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MP News: जानिए मुरैना में सांप कटने के बाद भी कैसे हुआ घातक, चारा काटते युवती को डंसकर बरपाया कहर

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के सबलगढ़ तहसील में एक ऐसी दर्दनाक घटना घटी है, जो सांप के काटने की भयावहता और ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा सुविधाओं की कमी को बेरहम सच्चाई के आईने की तरह उजागर कर रही है। एक 18 वर्षीय युवती, जो अपने घर पर मवेशियों के लिए हरा चारा काट रही थी, वह चारे में छिपे एक सांप का शिकार बन गई।

आश्चर्यजनक रूप से, सांप चारा काटने वाली मशीन में फंसकर तीन टुकड़ों में कट गया, लेकिन उसके सिर वाले हिस्से ने फिर भी युवती को काट लिया। सांप के जहर ने उसके शरीर को जकड़ लिया और देरी से इलाज के कारण उसकी जान चली गई। यह घटना न केवल परिवार को शोक में डुबो रही है, बल्कि पूरे इलाके में सर्पदंश के प्रति जागरूकता और त्वरित चिकित्सा की आवश्यकता पर सवाल खड़े कर रही है।

In Morena snake bites a young woman who died while cutting fodder

घटना का पूरा विवरण: चारे में छिपा था मौत का सौदा

रविवार सुबह करीब 8 बजे का समय था। नाऊडांडा गांव, जो बामसौली पंचायत के अंतर्गत आता है, की शांत फिजा में भारती कुशवाह (18 वर्ष) अपने घर के आंगन में व्यस्त थी। पिता होरीलाल कुशवाह के साथ रहने वाली भारती एक सामान्य ग्रामीण युवती थी, जो पढ़ाई के साथ-साथ घरेलू कामों में हाथ बंटाती थी। वह मवेशियों के लिए हरा चारा काटने वाली इलेक्ट्रिक मशीन चला रही थी, जो गांवों में आम है। प्रत्यक्षदर्शी और परिवार के एक सदस्य ने बताया, "भारती ने चारा डाला और मशीन चालू की। अचानक मशीन में कुछ अटक गया। हमने देखा तो एक सांप तीन टुकड़ों में कट चुका था। सांप का निचला हिस्सा, मध्य भाग और सिर वाला हिस्सा अलग-अलग चारे में बिखर गया।"

गनीमतनजर, भारती को तुरंत चोट नहीं लगी। लेकिन जब उसने कटे चारे को उठाकर मवेशियों को देने के लिए हाथ बढ़ाया, तो सांप के सिर वाले हिस्से ने उसके दाहिने हाथ में काट लिया। परिवार के अनुसार, सांप का सिर जिंदा था और उसमें जहर भरपूर था। भारती ने चीख मारी, लेकिन तब तक जहर उसके रगों में घुल चुका था। "सिर कटने के बाद भी सांप का रिफ्लेक्स एक्शन इतना तेज होता है कि वह घंटों तक काट सकता है। भारती को तुरंत एहसास हो गया कि कुछ गड़बड़ है," एक स्थानीय निवासी ने बताया।

परिजनों ने तुरंत भारती को संभाला, लेकिन गांव में ऐसी आपात स्थिति के लिए कोई तत्काल सुविधा नहीं थी। भारती की हालत तेजी से बिगड़ने लगी - हाथ में सूजन, तेज दर्द, सांस लेने में तकलीफ और चक्कर आना। परिवार ने पहले सोचा कि मामूली चोट है, लेकिन जैसे-जैसे लक्षण बढ़े, घबराहट फैल गई।

इलाज की दौड़: झाड़फूंक से अस्पताल तक, लेकिन देर हो चुकी

भारती के काटे जाने के बाद परिजनों ने सबसे पहले गांव में ही स्थानीय झाड़फूंक और देसी इलाज का सहारा लिया। एक बुजुर्ग ने बताया, "गांव में सांप काटने पर लोग ओझा या वैद्य के पास जाते हैं। हमने नींबू और लहसुन का लेप लगाया और कुछ मंत्र पढ़े, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।" इसके बाद परिवार भारती को नजदीकी श्यामन गांव ले गया, जहां एक छोटा क्लिनिक है। वहां प्राथमिक उपचार मिला, लेकिन एंटी-वेनम इंजेक्शन की व्यवस्था नहीं थी। हालत और खराब होने पर वे नेपरी गांव पहुंचे, लेकिन वहां भी केवल दर्द निवारक दवा दी गई।

