेकर सरकार ने विशेष फोकस किया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित अन्य योजनाओं में 1250 किलोमीटर से अधिक सड़कों, 323 पुलों का निर्माण पूरा किया गया है। वर्तमान में 20,600 से अधिक बसाहटों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने का कार्य प्रगति पर है।
नरेगा में रिकॉर्ड प्रदर्शन
महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत कार्यों के चयन में SIPRI जैसे वैज्ञानिक सॉफ्टवेयर का उपयोग कर पारदर्शिता लाई गई। वर्ष 2024-25 और 2025-26 में लेबर बजट का 94 से 95 प्रतिशत तक सृजन हुआ। अनुसूचित जनजाति परिवारों को रोजगार देने में मध्यप्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा। जल संरक्षण में बनी अलग पहचान। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत ₹3000 करोड़ से अधिक के कार्य स्वीकृत, 86 हजार से अधिक खेत तालाब, 1 लाख से ज्यादा कूप रिचार्ज, 536 अमृत सरोवर बनाए गए।
'कैच द रेन' अभियान में मध्यप्रदेश को देश में चौथा स्थान मिला, जबकि खंडवा जिला प्रथम पुरस्कार से सम्मानित हुआ। महिला सशक्तिकरण और आजीविका को बढ़ावा। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 29 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह गठित, ₹500 करोड़ से ज्यादा की वित्तीय सहायता, 11.27 लाख महिलाएं 'लखपति दीदी' बनीं। इसके अलावा 135 एफपीओ का टर्नओवर बढ़कर ₹1608 करोड़ तक पहुंच गया।
आवास, स्वच्छता और पोषण में अग्रणी प्रदेश
- प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और पीएम जनमन योजना में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर।
- 99 प्रतिशत से अधिक ग्राम ODF प्लस घोषित।
- 'वॉश ऑन व्हील्स' जैसे नवाचारों से स्वच्छता को रोजगार से जोड़ा गया।
- पीएम पोषण योजना में लाभार्थी रिपोर्टिंग 97-98 प्रतिशत तक पहुंची।
भविष्य की बड़ी सड़क योजनाएं
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना के अलावा। पीएमजीएसवाई-4 और पीएम जनमन योजना के तहत हजारों किलोमीटर सड़कें, सैकड़ों पुलों का निर्माण प्रस्तावित है।
डिजिटल और नवाचार आधारित शासन
पंचायतों में पंचायत दर्पण पोर्टल, अटल ई-सेवा केंद्र, एआई आधारित डैशबोर्ड, जीआईएस और ड्रोन तकनीक के जरिए योजनाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।
मंत्री का बयान
मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा, "ग्रामीण विकास का उद्देश्य सिर्फ योजनाएं चलाना नहीं, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाना है। मुझे विश्वास है कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश ग्रामीण विकास के क्षेत्र में देश के लिए एक मॉडल राज्य बनेगा।"
कुल मिलाकर, ₹21,630 करोड़ की मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना और अन्य विकास पहलों से साफ है कि मध्यप्रदेश सरकार पंचायतों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए बड़े स्तर पर निवेश और संरचनात्मक बदलाव कर रही है।












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