MP News: जानिए धार में अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर कैसे हुआ पथराव, थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मी घायल

MP News Dhar: धार जिले के धामनोद थाना क्षेत्र के सिरसोदिया गांव में शनिवार सुबह एक गंभीर घटना ने पूरे इलाके में तनाव की स्थिति पैदा कर दी। धरमपुरी से भाजपा विधायक कालूसिंह ठाकुर के परिवार की बताई जा रही निजी जमीन पर अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम पर ग्रामीणों ने जमकर पथराव कर दिया।

इस हमले में धामनोद थाना प्रभारी प्रवीण ठाकरे समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि प्रशासनिक वाहनों के शीशे भी तोड़ दिए गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि चार थानों से पुलिस बल बुलाना पड़ा और मनावर एसडीएम भी मौके पर पहुंचे।

MP News Dhar Villagers pelt stones at police team that arrived to remove encroachment

घटना का विवरण

घटना की शुरुआत शनिवार सुबह करीब 10 बजे हुई, जब तहसीलदार, पुलिस टीम और अन्य प्रशासनिक अधिकारी विधायक कालूसिंह ठाकुर के परिवार की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंचे। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार यह भूमि निजी है और विधायक परिवार की बताई जाती है। सीमांकन जांच में अनिल, नेमाबाई और संतोष जैसे व्यक्तियों द्वारा किए गए निर्माण को अवैध पाया गया था। इसके अलावा, सिविल कोर्ट ने 26 फरवरी को संबंधित दावों को खारिज कर दिया था, जिसके बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।

प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने टीम पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे धामनोद थाना प्रभारी प्रवीण ठाकरे गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है और उन्हें इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है। अन्य घायलों में महिला पुलिसकर्मी और कुछ अन्य कर्मचारी शामिल हैं। कुछ रिपोर्टों में कुल घायलों की संख्या 10-12 तक बताई गई है। पथराव इतना जोरदार था कि प्रशासनिक वाहनों के कांच टूट गए और तहसीलदार की गाड़ी को भी नुकसान पहुंचा।

स्थिति पर काबू पाने के प्रयास

पथराव की खबर मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। धामनोद थाने के अलावा आसपास के तीन अन्य थानों से पुलिस बल तुरंत बुलाया गया। मनावर एसडीएम भी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने की कोशिश की। दिनभर गांव में तनाव का माहौल बना रहा। पुलिस ने बल प्रयोग से स्थिति नियंत्रित की, लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा कम नहीं हुआ।

बाद में प्रशासन ने समझौता करने की कोशिश की और कब्जाधारियों को अतिक्रमण हटाने के लिए दो दिन का समय दिया गया है। इस दौरान कोई जबरन कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन ग्रामीणों को चेतावनी दी गई है कि समय सीमा के बाद सख्त कार्रवाई होगी।

ग्रामीणों का पक्ष

ग्रामीणों का कहना है कि वे पीढ़ियों से इस जमीन पर रह रहे हैं और यहां मकान बनाकर बसे हुए हैं। उनका दावा है कि यह भूमि सरकारी या साझा हो सकती है, जबकि राजस्व रिकॉर्ड में इसे निजी दर्ज किया गया है। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विधायक के दबाव में ही यह कार्रवाई की जा रही है। गांव कारम नदी के पास स्थित है और जमीन विवाद लंबे समय से चल रहा है।

विवाद की जड़ और पिछली घटनाएं

यह विवाद नया नहीं है। सिरसोदिया गांव में विधायक कालूसिंह ठाकुर और स्थानीय ग्रामीणों के बीच जमीन को लेकर पहले भी कई बार टकराव हो चुका है। जनवरी 2026 में विधायक पर ही गांव में पथराव हुआ था, जिसमें उनके सिर में गंभीर चोट आई थी और पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा, हाल ही में विधायक पर एक महिला और उसकी बेटी द्वारा गाली-गलौज, मारपीट और धमकी देने का आरोप लगा था, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई हैं।

यह मामला अब कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर उलझा हुआ है। कोर्ट के फैसले के बावजूद ग्रामीण अतिक्रमण हटाने के खिलाफ हैं, जबकि प्रशासन कानून के अनुसार कार्रवाई कर रहा है। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।

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