MP: राम के वनवास काल से जुड़े सिद्धा पहाड़ में खनन की अनुमति का विरोध, BJP-कांग्रेस विधायकों ने खोला मोर्चा
सतना, 1 सितंबर। पौराणिक और पुरातात्विक महत्व वाले रामायण कालीन सिद्धा पहाड़ में खनिज उत्खनन की अनुमति दिए जाने के मामले में विंध्य क्षेत्र ही नही प्रदेश भर में सियासी भूचाल आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने तो बीजेपी और शिवराज सरकार पर हमला बोला ही है। वहीं सतना के कांग्रेसी ही नही बीजेपी विधायक ने भी इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

बीजेपी विधायक नारायण त्रिपाठी ने पदयात्रा का किया ऐलान
मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी ने तो मुख्यमंत्री को पत्र लिखने के साथ ही पदयात्रा का भी ऐलान कर दिया है। उधर, आस्थावान भी भगवान राम का प्रतिज्ञा स्थल बचाने के लिए दो-दो हाथ करने की तैयारी में भी जुट गए हैं।भगवान श्रीराम के वनवास काल की सतना जिले में बिखरी पड़ी स्मृतियों के पौराणिक, धार्मिक और पुरातात्विक महत्व को दरकिनार कर सिद्धा पहाड़ में खनिज उत्खनन की स्वीकृति देकर लोक सुनवाई की तारीख मुकर्रर कर दिए जाने के खिलाफ आस्थावानों में विरोध बढ़ता ही जा रहा है।
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यहां की मान्यता
माना जा रहा है कि इस सिद्धा पहाड़ से खनिज नहीं बल्कि सनातनी ऋषि मुनियों की अस्थियां निकलती हैं। कई बार ऐसा हुआ भी है जब उत्खनन करते वक्त यहां अस्थि-पंजर भी बाहर निकले हैं। ऐसे में उत्खनन मुक्त क्षेत्र घोषित किया गया। इसके बाद अब 1 बार फिर यहां उत्खनन की स्वीकृति दिए जाने को आस्था पर प्रहार करार देते हुए आस्थावानों ने जनांदोलन की तैयारी शुरू कर दी है। वे राम प्रतिज्ञा स्थल को बचाने के लिए हर लड़ाई लड़ने की तैयारी में जुट गए हैं।

आराध्य भगवान श्रीराम
मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी ने तो मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर सिद्धा पहाड़ को बचाने के लिए 30 सितंबर को पदयात्रा का भी ऐलान कर दिया है। नारायण ने कहा कि आराध्य भगवान श्रीराम की स्मृतियों को नष्ट करने की कोशिशों को कभी कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए बड़ा जनांदोलन किया जाएगा, ईंट से ईंट बजा दी जाएगी। इस खदान के लिए 30 सितंबर को होने वाली लोक सुनवाई में शामिल होने वे पदयात्रा करते हुए हजारों आस्थावानों के जाएंगे।
नारायण ने मुख्यमंत्री शिवराज से कहा कि आप भी राम भक्त हैं। चित्रकूट की धरती ने राम को मर्यादा पुरुषोत्तम बनाया। उनकी स्मृतियां सहेजना हम सब का कर्तव्य है। इसलिए आग्रह है कि इस संबंध में दी गई सभी परमिशन कैंसिल कर दी जाएं।

कॉन्ग्रेस विधायक ने मुख्यमंत्री को बताया राम विरोधी
सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने तो सीएम शिवराज सिंह चौहान को राम विरोधी ही बता डाला है। अपने पोस्ट में सिद्धार्थ ने कहा कि यह शर्मनाक है कि जिस स्थान पर भगवान राम ने धरती से राक्षसों को खत्म करने की प्रतिज्ञा ली उसे शिवराज सरकार नीलाम कर रही है।
रैगांव विधायक कल्पना वर्मा भी इस मुद्दे पर मुखर
रैगांव विधायक कल्पना वर्मा भी इस मुद्दे पर मुखर हुई हैं। उन्होंने भी सिद्धा पहाड़ में उत्खनन की अनुमति दिए जाने की सरकारी कोशिशों पर जमकर हमला बोला।

यूपी से भी ऊठी आवाज
चित्रकूट विधायक और उत्तर प्रदेश के कांग्रेस प्रभारी नीलांशु चतुर्वेदी ने तो मंगलवार को ही इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सीएम के पत्र लिख कर सिद्धा पहाड़ में उत्खनन की अनुमतियां निरस्त करने की मांग की थी। बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी भगवान राम की स्मृतियों को नष्ट करने का आरोप लगाते हुए बीजेपी शिवराज सरकार को घेरा। उन्होंने एक के बाद एक कई ट्वीट करते हुए बीजेपी पर श्रीराम के व्यवसायिक उपयोग का गंभीर आरोप भी लगाया।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने भी किया विरोध
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने कहा कि राम वन गमन पथ के विकास और संरक्षण का बार-बार वादा करने वाले सीएम इसके जरिए सत्ता का सफर तो तय कर रहे हैं, लेकिन बाद में सब भूल जाते हैं। राहुल ने कहा कि फार्म वन गमन पथ को नष्ट करने की सुनियोजित साजिश रच कर सरकार जन भावनाओं और धार्मिक आस्था पर आघात कर रही है।












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