MP News: मंत्री प्रहलाद पटेल का बड़ा ऐलान, एमपी में 33 हजार ग्राम सहायकों की होगी भर्ती, जानिए पूरी प्रक्रिया
MP News Jobs: मध्य प्रदेश के युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत और रोजगार की खुशखबरी सामने आई है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने प्रदेश में 33 हजार ग्राम सहायकों के पदों पर भर्ती का ऐलान किया है।
इसके साथ ही पंचायत सचिवों की भर्ती प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव किया गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस भर्ती से न सिर्फ ग्रामीण युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि पंचायत व्यवस्था को भी पहले से ज्यादा मजबूत और प्रभावी बनाया जाएगा।

ग्राम सहायकों की 33 हजार पदों पर भर्ती
मंत्री प्रहलाद पटेल ने बताया कि वर्ष 2025 में ही 33 हजार ग्राम सहायक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए अगले दो से तीन महीनों में विस्तृत प्रक्रिया जारी कर दी जाएगी। यह भर्ती प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक और विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से की जा रही है।
उन्होंने कहा कि ग्राम सहायक पंचायत स्तर पर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन, रिकॉर्ड संधारण, डिजिटल कार्य, भुगतान प्रक्रिया और ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने में अहम भूमिका निभाएंगे।
पात्रता में बड़ा बदलाव, अब ग्रेजुएशन अनिवार्य
भर्ती प्रक्रिया में एक अहम संशोधन भी किया गया है। पहले ग्राम सहायक और पंचायत सचिव पदों के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं पास रखी गई थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर स्नातक (Graduation) कर दिया गया है। मंत्री ने कहा कि पंचायत स्तर पर काम की प्रकृति अब तकनीकी और डिजिटल हो चुकी है, ऐसे में उच्च शैक्षणिक योग्यता जरूरी है।
पंचायत सचिवों की भर्ती: आधे पद रोजगार से, आधे परीक्षा से
पंचायत सचिवों की भर्ती को लेकर भी मंत्री प्रहलाद पटेल ने स्थिति साफ की। उन्होंने बताया कि पंचायत सचिव के पदों को दो हिस्सों में भरा जाएगा-
- 50 प्रतिशत पद रोजगार सहायक/अनुभवी कर्मियों के माध्यम से
- 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती परीक्षा के जरिए
इस व्यवस्था से जहां एक ओर अनुभव को महत्व मिलेगा, वहीं दूसरी ओर नए युवाओं को भी परीक्षा के जरिए अवसर मिल सकेगा।
गांवों को मजबूत बनाना है सरकार का लक्ष्य
मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि इन सभी योजनाओं और भर्तियों का उद्देश्य केवल नौकरी देना नहीं है, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर, सशक्त और सुविधासंपन्न बनाना है। पंचायतों में मानव संसाधन मजबूत होगा तो योजनाओं का लाभ सीधे और समय पर ग्रामीणों तक पहुंचेगा। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों का फोकस इस बात पर है कि हर प्रकार का भुगतान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश न रहे।
पंचायत और जनपद भवनों के लिए बड़ा बजट
- ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ा वित्तीय प्रावधान भी किया है-
- पंचायत भवनों के निर्माण के लिए 922 करोड़ रुपये
- जनपद पंचायत भवनों के लिए 557 करोड़ रुपये
मंत्री ने बताया कि आने वाले समय में पंचायत और जनपद भवन दो मंजिला बनाए जा सकेंगे, ताकि कार्यालयों में जगह की कमी की समस्या खत्म हो और एक ही परिसर में ज्यादा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
दिसंबर 2026 तक हर गांव में श्मशान और पक्की सड़क
मंत्री प्रहलाद पटेल ने यह भी जानकारी दी कि सरकार का लक्ष्य है कि दिसंबर 2026 तक प्रदेश के हर गांव में श्मशान की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए पक्की सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण इलाकों में 1765 पुल और पुलियों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे दूर-दराज के गांवों की पहुंच आसान होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
युवाओं और पंचायतों के लिए बड़ा मौका
कुल मिलाकर मंत्री प्रहलाद पटेल का यह ऐलान प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर लेकर आया है। 33 हजार ग्राम सहायकों की भर्ती, पंचायत सचिवों की नई प्रक्रिया और पंचायत भवनों पर भारी निवेश से साफ है कि सरकार ग्रामीण विकास को अपनी प्राथमिकता बना रही है। आने वाले महीनों में भर्ती प्रक्रिया शुरू होते ही गांवों में रोजगार और प्रशासनिक मजबूती दोनों का असर साफ दिखाई देगा।
(रिपोर्ट: वनइंडिया हिंदी संवाददाता।












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