लॉकडाउन के चलते दूसरे प्रदेशों में फंसे एमपी के मजदूरों के खाते में 1000 रुपए भेजेगी शिवराज सिंह चौहान सरकार
भोपाल। कोरोना वायरस का संक्रमण कम करने के लिए सरकार ने देशभर में लॉकडाउन अवधि को तीन मई तक के लिए बढ़ा दिया है। मंगलवार सुबह दस बजे पीएम नरेन्द्र मोदी के देश के नाम सम्बोधन के बाद लॉकडाउन हटने की उम्मीद में घर जाने के लिए मुम्बई, सूरत समेत कई जगहों पर मजदूरों की भारी भीड़ देखी गई। कोरोना संकट में इस भीड़ ने हर किसी की चिंता बढ़ा दी।

दूसरे प्रदेशों के सीएम से की बात
मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार ने दूसरे प्रदेशों में फंसे अपने यहां के लोगों की आर्थिक मदद की घोषणा की है। एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि बड़ी संख्या हमारे यहां के मजदूर दूसरे प्रदेशों में फंसे हुए हैं। लॉकडाउन अवधि बढ़ाए जाने के बाद एक बार फिर उनकी घर वापसी मुश्किल हो गई है। जो मजदूर फंसे हुए हैं। उनके लिए संबंधित मुख्यमंत्री से बात करके भोजन व रहने की व्यवस्था करवाने को कहा है।

सूची बनाने के निर्देश दिए
इसके अलावा मध्य प्रदेश सरकार ने ऐसे मजदूरों के खातों में एक हजार रुपए की राशि जमा करवाने का भी फैसला लिया है। जो मजदूर जहां भी है। वहां इस संकट की घड़ी में अपने खाते से राशि निकाल सकता है। सीएम चौहान ने कहा कि दूसरे प्रदेशों में फंसे मध्य प्रदेश के मजदूरों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उनके प्रतिनिधि ऐसे लोगों की सूची बनाकर मुख्यमंत्री या संबंधित जिला कलेक्टर कार्यालय भिजवाए ताकि उन्हें आर्थिक मदद भेजी जा सके।
जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा
मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस के सबसे बड़े हॉटस्पॉट इंदौर के लोगों से सीएम चौहान ने कहा कि यहां कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ने पर लोग डरे नहीं। यदि कोई व्यक्ति यह नहीं जानता कि वो पॉजिटिव है या नहीं तो वो खुद के साथ-साथ अन्य लोगों की जिंदगी भी जोखिम में डाल रहा है। इसलिए मध्य प्रदेश सरकार ने बड़े पैमाने पर लोगों के स्वास्थ्य की जांच का फैसला लिया है ताकि बढ़ते हुए कोरोना को रोका जा सके।












Click it and Unblock the Notifications