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MP News: मोहन सरकार क्यों ले रही 4,000 करोड़ रुपए का लोन, लाड़ली बहना और सेवा पर्व पर कितना हो रहा खर्च, जानिए

मध्य प्रदेश की मोहन सरकार एक बार फिर कर्ज के रास्ते पर चल पड़ी है। 9 सितंबर 2025 को सरकार 4,000 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने जा रही है, जो तीन हिस्सों में बाजार से उधार लिया जाएगा। यह कर्ज लाड़ली बहना योजना, सेवा पर्व, और विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए उपयोग किया जाएगा।

इससे पहले 26 अगस्त 2025 को सरकार ने 4,800 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक लिया गया कुल कर्ज 31,900 करोड़ रुपये हो गया है, और राज्य पर बकाया कर्ज की राशि 4,53,640.27 करोड़ रुपये के पार पहुँच जाएगी। इस बढ़ते कर्ज ने आर्थिक नीतियों और राजस्व प्रबंधन पर सवाल खड़े किए हैं। आइए, इस कर्ज की पूरी कहानी और इसके पीछे की रणनीति पर नजर डालते हैं।

MP Mohan Yadav government new loan bet Rs 4 000 crore loan Ladli Behna Yojana

तीन किश्तों में लिया जाएगा 4,000 करोड़ का कर्ज

मध्य प्रदेश सरकार यह कर्ज रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के माध्यम से बाजार से उधार ले रही है। 9 सितंबर 2025 को यह राशि तीन हिस्सों में ली जाएगी, जिसका विवरण इस प्रकार है:

पहला ऋण: 1,500 करोड़ रुपये

  • अवधि: 17 साल (सितंबर 2042 तक)
  • ब्याज भुगतान: हर 6 महीने में
  • विवरण: यह लोन लंबी अवधि के लिए लिया जा रहा है, जिसका उपयोग बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाओं में किया जाएगा।

दूसरा ऋण: 1,500 करोड़ रुपये

  • अवधि: 19 साल (सितंबर 2044 तक)
  • ब्याज भुगतान: हर 6 महीने में
  • विवरण: यह राशि मुख्य रूप से सामाजिक कल्याण योजनाओं, जैसे लाड़ली बहना योजना, और सितंबर में होने वाले सेवा पर्व के लिए उपयोग होगी।

तीसरा ऋण: 1,000 करोड़ रुपये

  • अवधि: 20 साल (2041 तक), नवंबर 2021 के ऋण का री-इश्यू
  • विवरण: यह राशि पुराने कर्ज के पुनर्जनन (री-इश्यू) के तहत ली जा रही है, जिससे पुराने ऋणों का प्रबंधन और ब्याज दरों को अनुकूलित किया जा सके।
  • यह पूरी राशि 10 सितंबर 2025 को सरकार के खाते में जमा होगी। वित्त विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "यह कर्ज RBI की गाइडलाइंस के तहत लिया जा रहा है। हम सुनिश्चित करेंगे कि इसका उपयोग पारदर्शी और प्रभावी ढंग से हो।"

कर्ज का उपयोग: लाड़ली बहना, सेवा पर्व, और विकास परियोजनाएं

मोहन सरकार ने इस कर्ज का उपयोग अपनी प्रमुख योजनाओं और परियोजनाओं के लिए करने की योजना बनाई है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा, "यह कर्ज लाड़ली बहना योजना की किस्तों, सेवा पर्व जैसे सामाजिक आयोजनों, और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, जल जीवन मिशन, और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट जैसी बड़ी परियोजनाओं के लिए उपयोग होगा।"

लाड़ली बहना योजना: इस योजना के तहत लाखों महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है। 2025-26 में इस योजना के लिए 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा गया है।

सेवा पर्व: सितंबर में आयोजित होने वाला यह आयोजन सामाजिक कल्याण और जनसेवा पर केंद्रित है, जिसमें विभिन्न योजनाओं का लाभ जनता तक पहुँचाया जाता है।

विकास परियोजनाएं: इंदौर, भोपाल, और उज्जैन में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स, सिम्हस्थ मेला 2028 की तैयारियाँ, और सड़क-जल परियोजनाएँ इस कर्ज का मुख्य लक्ष्य हैं।