आखिरकार, दो घंटे बाद जब भारती बेहोश हो गई, तो परिवार सबलगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गया। वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने जांच की और सर्पदंश की पुष्टि की। लेकिन देरी के कारण जहर पूरे शरीर में फैल चुका था। डॉक्टरों ने बताया, "सांप का जहर न्यूरोटॉक्सिक था, जो सांस की नली को प्रभावित करता है। एंटी-वेनम दे सकते थे, लेकिन समय निकल चुका था।" भारती को मृत घोषित कर दिया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सर्पदंश को मौत का कारण बताया गया है।

परिवार के सदस्य शोकाकुल हैं। होरीलाल कुशवाह ने रोते हुए कहा, "मेरी इकलौती बेटी थी। अगर अस्पताल नजदीक होता या एम्बुलेंस जल्दी आ जाती, तो शायद बच जाती। अब क्या करूं?" भारती की मां और छोटा भाई भी सदमे में हैं। गांव में शवयात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए।

सांप का वैज्ञानिक रहस्य: कटने के बाद भी जिंदा रहता है जहर

यह घटना विज्ञान की एक भयावह सच्चाई को सामने लाती है - सांप का सिर कटने या शरीर मरने के बाद भी उसके विषदंत सक्रिय रह सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सांप की तंत्रिका प्रणाली रिफ्लेक्स एक्शन के कारण घंटों तक काम करती रहती है। एक अध्ययन के मुताबिक, सिर कटने के बाद भी सांप 30 मिनट से एक घंटे तक काट सकता है। मुरैना जैसे ग्रामीण इलाकों में मानसून के बाद सांपों का प्रकोप बढ़ जाता है, क्योंकि वे खेतों और घरों में घुस आते हैं।

डॉ एमएमपी श्रीवास्तव, होलकर साइंस कॉलेज के जूलॉजी विभाग प्रमुख, ने बताया, "सांप के काटने पर दो निशान हो तो जहरीला समझें। भारती का मामला न्यूरोटॉक्सिक जहर का लगता है, जो सांस फूलना और पैरालिसिस पैदा करता है। देसी इलाज घातक साबित होता है।" बीबीसी की एक रिपोर्ट में भी ऐसी तीन घटनाओं का जिक्र है, जहां मृत सांप ने काटा।

मध्य प्रदेश में सर्पदंश से हर साल 1,000 से ज्यादा मौतें होती हैं, जिनमें 70% ग्रामीण क्षेत्रों में। NCRB के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में मुरैना जिले में ही 50 से अधिक सांप काटने के मामले दर्ज हुए।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया: सहायता का वादा, लेकिन सवाल बाकी

रामपुर थाना प्रभारी राममंत्र गुप्ता ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा, "मौत सर्पदंश से हुई है। शासन को आर्थिक सहायता के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है। परिवार को 4 लाख रुपये की मदद मिल सकती है।" सबलगढ़ तहसीलदार ने भी गांव में जागरूकता अभियान चलाने का ऐलान किया। लेकिन स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं - गांवों में एंटी-वेनम की कमी क्यों? एम्बुलेंस सेवा कब सुधरेगी?

कांग्रेस नेता अरुण यादव ने ट्वीट किया, "ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई। सरकार सोए हुए है।" वहीं, भाजपा ने शोक व्यक्त करते हुए जांच के आदेश दिए।

डॉ. श्रवण कुमार, सदर अस्पताल, ने सलाह दी:

  • तुरंत कार्रवाई: काटने पर घाव को धोएं, इमोबिलाइज करें और नजदीकी अस्पताल जाएं। झाड़फूंक न करें।
  • लक्षण पहचान: सूजन, दर्द, उल्टी, सांस फूलना - ये जहरीले सांप के संकेत।
  • रोकथाम: घर-खेत साफ रखें, जूते पहनें, रात में टॉर्च का इस्तेमाल करें।
  • आपात नंबर: 108 एम्बुलेंस या 102 पर कॉल करें।
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