MP News: कैबिनेट के फैसले- निगम-मंडलों में मंत्री होंगे अध्यक्ष, सोयाबीन का MSP 4800 रुपए करने का प्रस्ताव
भोपाल में मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन निर्णयों में प्रमुख रूप से निगम-मंडलों में मंत्रियों को अध्यक्ष बनाने, सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को 4800 रुपए करने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार को भेजने और गांधी जयंती तक स्वच्छता पखवाड़ा मनाने की योजनाओं पर चर्चा की गई।
कैबिनेट बैठक में यह तय किया गया कि मध्यप्रदेश के निगम-मंडलों में अब प्रमुख सचिव स्तर के अफसरों की जगह मंत्रियों को अध्यक्ष बनाया जाएगा। यह कदम स्थानीय प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने और निर्णय प्रक्रिया को तेज करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

सोयाबीन का एमएसपी 4800 रुपए करने का प्रस्ताव
प्रदेश सरकार ने सोयाबीन के एमएसपी को 4800 रुपए करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने का निर्णय लिया है। इस कदम से किसानों को बेहतर समर्थन मिल सकेगा और उनके लाभ में वृद्धि हो सकती है। यह प्रस्ताव किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उनके आर्थिक स्थिति में सुधार करने के लिए है।
स्वच्छता पखवाड़ा: 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक अभियान
कैबिनेट बैठक में 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के मौके पर स्वच्छता पखवाड़ा मनाने का निर्णय लिया गया है। नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि इस अभियान की शुरुआत 17 सितंबर से होगी और 2 अक्टूबर तक चलेगा। अभियान की थीम "स्वभाव स्वच्छता और संस्कार स्वच्छता" रखी गई है।

इस दौरान विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं
- सफाई अभियान: सभी प्रभारी मंत्री अपने-अपने जिलों में सफाई अभियान में शामिल होंगे।
- मैराथन दौड़: स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए एक मैराथन दौड़ का आयोजन किया जाएगा।
- पंचायत और वार्ड स्तर पर कार्यक्रम: मानव श्रृंखला, महिलाओं की रंगोली प्रतियोगिता, बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता, और सफाईकर्मियों के बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- गंदे स्थानों की पहचान: गांवों और शहरों में गंदे रहने वाले स्थानों की पहचान की जाएगी और उन्हें साफ रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
बीड़ी उद्योग को पुनर्जीवित करने की योजना
कैबिनेट बैठक में मध्यप्रदेश के तेंदूपत्ता का स्थानीय उपयोग बढ़ाने की दिशा में विचार किया गया। प्रदेश सरकार ने बीड़ी उद्योग को फिर से बढ़ावा देने के लिए सहमति दी है। वर्तमान में, मध्यप्रदेश का तेंदूपत्ता पश्चिम बंगाल में भेजा जाता है, लेकिन अब इसे प्रदेश में ही उपयोग करने की कार्ययोजना बनाई जा रही है।
पिछले समय में सागर जिले में बीड़ी उद्योग अत्यंत महत्वपूर्ण था और इससे हजारों लोगों को रोजगार मिला था। इस नए प्रस्ताव के तहत, सरकार इस उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी और स्थानीय स्तर पर तेंदूपत्ता की प्रोसेसिंग को बढ़ावा देगी।
पीथमपुर लॉजिस्टिक पार्क पर चर्चा
कैबिनेट की बैठक में भारतमाला परियोजना के तहत पीथमपुर में बनने वाले मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क की भी समीक्षा की गई। इस परियोजना की कुल लागत 1111 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है, जिसमें से 758 करोड़ रुपए निजी निवेशकों द्वारा लगाए जाएंगे, जबकि भारत सरकार और राज्य सरकार मिलकर 353 करोड़ रुपए खर्च करेंगे। इस पार्क के निर्माण से प्रदेश में लगभग 4500 लोगों को रोजगार मिलेगा। पार्क में विभिन्न व्यापारिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जैसे:
- वेयरहाउस: माल की सुरक्षित और सुव्यवस्थित स्टोरेज के लिए।
- कोल्ड स्टोरेज: संवेदनशील वस्तुओं के संरक्षण के लिए।
- ट्रक पार्किंग: ट्रकों की पार्किंग की सुविधा।
- रेलवे सुविधा: माल परिवहन के लिए रेलवे लिंक।
- इस पार्क का निर्माण पीथमपुर के पास किया जाएगा और इसे सुपरविजन केंद्र और राज्य सरकार मिलकर संचालित करेंगे। इसके माध्यम से क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा और लॉजिस्टिक सेक्टर में नई संभावनाएं खुलेंगी।












Click it and Unblock the Notifications