MP News: मदरसे से कैसे मिले ₹20 लाख के नकली नोट, क्या है इमाम के कमरे और मालेगांव का राज, जानिए पूरी साजिश
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में नकली नोटों की तस्करी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जो एक मदरसे के इमाम के कमरे तक पहुंच गया। पैठियां गांव की मस्जिद में तैनात इमाम जुबेर अंसारी के कमरे से करीब 20 लाख रुपये के नकली नोट बरामद हुए हैं। यह खुलासा तब हुआ जब महाराष्ट्र के मालेगांव पुलिस ने जुबेर और उसके साथी को हाईवे पर दबोचा।
पुलिस का शक है कि यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है, जो महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के बीच नकली नोटों की सप्लाई चेन चला रहा है। बैग में भरे 500-500 के नोटों के बंडल देखकर गांव वाले हैरान हैं, जबकि पुलिस पूरे गैंग की तलाश में जुटी है। आइए, इस पूरे घटनाक्रम को विस्तार से समझते हैं - मालेगांव हाईवे से मदरसे के कमरे तक की साजिश, इमाम की संदिग्ध छुट्टियां और तस्करी के नेटवर्क का राज।

मालेगांव हाईवे पर जाल: 10 लाख के नकली नोटों के साथ धर दबोचे गए आरोपी
मामला की शुरुआत 26 अक्टूबर 2025 को महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव से हुई। मुंबई-आगरा हाईवे पर होटल एवन के पास मालेगांव पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि दो संदिग्ध व्यक्ति नकली नोटों की तस्करी कर रहे हैं। पुलिस ने तुरंत जाल बिछा दिया। रात के अंधेरे में दोनों आरोपी - जुबेर अंसारी (उम्र 32 वर्ष) और नजीम अकम अयूब अंसारी (उम्र 28 वर्ष) - एक चॉकलेट रंग के IMPEX कंपनी के बैग के साथ आते दिखे। तलाशी लेते ही पुलिस के होश उड़ गए।
बैग में 500 रुपये मूल्य के 2000 नकली नोटों के बंडल भरे पड़े थे, जिनकी कुल कीमत 10 लाख रुपये थी। इसके अलावा दो मोबाइल हैंडसेट, कुछ दस्तावेज और अन्य सामान भी बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 20 हजार रुपये बताई जा रही है। कुल मिलाकर 10 लाख 20 हजार रुपये मूल्य का माल जब्त किया गया। नोटों की प्रारंभिक जांच में साफ हो गया कि ये पूरी तरह नकली हैं - वॉटरमार्क गायब, सिक्योरिटी थ्रेड टूटी हुई और प्रिंटिंग क्वालिटी संदिग्ध।
मालेगांव पुलिस ने तुरंत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 179 (नकली मुद्रा जारी करने का प्रयास), 180 (नकली मुद्रा का उपयोग) और 3(5) (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज किया। दोनों आरोपियों को 8 दिनों की पुलिस कस्टडी में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई। एसपी नासिक ने बताया, "ये नोट महाराष्ट्र में बाजार में उतारने की तैयारी में थे। हमारी तत्परता से बड़ा नुकसान टल गया।"
पैठियां गांव में खुलासा: जावर के शख्स की सूचना से मदरसे पर छापा
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। खंडवा जिले के जावर थाना क्षेत्र के एक स्थानीय निवासी ने मीडिया रिपोर्ट्स में जुबेर अंसारी की फोटो देखी। उसे याद आया कि यह वही शख्स है जो पैठियां गांव की मस्जिद का इमाम है। बिना देर किए उसने जावर पुलिस को सूचना दी। "मैंने न्यूज चैनल पर देखा तो चौंक गया। पैठियां का इमाम नकली नोटों के साथ पकड़ा गया? यह तो गांव के लिए कलंक है," उसने बताया।
जावर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। मालेगांव पुलिस से संपर्क कर पूरी डिटेल ली गई। 27 अक्टूबर को खंडवा पुलिस की एक टीम पैठियां गांव पहुंची। गांव में मस्जिद और मदरसे के आसपास लोगों से पूछताछ की गई। मस्जिद के सदर कलीम खान ने बताया, "जुबेर तीन महीने पहले ही यहां इमाम बना था। वह बुरहानपुर का रहने वाला है। हमने ज्यादा फॉर्मेलिटी नहीं की, बस भरोसा किया।" पूछताछ में पता चला कि जुबेर 26 अक्टूबर को 'मां की तबीयत खराब' का बहाना बनाकर छुट्टी पर गया था और तब से लौटा नहीं।
