Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

NHM, आउटसोर्स और मेडिकल शिक्षा कर्मचारियों का संयुक्त प्रदर्शन, सरकार से त्वरित समाधान की मांग

MP News: मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में कार्यरत नियमित, एनएचएम संविदा, आउटसोर्स, एड्स नियंत्रण समिति संविदा, रोगी कल्याण समिति और गैस राहत कर्मचारियों ने आज से चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। समस्त स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी महासंघ के तत्वाधान में प्रदेशभर के सभी जिलों में 2 फरवरी को आंदोलन के प्रथम चरण में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों के माध्यम से प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपा गया।

महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह कौरव ने बताया कि वर्षों से लंबित 14 सूत्रीय मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं होने से विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि अधिकांश मांगें अनार्थिक और सैद्धांतिक हैं, जिन्हें लागू करने में कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ता। फिर भी शासन और विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।

mp health medical education department employees protest 14 demands february 2026

भोपाल में ज्ञापन सौंपने का दृश्य

राजधानी भोपाल में डॉ मनीष शर्मा (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला भोपाल) ने प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि विभाग अंतर्गत कार्यरत सभी श्रेणियों के कर्मचारियों की लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए और शीघ्र आदेश/निर्देश जारी किए जाएं।

14 सूत्रीय मांगों का मुख्य बिंदु

महासंघ के अनुसार, मांगें मुख्य रूप से सेवा सुरक्षा, वेतनमान, प्रमोशन, नियमितीकरण, महंगाई भत्ता, पेंशन, ग्रेच्युटी, स्वास्थ्य बीमा, अनुकंपा नियुक्ति, कार्यस्थल पर सुरक्षा और अन्य सेवा शर्तों से जुड़ी हैं। इनमें से अधिकांश मांगें वर्षों से लंबित हैं और कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम

सुरेंद्र सिंह कौरव ने आंदोलन की रूपरेखा साझा करते हुए कहा कि जब तक मांगों पर संतोषजनक आदेश नहीं आते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन का कार्यक्रम इस प्रकार है:

  • 9 फरवरी 2026: सभी जिलों में जनप्रतिनिधियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
  • 16 एवं 17 फरवरी 2026: काली पट्टी लगाकर जिला स्तर पर प्रदर्शन।
  • 23 फरवरी 2026: एनएचएम कार्यालय पर प्रदर्शन, उपमुख्यमंत्री (स्वास्थ्य) को ज्ञापन।
  • 24 फरवरी 2026: स्वास्थ्य संचालनालय पर प्रदर्शन और न्याय यात्रा के माध्यम से मुख्यमंत्री से गुहार।
  • 26 फरवरी 2026: अपने कार्य से एक घंटा अतिरिक्त कार्य (मरीज सेवा)।
  • 27 फरवरी 2026: दो घंटा अतिरिक्त कार्य।
  • 28 फरवरी 2026: सुंदरकांड पाठ और सतबुद्धि यज्ञ।

कौरव ने स्पष्ट किया कि इस दौरान मरीजों की सेवा को ध्यान में रखा जाएगा। लेकिन यदि समय-सीमा में मांगों का निराकरण नहीं हुआ, तो प्रदेशव्यापी हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गई है। ऐसी स्थिति में जवाबदेही शासन और विभाग की होगी।

कर्मचारियों का गुस्सा और विभाग पर दबाव

महासंघ का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाले कर्मचारी कोरोना काल से लेकर अब तक अग्रिम पंक्ति में खड़े रहे हैं। फिर भी उनकी सेवा शर्तों में सुधार नहीं हुआ। संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और अन्य लाभों का इंतजार है। महासंघ ने कहा कि यदि मांगें अनसुनी रहीं, तो स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। यह आंदोलन स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से चले आ रहे असंतोष का परिणाम है। आने वाले दिनों में प्रदर्शन और तेज होने की आशंका है।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+