जर्मनी से 1120 करोड़ रुपये का ऋण लेकर विद्युत विकास करेगी MP सरकार
जबलपुर में विद्युत विकास के लिए राज्य शासन ने के.एफ.डब्ल्यू. बैंक जर्मनी से 1120 करोड़ रूपए के ऋण का करार किया है।
भोपाल, 29 अप्रैल। मध्यप्रदेश सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित कर उन्नत बनाने के लिए ऊर्जा विभाग ने आज केएफडब्ल्यू डेव्लपमेंट बैंक जर्मनी के साथ ऋण एवं अनुदान हेतु अनुबंध हस्ताक्षर किए। भोपाल में पावर मैनेजमेंट कंपनी के क्षेत्रीय कार्यालय में राज्य शासन की ओर से ऊर्जा विभाग के सचिव व एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक श्री विवेक पोरवाल, एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी की ओर से डायरेक्टर कॉमर्शियल राजीव केसकर एवं बैंक के प्रतिनिधि के तौर पर श्री हेमंत भटनागर ने इस आश्य के अनुबंध पत्रों पर हस्ताक्षर कर प्रदेश के विद्युत क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया। प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों में प्रस्तावित विभिन्न विकास कार्यो के लिए 1400 करोड़ रूपए के वित्त पोषण हेतु पृथक ऋण अनुबंध, पृथक अनुदान अनुबंध एवं प्रोजेक्ट अनुबंध हस्ताक्षरित किए गए।

इस वृहद योजना में 1120 करोड़ रूपए का ऋण के.एफ.डब्ल्यू डेव्लपमेंट बैंक प्रदान करेगा। प्रदेश शासन इस योजना में शेष 280 करोड़ रूपए की राशि ऊर्जा विभाग को उपलब्ध कराएगा। विद्युत सुधार के इन प्रयासों से प्रदेश में मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी व पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनियों के कार्य क्षेत्र में स्मार्ट मीटरिंग, फीडर सेपरेशन जैसे कार्य किए जा सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने 23 दिसम्बर 2021 को के.एफ.डब्ल्यू डेव्लपमेंट बैंक जर्मनी के साथ ऋण अनुबंध एवं अनुदान अनुबंध हस्ताक्षरित किया था। मध्यप्रदेश शासन इसी अनुबंध के आधार पर प्रदेश के विद्युत क्षेत्र को सुदढ़ बनाने हेतु प्रयासरत है।
बता दें मध्यप्रदेश में पहले से ही घाटे में चल रही विद्युत वितरण कंपनियां सरकार पर लगातार भोज बढ़ा रही हैं। ऐसे में जर्मनी के बैंक से लिया गया लोन विद्युत क्षेत्र को कितना सुदढ़ बनाएगा ? एक सवाल और खड़ा होता है कि आम जनता इससे सस्ती बिजली मिलेगी क्या ?
आपको बता दें 8 अप्रैल से मध्यप्रदेश में बिजली महंगी हो गई है दरअसल राज्य विद्युत नियामक आयोग ने प्रदेश में बिजली की दरों में इजाफा करने का ऐलान किया है। जिसके कारण अप्रैल महीने में बिजली के बिल ज्यादा आ रहे हैं।
8 से 12 पैसे प्रति यूनिट महंगी हुई बिजली
मध्य प्रदेश में 8 अप्रैल से बिजली महंगी हो गई हैं। मध्य प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव सरकार को भेजा था। जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया था। जिसके बाद अब बिजली की दरों में 2.64% की वृद्धि हुई हैं। आपको बता दें बिजली की दरों में होने वाले इजाफे का घरेलू उपभोक्ताओं पर सबसे ज्यादा असर पड़ता हैं। इसका सबसे ज्यादा असर मिडल क्लास फैमिली पर पड़ता है खासकर वो वर्ग जो 50 से लेकर डेढ़ सौ यूनिट खर्च करता है, वे इससे प्रभावित होगा।












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