MP News: भोपाल में हनी ट्रैप गैंग का पर्दाफाश, शादी के मंडप से उठा लिया सरगना, युवकों को फंसाकर बनाते थे VIDEO
MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक संगठित हनी ट्रैप गैंग का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस गैंग ने लड़कियों के जरिए युवकों को अपने जाल में फंसाकर उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाए और फिर ब्लैकमेल कर लाखों रुपये वसूले।
मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने गैंग के सरगना आकाश उर्फ भूरा हड्डी को उसकी ही शादी के रिसेप्शन से पहले मंडप से गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई कोहेफिजा थाना पुलिस ने की, जिसके बाद पूरे शहर में इस गैंग की गतिविधियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

शादी की रस्मों के बीच पुलिस की कार्रवाई
जानकारी के अनुसार आरोपी आकाश उर्फ भूरा हड्डी की शादी का रिसेप्शन 12 मार्च 2026 को होना था। शादी समारोह की रस्में चल रही थीं और परिवार तथा रिश्तेदार जश्न में व्यस्त थे। इसी दौरान पुलिस टीम वहां पहुंची और मंडप से ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से शादी समारोह में हड़कंप मच गया। पुलिस आरोपी को सीधे थाने ले गई, जहां उससे गैंग के अन्य सदस्यों और वारदातों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
सरगना का आपराधिक बैकग्राउंड
पुलिस जांच में सामने आया है कि आकाश उर्फ भूरा हड्डी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। वह भोपाल के वाजपेयी मल्टी इलाके में शराब और गांजा की अवैध बिक्री का भी धंधा करता था। उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं, जिनमें मारपीट, लूट और अन्य अपराध शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक इस गैंग में करीब 15 से ज्यादा युवक और युवतियां शामिल हैं, जो मिलकर सुनियोजित तरीके से लोगों को फंसाने का काम करते थे।

ऐसे फंसाए जाते थे युवक
पुलिस जांच में सामने आया है कि गैंग का तरीका बेहद सुनियोजित और खतरनाक था। सबसे पहले गैंग की युवतियां सोशल मीडिया या व्हाट्सएप के जरिए युवकों से संपर्क करती थीं। उन्हें आकर्षक फोटो भेजकर बातचीत शुरू की जाती थी और धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ाई जाती थी। इसके बाद मिलने का प्रस्ताव रखा जाता था और युवक को किसी होटल, फ्लैट या सुनसान जगह पर बुलाया जाता था।
जब युवक वहां पहुंचता था तो बातचीत के दौरान चुपके से उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया जाता था। कुछ ही देर बाद लड़की अचानक विरोध करने लगती थी और शोर मचाने लगती थी। इसी दौरान गैंग के अन्य सदस्य वहां पहुंच जाते थे और युवक को धमकाने लगते थे। उसे मारपीट और बदनामी का डर दिखाकर पैसे की मांग की जाती थी। वीडियो वायरल करने या झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी देकर युवकों से बड़ी रकम ऐंठी जाती थी।
मंदिर के पुजारी को भी बनाया शिकार
पुलिस के अनुसार इस गैंग ने कई लोगों को अपना शिकार बनाया है। सबसे प्रमुख मामला एक मंदिर के पुजारी से जुड़ा है। गैंग ने पुजारी को लड़की के जरिए जाल में फंसाया और उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया। इसके बाद उसे धमकाकर डेढ़ लाख रुपये की मांग की गई।
इतना ही नहीं, गैंग ने पुजारी को अगवा कर उसके साथ मारपीट भी की और उससे 8 लाख रुपये की फिरौती मांगी। आरोपी पुजारी के भाई से जबरन 50 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर भी करवाने में सफल हो गए। उन्होंने धमकी दी कि बाकी रकम नहीं देने पर पुजारी को रेप केस में फंसा देंगे और वीडियो वायरल कर देंगे।
शिकायत के बाद खुला पूरा मामला
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित पुजारी के भाई ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और मोबाइल कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजेक्शन और सोशल मीडिया चैट्स की जांच की। जांच के दौरान धीरे-धीरे गैंग का पूरा नेटवर्क सामने आने लगा। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गैंग के सरगना आकाश उर्फ भूरा हड्डी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की जांच जारी, कई और सदस्य रडार पर
कोहेफिजा पुलिस ने इस मामले में सरगना समेत 2 से 3 अन्य आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि गैंग से जुड़ी कई युवतियों और अन्य सदस्यों की पहचान हो चुकी है और उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और बैंक लेनदेन की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गैंग ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई पीड़ित युवक बदनामी के डर से सामने नहीं आए। ऐसे में आशंका है कि इस गैंग ने और भी कई लोगों को ब्लैकमेल किया होगा।
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना भोपाल में हनी ट्रैप और साइबर ब्लैकमेल के बढ़ते खतरे को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर अजनबी लोगों से दोस्ती करने और बिना पहचान के मिलने से पहले बेहद सावधानी बरतनी चाहिए। पुलिस ने भी युवाओं से अपील की है कि अगर वे ऐसे किसी जाल में फंसते हैं तो बिना डर के तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ एक गैंग का मामला नहीं बल्कि संगठित अपराध का हिस्सा है, जिसमें तकनीक और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर लोगों को फंसाया जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए जांच में जुटी हुई है और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार किए जाने की संभावना जताई जा रही है।












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