शक की सुई इमाम के कमरे पर अटकी। पुलिस ने मदरसे पर छापा मारा। जुबेर के कमरे की तलाशी में एक पुराने सूटकेस के नीचे छिपा एक काला बैग मिला। बैग खोला तो अंदर 500-500 के नोटों के बंडल भरे थे। गिनती करने पर कुल 19 लाख 78 हजार रुपये के नकली नोट निकले। ये नोट भी वैसी ही क्वालिटी के थे - 500 के नोट, लेकिन बिल्कुल नकली। पुलिस ने बैग, नोटों के अलावा कुछ दस्तावेज और एक डायरी भी बरामद की, जिसमें संख्याओं के कोड लिखे मिले।
खंडवा एसपी विवेक सिंघल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "यह खुलासा स्थानीय नागरिक की सतर्कता का नतीजा है। जुबेर ने मदरसे को तस्करी का ठिकाना बना लिया था। हम पूछताछ में सच्चाई उगलवाएंगे।" जुबेर को गिरफ्तार कर मालेगांव पुलिस के हवाले कर दिया गया। अब दोनों आरोपी संयुक्त पूछताछ में हैं।
इमाम जुबेर का राज: बुरहानपुर से पैठियां, संदिग्ध छुट्टियां और तस्करी का कनेक्शन
जुबेर अंसारी की पृष्ठभूमि अब सामने आ रही है। मूल रूप से बुरहानपुर जिले का रहने वाला जुबेर पहले पड़ोस के बेनपुरा डोंगरी गांव में इमाम था। वहां एक नया इमाम आने पर उसे हटा दिया गया। पैठियां मस्जिद के सदर कलीम खान ने उसे अप्रोच किया और तीन महीने पहले नियुक्त कर लिया। "हमने सोचा एक अच्छा इमाम मिल गया। लेकिन लिखा-पढ़ी ज्यादा नहीं की, क्योंकि बुरहानपुर से था," कलीम ने अफसोस जताया।
पता चला कि जुबेर ने तीन महीनों में कई बार 'परिवारिक कारणों' से छुट्टी ली। कभी मां की तबीयत, कभी भाई की शादी - बहाने बनाए। आखिरी बार 26 अक्टूबर को वह गया और लौटा नहीं। पूछताछ में जुबेर ने कबूल किया कि बुरहानपुर में उसके रिश्तेदार नकली नोटों की छपाई से जुड़े हैं। "मैं सिर्फ कूरियर का काम करता था। पैठियां में छिपाने के लिए सुरक्षित लगता था," उसने कहा। नजीम उसका चचेरा भाई है, जो ड्राइवर का काम करता था। दोनों महाराष्ट्र की ओर नोट ले जा रहे थे, जहां बाजार में उतारने का प्लान था।
पुलिस का मानना है कि जुबेर ने मदरसे को स्टोरेज पॉइंट बनाया। कमरा अकेला, गांव दूर - आदर्श जगह। डायरी में कोडेड एंट्रीज से साफ है कि यह पहली बार नहीं था। "3 महीने में 5-6 ट्रिप्स हो चुकी हैं," एक अधिकारी ने बताया।
नकली नोट तस्करी का बड़ा नेटवर्क: बुरहानपुर से महाराष्ट्र, सप्लाई चेन की तलाश
पुलिस का शक है कि यह अकेला मामला नहीं, बल्कि एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा है। आरोपी बुरहानपुर के हैं, जो मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र बॉर्डर पर है। नकली नोट संभवतः उत्तर प्रदेश या दिल्ली से आते हैं, बुरहानपुर में स्टॉक होते हैं और महाराष्ट्र में वितरित। "500 के नोटों का इस्तेमाल इसलिए क्योंकि छोटे लेन-देन में आसानी," विशेषज्ञ ने कहा।
मालेगांव और खंडवा पुलिस की संयुक्त टीम अब सप्लाई चेन की जांच कर रही है। जुबेर के फोन से कई नंबर मिले, जिनकी लोकेशन ट्रैक की जा रही है। बुरहानपुर में छापे मारे गए, जहां एक प्रिंटिंग प्रेस पर शक है। नजीम ने बताया कि नोट 'ऊपर से' आते हैं, लेकिन डिटेल्स छिपा रहा है। एसआईटी गठित की गई है, जो 15 दिनों में रिपोर्ट देगी।
वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में मध्य प्रदेश में 50 करोड़ से अधिक के नकली नोट जब्त हो चुके हैं। यह मामला उस चेन का लिंक लगता है।
गांव में हड़कंप: मस्जिद पर सवाल, सामाजिक बहिष्कार की आशंका
पैठियां गांव में हड़कंप मच गया। मस्जिद के बाहर ग्रामीण जमा हो गए। "इमाम पर भरोसा था, लेकिन यह धोखा," एक बुजुर्ग ने कहा। सदर कलीम खान ने सफाई दी, "हम अनजान थे। अब सतर्क रहेंगे।" मदरसे के बच्चे डरे हुए हैं, अभिभावक नाराज। जिला प्रशासन ने मस्जिद कमेटी को नोटिस जारी किया है - भविष्य में बैकग्राउंड चेक अनिवार्य।
विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता ने कहा, "सीमा पर निगरानी कमजोर है। नकली नोटों का जाल फैल रहा है।" बीजेपी ने लोकल पुलिस की तारीफ की।
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