MP News: कटनी में बड़ा रिश्वत कांड का खुलासा, जल संसाधन विभाग के इंजीनियर 20 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
MP News katni lokayukta: मध्य प्रदेश के कटनी जिले में लोकायुक्त संगठन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए जल संसाधन विभाग के प्रभारी कार्यपालन यंत्री वी.ए. सिद्दीकी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। जबलपुर लोकायुक्त इकाई की टीम ने यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश और पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की।
लोकायुक्त की इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है और सरकारी अधिकारियों को स्पष्ट संदेश गया है कि रिश्वतखोरी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आरोपी और शिकायतकर्ता का विवरण
- आरोपी: वी.ए. सिद्दीकी, प्रभारी कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग, जिला कटनी
- शिकायतकर्ता: कुंवर लाल रजक, निवासी ग्राम जरवाही, जिला कटनी
- स्थान: शासकीय आवास, जल संसाधन कॉलोनी, कटनी
- ट्रैप राशि: 20,000 रुपये
- कार्रवाई की तारीख: 17 फरवरी 2026
एरियर भुगतान के बदले मांगी थी रिश्वत - ऐसे खुला मामला
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता कुंवर लाल रजक वर्ष 2024 में चौकीदार पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वर्ष 2011 से 2017 के बीच वर्गीकरण प्रक्रिया के तहत जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश से उन्हें करीब 7-8 लाख रुपये का एरियर मिलना था।
आरोप है कि प्रभारी कार्यपालन यंत्री वी.ए. सिद्दीकी ने एरियर भुगतान के बदले 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार किया तो कथित रूप से भुगतान रोकने की धमकी दी गई। परेशान होकर उन्होंने लोकायुक्त से शिकायत दर्ज कराई।
जांच में रिश्वत मांग की पुष्टि होने के बाद ट्रैप की योजना बनाई गई और आरोपी ने पहली किस्त के रूप में 20 हजार रुपये लेने पर सहमति दी।
ट्रैप ऑपरेशन - बातचीत के दौरान दबोचा गया
17 फरवरी को शिकायतकर्ता तय राशि लेकर आरोपी के शासकीय आवास पहुंचे। बैठक कक्ष में बातचीत के दौरान जैसे ही आरोपी ने रिश्वत राशि स्वीकार की, लोकायुक्त टीम ने मौके पर दबिश देकर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके से रिश्वत राशि भी बरामद की गई।
ट्रैप दल में शामिल अधिकारी
- दल प्रभारी - नीतू त्रिपाठी
- निरीक्षक - रेखा प्रजापति
- निरीक्षक - बृजमोहन सिंह नरवरिया
- जबलपुर लोकायुक्त इकाई के अन्य सदस्य
किन धाराओं में मामला दर्ज
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7, 13(1)(B) और 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
लोकायुक्त का सख्त संदेश - जीरो टॉलरेंस नीति
लोकायुक्त संगठन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू है। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि सरकारी काम के बदले रिश्वत लेने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
शिकायतकर्ता बोले - "अब न्याय की उम्मीद"
कुंवर लाल रजक ने कहा कि कई वर्षों से एरियर पाने के लिए प्रयास कर रहे थे, लेकिन रिश्वत मांगे जाने से परेशान थे। लोकायुक्त की कार्रवाई से उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
प्रदेश में बढ़ती लोकायुक्त सक्रियता
पिछले कुछ महीनों में मध्य प्रदेश में जल संसाधन, लोक निर्माण और अन्य विभागों में रिश्वतखोरी के कई मामले सामने आए हैं। लगातार हो रही कार्रवाई से साफ है कि भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के प्रयास तेज हुए हैं।
जनता के लिए संदेश
यदि किसी सरकारी कार्यालय में आपसे रिश्वत मांगी जाती है, तो लोकायुक्त हेल्पलाइन या नजदीकी इकाई में शिकायत करें। भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना आपका अधिकार है।












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