MP News: कांग्रेस का हल्ला बोल, जीतू पटवारी ने चुनाव आयोग पर साधा निशाना, जयवर्धन की नियुक्ति पर भी दी सफाई
मध्य प्रदेश कांग्रेस में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। आज, 18 अगस्त 2025 को भोपाल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए, इसे "भाजपा का एजेंट" और "लोकतंत्र का चोर" करार दिया। इसके साथ ही, उन्होंने राघौगढ़ में जिला अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर उठे विवाद पर भी सफाई दी, जिसमें जयवर्धन सिंह का नाम चर्चा में रहा।
मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक और नवनियुक्त जिला अध्यक्ष जयवर्धन सिंह भी मौजूद थे। पटवारी ने वोट चोरी के मुद्दे पर 25 अगस्त से 5 सितंबर तक पूरे प्रदेश में आंदोलन की घोषणा की, जिससे मध्य प्रदेश की सियासत में नया तूफान खड़ा होने की आशंका है।

चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "चुनाव आयोग अब लोकतंत्र का प्रहरी नहीं, बल्कि BJP का एजेंट बन गया है। यह चोर की तरह काम कर रहा है।" पटवारी ने दो BJP नेताओं-सांसद जनार्दन मिश्रा और मंत्री अनुराग ठाकुर-के बयानों का हवाला देते हुए दावा किया कि ये नेता स्वयं वोट चोरी और चुनावी गड़बड़ियों की बात स्वीकार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "जनार्दन मिश्रा ने खुलेआम कहा कि उन्होंने हर घर जाकर 1000-1000 फर्जी वोट सत्यापित किए। मैंने इसका वीडियो अपने X अकाउंट पर शेयर किया है। इसी तरह, अनुराग ठाकुर ने रायबरेली में वोट बढ़ने की बात कही। ये दोनों बयान साबित करते हैं कि BJP चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी कर रही है, और चुनाव आयोग इस पर चुप है।"
पटवारी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए वोट चोरी के मुद्दे का समर्थन करते हुए कहा, "राहुल जी ने जो सवाल उठाया, अब BJP नेता भी वही बातें कह रहे हैं। लेकिन आयोग उनकी दलीलों को दोहरा रहा है। यह लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का सवाल है।" उन्होंने सवाल उठाया कि जब BJP नेता खुले तौर पर गड़बड़ियों की बात कर रहे हैं, तो आयोग कांग्रेस नेताओं से हलफनामा क्यों मांग रहा है। "आयोग को खुद जनता के सामने हलफनामा देना चाहिए कि इस बार वोट चोरी नहीं होगी," पटवारी ने तंज कसते हुए कहा।
आंदोलन की घोषणा
पटवारी ने ऐलान किया कि वोट चोरी और चुनाव आयोग की कथित पक्षपातपूर्ण भूमिका के खिलाफ कांग्रेस 25 अगस्त से 5 सितंबर 2025 तक मध्य प्रदेश में व्यापक आंदोलन करेगी। इस दौरान सभी जिलों में प्रदर्शन, रैलियाँ, और सभाएँ आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस मुद्दे को जन-जन तक ले जाएँ और लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट हों।
पटवारी ने यह भी कहा कि राहुल गांधी को डराने-धमकाने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन कांग्रेस इस दबाव में नहीं झुकेगी। "हमारी लड़ाई संविधान और लोकतंत्र को बचाने की है। हम हर उस संस्था को जवाब देंगे जो BJP के इशारे पर काम कर रही है," उन्होंने कहा।
जिला अध्यक्ष नियुक्ति पर विवाद और सफाई
हाल ही में मध्य प्रदेश कांग्रेस में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर विवाद सुर्खियों में रहा, खासकर राघौगढ़ में जयवर्धन सिंह की भूमिका को लेकर। जीतू पटवारी ने इस मुद्दे पर सफाई देते हुए कहा, "जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में मेरा कोई व्यक्तिगत हस्तक्षेप नहीं है। ये नियुक्तियाँ कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और राहुल गांधी जी की मंशा के अनुरूप की गई हैं। राहुल जी ने खुद कई नेताओं से इस सिलसिले में चर्चा की थी, जिनमें जयवर्धन सिंह भी शामिल थे।"
पटवारी ने अपनी नाराजगी को स्पष्ट करते हुए कहा, "मुझे जयवर्धन से थोड़ा गुस्सा था, क्योंकि राघौगढ़ में उनकी सिफारिश पर नियुक्ति की बात सामने आई थी। लेकिन मैंने उनसे कहा कि संगठन में सभी को साथ लेकर चलना होगा। यह कोई व्यक्तिगत मामला नहीं है। हमारा लक्ष्य एक मजबूत और एकजुट कांग्रेस बनाना है।"
जयवर्धन सिंह का जवाब
नवनियुक्त जिला अध्यक्ष जयवर्धन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी बात रखते हुए संगठन सृजन अभियान को कांग्रेस की एक विशेष पहल बताया। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी जी ने स्पष्ट कहा था कि हर जिले में सबसे प्रभावशाली और समर्पित नेता को जिम्मेदारी दी जाएगी। इसी सोच के तहत मुझे राघौगढ़ में जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। मैं इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी और राहुल गांधी जी का आभारी हूँ।"
जयवर्धन ने यह भी कहा कि संगठन सृजन अभियान की गहराई को न समझने वाले लोग ही इसका विरोध कर रहे हैं। "हम सब जीतू पटवारी जी के नेतृत्व में एकजुट हैं। कांग्रेस का हर कार्यकर्ता और नेता पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करेगा। राघौगढ़ में हम संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करेंगे," उन्होंने जोड़ा।
सियासी निहितार्थ
पटवारी का यह बयान और जयवर्धन सिंह की नियुक्ति पर उठा विवाद मध्य प्रदेश कांग्रेस में आंतरिक गतिशीलता को दर्शाता है। जयवर्धन सिंह, जो पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बेटे हैं, और जीतू पटवारी के बीच पहले भी मतभेद की खबरें सामने आ चुकी हैं। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस दोनों नेताओं के बीच एकता का संदेश देने की कोशिश थी, लेकिन पटवारी की नाराजगी का जिक्र सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
विपक्षी BJP ने इस मौके का फायदा उठाते हुए कांग्रेस की आंतरिक कलह को उजागर करने की कोशिश की। BJP प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा, "पटवारी और जयवर्धन की नाराजगी दिखाती है कि कांग्रेस में कोई एकता नहीं है। ये लोग आपस में ही लड़ रहे हैं, तो BJP से क्या लड़ेंगे?"












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