मध्य प्रदेश का कर्ज: 4.53 लाख करोड़ के पार

वित्त वर्ष 2025-26 में मोहन सरकार ने अब तक कई बार कर्ज लिया है। 9 सितंबर 2025 के कर्ज के बाद इस वित्त वर्ष में कुल कर्ज 31,900 करोड़ रुपये हो जाएगा। इसके साथ ही, 31 मार्च 2025 तक राज्य पर बकाया कर्ज 4,21,740.27 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 4,53,640.27 करोड़ रुपये हो जाएगा।

इस वित्त वर्ष में कब-कब लिया गया कर्ज?

1. 7 मई 2025:

  • 2,500 करोड़ रुपये (12 साल, 2037 तक)
  • 2,500 करोड़ रुपये (14 साल, 2039 तक)

2. 4 जून 2025:

  • 2,000 करोड़ रुपये (16 साल)
  • 2,500 करोड़ रुपये (18 साल)

3. 8 जुलाई 2025:

  • 2,500 करोड़ रुपये (16 साल)
  • 2,300 करोड़ रुपये (18 साल)

4. 30 जुलाई 2025:

4,300 करोड़ रुपये (17 और 23 साल की अवधि)

5. 5 अगस्त 2025:

4,000 करोड़ रुपये (18, 20, और 23 साल की अवधि)

6. 26 अगस्त 2025:

  • 2,500 करोड़ रुपये (20 साल)
  • 2,300 करोड़ रुपये (18 साल)

7. 9 सितंबर 2025:

  • 1,500 करोड़ रुपये (17 साल)
  • 1,500 करोड़ रुपये (19 साल)
  • 1,000 करोड़ रुपये (20 साल, री-इश्यू)

वित्त विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "यह कर्ज लोन लिमिट के भीतर लिया जा रहा है। हमारा राजस्व अधिशेष हमें इस कर्ज को प्रबंधित करने में मदद करता है।"

राजस्व अधिशेष का दावा: सरकार की सफाई

मोहन सरकार ने बढ़ते कर्ज के बीच राजस्व अधिशेष (Revenue Surplus) का हवाला दिया है। वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार की कुल आय 2,34,026.05 करोड़ रुपये और खर्च 2,21,538.27 करोड़ रुपये था, जिसके परिणामस्वरूप 12,487.78 करोड़ रुपये का राजस्व अधिशेष रहा।

वित्त वर्ष 2024-25 के संशोधित अनुमान के अनुसार, प्रदेश की आय 2,62,009.01 करोड़ रुपये और खर्च 2,60,983.10 करोड़ रुपये रहने की संभावना है, जिससे 1,025.91 करोड़ रुपये का अनुमानित राजस्व अधिशेष होगा। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा, "हमारी आर्थिक स्थिति मजबूत है। हम कर्ज को नियंत्रित और प्रभावी ढंग से प्रबंधित कर रहे हैं।"

विपक्ष का हमला: कर्ज का बोझ चिंताजनक

कांग्रेस ने इस कर्ज को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा, "मोहन सरकार कर्ज के जाल में प्रदेश को फँसा रही है। 4.53 लाख करोड़ का कर्ज भविष्य की पीढ़ियों पर बोझ डालेगा। सरकार को राजस्व बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।" कमलनाथ ने ट्वीट किया, "BJP की कर्ज नीति मध्य प्रदेश को बर्बाद कर रही है। लाड़ली बहना के नाम पर कर्ज लेकर जनता को गुमराह किया जा रहा है।

आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। एक नेता ने कहा, "कर्ज लेना आसान है, लेकिन इसे चुकाने की रणनीति क्या है? सरकार को पारदर्शिता दिखानी चाहिए।"

आर्थिक प्रभाव

अर्थशास्त्रियों ने चेतावनी दी है कि बढ़ता कर्ज ब्याज भुगतान और आर्थिक स्थिरता पर दबाव डाल सकता है। इंदौर के अर्थशास्त्री डॉ. रमेश शर्मा ने कहा, "4.53 लाख करोड़ का कर्ज चिंताजनक है। सरकार को राजस्व बढ़ाने के लिए उद्योगों और निवेश को बढ़ावा देना चाहिए।"

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