कमलनाथ को सिरोपा भेंट करने के विवाद पर Narottam Mishra का बड़ा बयान - कुछ लोगों के कुतर्क की सजा सबको ना मिले
इंदौर में कमलनाथ को सिरोपा भेंट करने पर उपजे विवाद को लेकर मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इंदौर के प्रभारी मंत्री होने के नाते आदरणीय कीर्तनकार मनप्रीत सिंह कानपुरी से विनम
इंदौर में कमलनाथ को सिरोपा भेंट करने पर उपजे विवाद को लेकर मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इंदौर के प्रभारी मंत्री होने के नाते परम आदरणीय कीर्तनकार मनप्रीत सिंह कानपुरी से विनम्र आग्रह है कि कुछ लोगों के कुतर्क की सजा सबको नहीं मिलनी चाहिए। आपकी ज्ञानवाणी का लाभ इंदौर के लोगों को मिलना चाहिए इसलिए आप इंदौर नहीं आने के अपने फैसले पर जरूर पुनर्विचार करें।
Recommended Video

बता दे मंगलवार को इंदौर में गुरु नानक देव महाराज के प्रकाश पर्व पर खालसा कॉलेज परिसर में सजे कीर्तन दीवान में पीसीसी चीफ कमलनाथ माथा टेकने पहुंचे थे। यहां श्री गुरु सिंह सभा के पदाधिकारियों ने सिरोपा भेंट कर कमलनाथ का सम्मान किया था। कुछ देर रुकने के बाद कमलनाथ यहां से चले गए। उन्हें सिरोपा भेंट करने की बात को लेकर विरोध शुरू हो गया। इस दौरान पंजाब से आए कीर्तनकार मनप्रीत सिंह कानपुरी ने पदाधिकारियों से इसका विरोध जताया। उन्होंने कहा कि जो 1984 के दंगों का दोषी है। तुम उनका गुणगान कैसे कर सकते हो। इसके बाद उन्होंने कहा कि अब वह कभी इंदौर नहीं आएंगे। बाद में महासचिव जसवीर सिंह गांधी ने कहा कि जो गलत होगा वह भुगतेगा। विवाद पर सभा के प्रचार प्रमुख देवेंद्र सिंह गांधी ने कहा कि सामान्य घटना को तूल देकर राजनीति की जा रही है।
इसी विवाद को लेकर मीडिया ने जब गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा से सवाल किया तो उन्होंने जवाब देते हुए बिना कमलनाथ का नाम लिए उन्हें कुतर्क बता दिया। गृहमंत्री ने कहा कि इंदौर के प्रभारी मंत्री होने के नाते आदरणीय कीर्तनकार मनप्रीत सिंह कानपुरी से विनम्र आग्रह है कि कुछ लोगों के कुतर्क की सजा सबको नहीं मिलनी चाहिए। आपकी ज्ञानवाणी का लाभ इंदौर के लोगों को मिलना चाहिए, इसलिए आप इंदौर नहीं आने के अपने फैसले पर जरूर पुनर्विचार करें। इंदौर की कोई गलती नहीं है, जिस तरह से कुछ लोग पापों को ढकने के लिए प्रायोजित तरीके से वहां चले गए थे। आपका मैंने वर्जन सुना टायर डालकर जलाने वाला, सरोपा भेंट करने वाला भी,लेकिन चंद लोगों की गलती का खामियाजा पूरा प्रदेश न भुगते।
कमलनाथ पर क्या है आरोप
दरअसल 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद अक्टूबर में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के दो बॉडीगार्ड ने उनकी हत्या कर दी थी। इसके बाद पूरे देश में सिखों पर अत्याचार हुआ था। कोलकाता में कमलनाथ पर दिल्ली के गुरुद्वारा रकाबगंज के सामने कथित रूप से दंगा भड़काने का आरोप है। इस दंगे में दो सिखों को जिंदा जला दिया गया था। ये आरोप गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष महेंद्र सिंह सिरसा ने कमलनाथ पर लगाया था।
बता दे सिख दंगों के मामले में कांग्रेस के एक नेता सज्जन कुमार को पहले ही उम्र कैद की सजा दी जा चुकी है। सिरसा का आरोप है कि कांग्रेस पार्टी साल 2014 तक सिख दंगों के आरोपी सज्जन कुमार,जगदीश टाइटलर और कमलनाथ को बचाती रही। लेकिन केंद्र में मोदी की सरकार बनने के बाद अब न्याय की उम्मीद नजर आ रही है।












Click it and Unblock the Notifications