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MP News: CM मोहन यादव का सख्त रुख, सिवनी हवाला 'लूट कांड' में 11 पुलिसकर्मियों पर FIR, 5 गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में हवाला की कथित 1.45 करोड़ रुपये की 'लूट' के मामले ने पुलिस महकमे को हिला दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, "कानून का उल्लंघन करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।

" उनके निर्देश पर सिवनी पुलिस ने 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिसमें सीनियर सब-डिवीजनल पुलिस ऑफिसर (SDOP) पूजा पांडे, थाना प्रभारी (TI) अर्पित भैरम समेत वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। अब तक 5 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बाकी की तलाश जारी है।

MP CM Mohan Yadav action files FIR against 11 policemen in Seoni hawala oot case 5 arrested

यह कार्रवाई जबलपुर रेंज के IG प्रमोद वर्मा की जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई, जिसमें निलंबित 11 कर्मियों पर लूट, मारपीट और सबूत मिटाने के आरोप सिद्ध हुए। सीएम का यह बयान न केवल सिवनी कांड पर, बल्कि पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर सख्ती का संकेत देता है, खासकर हाल के भोपाल पुलिस बर्बरता और नर्सिंग घोटाले के बाद।

यह कांड मध्य प्रदेश पुलिस की छवि पर गहरा आघात है, जहां हवाला कारोबारियों को पकड़ने की जिम्मेदारी निभाने वाली ही टीम पर लूट का आरोप लगा। सीएम यादव ने कहा, "पुलिस जनता की रक्षा का प्रतीक है, न कि अपराधी। ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस होगा।" गिरफ्तारियों के साथ जांच तेज हो गई है, और दोषियों को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सजा का प्रावधान किया गया है। क्या यह कार्रवाई पुलिस सुधार का शुरुआती बिंदु बनेगी?

हवाला कारोबार से पुलिस लूट तक

मामला 8 अक्टूबर 2025 की देर रात का है। महाराष्ट्र के जालना के व्यापारी सोहनलाल परमार अपने ड्राइवर शेख मुख्तार और साथी इरफान पठान के साथ कटनी से नागपुर (फिर जालना) जा रहे थे। उनकी महाराष्ट्र नंबर वाली क्रेटा कार (MH-13-EK-3430) में कथित रूप से 2.96 करोड़ रुपये की हवाला राशि थी। सूचना मिलने पर सिवनी के बंडोल थाना प्रभारी TI अर्पित भैरम की टीम ने एनएच-44 पर शीलादेही बायपास के पास कार रोकी।

तलाशी में कार से नकदी बरामद हुई, लेकिन व्यापारियों के अनुसार कुल 2.96 करोड़ थे, जबकि पुलिस ने केवल 1.45 करोड़ जब्त करने की कार्रवाई दर्ज की। आरोप है कि बाकी 1.51 करोड़ रुपये पुलिसकर्मियों ने "बंदरबांट" कर लिए। कार को बंडोल थाने में एक रात रोका गया, और यात्रियों के साथ मारपीट की गई। अगले दिन, 9 अक्टूबर को, सोहनलाल और साथी थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। शुरू में SDOP पूजा पांडे ने लूट से इनकार किया, लेकिन मामला DIG स्तर तक पहुंचा।

IG प्रमोद वर्मा ने प्रारंभिक जांच के बाद 9 अक्टूबर को 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया। 10 अक्टूबर को DGP कैलाश मकवाना ने SDOP पूजा पांडे को भी सस्पेंड कर दिया, कुल 10 निलंबन। 11 अक्टूबर को सिवनी SP सुनील मेहता ने 11वें कर्मचारी को निलंबित किया। 13 अक्टूबर को CM के निर्देश पर 11 पर एफआईआर दर्ज हुई, और 5 को गिरफ्तार कर लिया गया - TI अर्पित भैरम, दो आरक्षक और दो अन्य। बाकी 6 फरार हैं।

निलंबित और आरोपी पुलिसकर्मियों की सूची: SDOP से आरक्षक तक

नीचे निलंबित 11 पुलिसकर्मियों की सूची दी गई है, जिनमें से 5 गिरफ्तार हैं। एफआईआर में लूट (IPC 395), मारपीट (IPC 323) और सबूत मिटाने (IPC 201) की धाराएं लगाई गईं।

क्रमांक,नाम और पदनाम,स्थिति,टिप्पणी

  • 1,SDOP पूजा पांडे,"निलंबित, फरार","मुख्य आरोपी, जांच का केंद्र।"
  • 2,TI अर्पित भैरम (बंडोल थाना प्रभारी),गिरफ्तार,"कार रोकी, लूट का आरोप।"
  • 3,प्रधान आरक्षक माखन (SDOP कार्यालय),"निलंबित, फरार",सहयोगी।
  • 4,प्रधान आरक्षक रविंद्र उइके (रीडर),गिरफ्तार,दस्तावेज संभाले।
  • 5,आरक्षक जगदीश यादव (SDOP कार्यालय),"निलंबित, फरार",चेकिंग टीम में।
  • 6,आरक्षक योगेंद्र चौरसिया (SDOP कार्यालय),गिरफ्तार,मारपीट का आरोप।
  • 7,आरक्षक चालक रितेश (SDOP कार्यालय),"निलंबित, फरार",वाहन संभाला।
  • 8,आरक्षक नीरज राजपूत (बंडोल थाना),गिरफ्तार,थाने में हिरासत।
  • 9,"आरक्षक केदार (गनमैन, SDOP सिवनी)","निलंबित, फरार",सुरक्षा का दुरुपयोग।
  • 10,"आरक्षक सदाफल (गनमैन, SDOP सिवनी)","निलंबित, फरार",सहयोगी।
  • 11,हेड कांस्टेबल (TI विभाग),"निलंबित, फरार",हालिया निलंबन।

सीएम मोहन यादव का कड़ा रुख: "जीरो टॉलरेंस" की नीति

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 14 अक्टूबर को भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "सिवनी कांड शर्मनाक है। पुलिस को जनता की सेवा का माध्यम बनना चाहिए, न कि अपराधी। कानून का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।" उन्होंने DGP को निर्देश दिए कि 7 दिनों में पूरी रिपोर्ट सौंपी जाए, और दोषियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम लागू हो। यह बयान हाल के भोपाल पुलिस बर्बरता मामले (DSP साले की मौत) के बाद आया, जहां सीएम ने दोषी आरक्षकों पर हत्या का केस दर्ज कराया था। यादव ने कहा, "प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए सख्ती जरूरी।"

जांच का दायरा: लूट से सबूत मिटाने तक

जांच ASP आयुष गुप्ता के नेतृत्व में चल रही है। फोकस: CCTV फुटेज, फोन रिकॉर्ड, बैंक खाते और गवाह बयान। व्यापारियों ने कहा, "पुलिस ने मारपीट की और राशि गायब कर दी।" SP सुनील मेहता ने माना, "रिपोर्टिंग में देरी हुई, लेकिन अब पारदर्शी जांच।" गिरफ्तार 5 को 14 दिनों की रिमांड पर लिया गया।

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