GST और ओबीसी आरक्षण पर MP कांग्रेस का तीखा पलटवार, भोपाल न्यू मार्केट में जीतू पटवारी का व्यापारियों से संवाद
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू) पटवारी ने 24 सितंबर 2025 को भोपाल के न्यू मार्केट में व्यापारियों और आम लोगों के साथ जीएसटी सुधारों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे हमले बोले, खासकर जीएसटी को 'गब्बर सिंह टैक्स' बताते हुए पिछले आठ वर्षों की वसूली को लौटाने की मांग की।
पटवारी ने कहा कि जीएसटी लागू होने से ही कांग्रेस ने इसका विरोध शुरू कर दिया था, लेकिन अब सरकार बदलाव का जश्न मना रही है, जो जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा है। उन्होंने सवाल उठाया, "क्या आपने इतने साल पैसे लिए, वो वापस करोगे?" साथ ही, गोमांस पर जीरो प्रतिशत जीएसटी को लेकर भाजपा पर 'नकली गौ-भक्त' होने का आरोप लगाया।

गोमांस पर जीरो टैक्स का मुद्दा
पटवारी ने गोमांस (ताजा और फ्रोजन) पर जीएसटी शून्य रखने के गजट नोटिफिकेशन का हवाला देते हुए कहा कि यह फैसला गाय कटाई को प्रोत्साहन देता है। उन्होंने तंज कसा, "गजट नोटिफिकेशन भांग खाकर तैयार किया था क्या? ये ही अधिकारी थे, ये ही सरकार थी, इनके ही मुख्यमंत्री थे। गजट नोटिफिकेशन मुख्यमंत्री के सिग्नेचर के बिना नहीं होते, कैबिनेट की मंजूरी और राज्यपाल के साइन से होता है।" पटवारी ने जोर देकर कहा, "जब उत्पादन नहीं होता, तो जीरो टैक्स क्यों? जीरो परसेंट टैक्स उसको दिया जाता है जिसको प्रोत्साहन दिया जाता है। हम मूर्ख नहीं हैं, मूर्ख आपकी सरकार है। मोहन जी, आप मुख्यमंत्री हो या सरकश के जोकर?"
इसके जवाब में, भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि पटवारी को कानून की जानकारी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2004 में मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने गोकशी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था, जिसमें गाय काटना, बेचने की नीयत से रखना या राज्य से बाहर ले जाना प्रतिबंधित है। फिर भी, पटवारी ने 26-27 सितंबर को प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की, जिसमें बड़े शहरों में 26 को विरोध प्रदर्शन और 27 को कस्बों में अभियान चलेगा। उन्होंने कहा, "हम गाय नहीं कटने देंगे।" पटवारी ने यह भी आरोप लगाया कि भारत से गोमांस निर्यात के रिकॉर्ड टूटे हैं, और यह जीएसटी छूट इसका प्रमाण है।
पटवारी ने आयकर रिफंड की तर्ज पर जीएसटी रिफंड की मांग भी की, दावा किया कि पिछले वर्षों में 55 लाख करोड़ रुपये वसूले गए, जो गरीब-मध्यम वर्ग पर बोझ बने, जबकि बड़े उद्योगपतियों को फायदा हुआ।
ओबीसी आरक्षण पर पलटवार: 'सरकार दोषी, 100 करोड़ देकर रोक रही'
ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के बयानों का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस ने ही 27% ओबीसी आरक्षण लाकर लागू किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने मीटिंग में कांग्रेस को बुलाया, लेकिन 100 करोड़ रुपये देकर वकीलों से आरक्षण रोकवाया। "हमने बिना ईगो के उनके घर गए, लेकिन उनके वकीलों ने कहा तैयारी नहीं, 4 महीने की मोहलत मांग ली। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि इतना समय नहीं देंगे, अगले महीने की 8 तारीख तक का समय दिया। सरकार कितने भी बहाने बनाए, ओबीसी आरक्षण में दोषी है।"

24 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान वकीलों की तैयारी न होने पर कोर्ट ने फटकार लगाई और कहा, "लगता है आप आर्गुमेंट करना ही नहीं चाहते।" पटवारी ने ओबीसी भाई-बहनों को आश्वासन दिया कि 27% आरक्षण लेकर रहेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा ने 13% ओबीसी पदों को होल्ड पर रखा है और 6 साल से धोखा दे रही है। पटवारी ने मुख्यमंत्री से सवाल किया, "ओबीसी आरक्षण का लाभ 6 साल बाद भी क्यों नहीं मिला? करोड़ों रुपये वकीलों को क्यों दिए?"
पटवारी का व्यापक संदेश: सच्चाई लाएंगे
न्यू मार्केट में संवाद के दौरान पटवारी ने व्यापारियों से कहा कि कांग्रेस जनता और व्यापारियों के सामने सच्चाई लाएगी। उन्होंने भाजपा पर नशे की समस्या फैलाने और भ्रष्टाचार के नाम पर लूटने का भी आरोप लगाया। पटवारी ने कहा, "जब मैं नशे की समस्या की बात करता हूं, तो मुख्यमंत्री परेशान हो जाते हैं। भाजपा को वोट देने से जीएसटी और भ्रष्टाचार के नाम पर लूट होती है।"
यह घटना मध्य प्रदेश की सियासत में जीएसटी सुधारों और आरक्षण के मुद्दों पर नई बहस छेड़ रही है। कांग्रेस 26-27 सितंबर के आंदोलन से भाजपा को घेरने की तैयारी में है, जबकि भाजपा इन आरोपों को खारिज कर रही है। पटवारी के बयानों ने सोशल मीडिया पर भी जोरदार बहस छेड़ दी है।












Click it and Unblock the Notifications