MP Board 5th-8th Result 2026: आपका रिजल्ट कैसा रहा? 95% तक पासिंग, QR कोड से तुरंत चेक करें पूरा रिजल्ट
MP Board Result: मध्य प्रदेश में कक्षा 5वीं और 8वीं के लाखों विद्यार्थियों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। राज्य शिक्षा केंद्र ने बुधवार को वार्षिक परीक्षा परिणाम जारी कर दिया। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने वल्लभ भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बटन दबाकर रिजल्ट घोषित किया।
इस बार का रिजल्ट कई मायनों में खास रहा-पास प्रतिशत ऊंचा रहा, छात्राओं ने बाजी मारी और जिलों के बीच प्रदर्शन का बड़ा अंतर भी सामने आया।

पास प्रतिशत: 5वीं में 95% पार, 8वीं में भी शानदार प्रदर्शन
इस साल कक्षा 5वीं में 95.14% और कक्षा 8वीं में 93.83% विद्यार्थी पास हुए हैं। दोनों कक्षाओं में छात्राओं ने छात्रों से बेहतर प्रदर्शन कर एक बार फिर अपनी शैक्षणिक बढ़त साबित की है।
यह आंकड़े बताते हैं कि बोर्ड पैटर्न लागू होने के बावजूद छात्रों ने बेहतर प्रदर्शन किया है, जो शिक्षा व्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
कौन बना नंबर-1 जिला? जानिए आपका जिला कहां
रिजल्ट में जिलावार प्रदर्शन भी चर्चा में है।
- नरसिंहपुर जिला 99.70% रिजल्ट के साथ टॉप पर रहा
- इंदौर 9वें स्थान पर रहा
- भोपाल टॉप-10 से बाहर हो गया
वहीं, कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों में दमोह (87.12%), जबलपुर (87.79%) और सतना (89.35%) शामिल रहे।यह अंतर साफ दिखाता है कि प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में अभी भी क्षेत्रीय असमानता मौजूद है।
ग्रामीण बनाम शहरी: किसने मारी बाजी?
इस बार परीक्षा में कुल 23,68,984 विद्यार्थी शामिल हुए थे, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों की संख्या काफी ज्यादा रही।
कुल ग्रामीण छात्र: 16,78,567
कुल शहरी छात्र: 6,90,417
कक्षा 5वीं में:
72.45% ग्रामीण
27.55% शहरी
कक्षा 8वीं में:
68.99% ग्रामीण
31.01% शहरी
यह आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में ग्रामीण हिस्सेदारी ज्यादा है, जो नीतियों के लिए महत्वपूर्ण संकेत है।
रिजल्ट देखना हुआ आसान: QR कोड से तुरंत चेक करें
इस बार रिजल्ट देखने की प्रक्रिया को डिजिटल और आसान बनाया गया है।
- छात्र पोर्टल पर जाकर रोल नंबर या समग्र आईडी से रिजल्ट देख सकते हैं
- QR कोड स्कैन कर सीधे रिजल्ट पेज तक पहुंच सकते हैं
- स्कूल प्राचार्य अपने पूरे स्कूल का विद्यार्थीवार प्रदर्शन देख सकते हैं
यह व्यवस्था पारदर्शिता और तेजी दोनों को बढ़ाती है।
टॉप और बॉटम जिलों के बीच बड़ा गैप
रिजल्ट में एक बड़ा अंतर भी सामने आया है। टॉप जिले और सबसे कमजोर जिले के बीच 6% से 12% तक का अंतर है। यह संकेत देता है कि कुछ जिलों में शिक्षा की गुणवत्ता और तैयारी में सुधार की जरूरत है।
मंत्री का संदेश: शिक्षा में गुणवत्ता पर फोकस
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि बोर्ड पैटर्न लागू करने का उद्देश्य छात्रों को प्रतिस्पर्धी बनाना और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना है। उन्होंने छात्राओं के बेहतर प्रदर्शन को प्रदेश के लिए सकारात्मक संकेत बताया।
छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह
रिजल्ट आने के बाद छात्रों को बिना तनाव आगे की तैयारी पर ध्यान देना चाहिए। अभिभावकों से भी अपील है कि वे बच्चों का मनोबल बढ़ाएं और उन्हें सकारात्मक माहौल दें।
मध्य प्रदेश में कक्षा 5वीं और 8वीं का यह रिजल्ट सिर्फ पास प्रतिशत नहीं, बल्कि शिक्षा के बदलते ट्रेंड और चुनौतियों की भी तस्वीर पेश करता है। जहां एक ओर छात्राओं का प्रदर्शन उत्साहजनक है, वहीं जिलों के बीच अंतर सुधार की जरूरत की ओर इशारा करता है।












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