MP News: मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र: 'भैंस के आगे बीन' प्रदर्शन, उमंग सिंघार का BJP सरकार पर तीखा हमला
MP News: मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन, 29 जुलाई 2025, नाटकीय और प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन का गवाह बना। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में 'भैंस के आगे बीन बजाने' का अनोखा प्रदर्शन किया, जिसने न केवल सियासी हलकों में हलचल मचाई, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं बटोरीं। यह प्रदर्शन बीजेपी सरकार की कथित संवेदनहीनता और जनहित के मुद्दों पर उसकी चुप्पी के खिलाफ था।
उमंग सिंघार ने दो टूक कहा, "बीजेपी सरकार अब भैंस की तरह निष्क्रिय और संवेदनहीन हो चुकी है। जैसे भैंस के आगे बीन बजाने से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती, वैसे ही यह सरकार जनता के गंभीर सवालों पर मौन है।" यह खबर सत्र के दूसरे दिन के घटनाक्रम, कांग्रेस के प्रतीकात्मक विरोध, और मध्य प्रदेश की सियासत पर इसके प्रभाव को रोचक ढंग से उजागर करती है।

भैंस के आगे बीन'
29 जुलाई 2025 को भोपाल में विधानसभा परिसर में सुबह 10 बजे से ही हलचल शुरू हो गई थी। कांग्रेस विधायक, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में, गांधी प्रतिमा के सामने एकत्र हुए। उनके हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर लिखा था: "भैंस के आगे बीन, बीजेपी की यही मशीन" और "सुनो सरकार, जनता के सवालों का जवाब दो!" कुछ विधायकों ने प्रतीकात्मक रूप से बांसुरी (बीन) और भैंस की तस्वीरें लहराईं, जबकि अन्य ने नारेबाजी की, "भैंस बन गई सरकार, न सुनती है न देती जवाब!"
यह प्रदर्शन बीजेपी सरकार पर जनहित के मुद्दों-जैसे OBC आरक्षण, बेरोजगारी, महंगाई, और लाड़ली बहना योजना के अधूरे वादों-पर जवाब न देने का आरोप लगाने के लिए था। उमंग सिंघार ने प्रदर्शन के दौरान कहा, "यह सरकार भैंस की तरह निष्क्रिय और बेपरवाह हो चुकी है। हम सवाल पूछते हैं, लेकिन जवाब के बजाय चुप्पी मिलती है। यह लोकतंत्र का अपमान है।"
उमंग सिंघार का तीखा हमला: 'लोकतंत्र के साथ भद्दा मजाक'
लोगों को संबोधित करते हुए उमंग सिंघार ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "मध्य प्रदेश में बीजेपी सरकार ने जनता को ठगने का काम किया है। युवा रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे हैं, किसान अपने हक के लिए सड़कों पर हैं, OBC को 27% आरक्षण का वादा अधूरा है, और लाड़ली बहनों को 3,000 रुपये देने का दावा भी जुमला साबित हुआ। लेकिन सरकार है कि आंख मूंदकर बैठी है-न सुनती है, न बोलती है, न कोई हल निकालती है।"
सिंघार ने आगे कहा, "जैसे भैंस के आगे बीन बजाने से कोई फायदा नहीं होता, वैसे ही इस सरकार से सवाल पूछना बेकार है। लेकिन कांग्रेस चुप नहीं रहेगी। हम सड़क से लेकर सदन तक जनता के हक की लड़ाई लड़ेंगे।" उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि अगर जनहित के सवालों का जवाब नहीं दिया गया, तो यह प्रदर्शन और तेज होगा।
कांग्रेस की मांगें
OBC आरक्षण: 2019 में कमलनाथ सरकार द्वारा घोषित 27% OBC आरक्षण को तुरंत लागू करने और OBC के लिए सुरक्षित 13% पदों को अनहोल्ड करने की मांग।
- जातिगत जनगणना: सामाजिक न्याय की वास्तविक तस्वीर सामने लाने के लिए तत्काल जातिगत जनगणना कराने की मांग।
- बेरोजगारी: युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग।
- किसानों की समस्याएं: कर्ज माफी, फसल बीमा, और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की गारंटी।
- महंगाई: पेट्रोल, डीजल, और रसोई गैस की कीमतों में कमी की मांग।
- लाड़ली बहना योजना: 3,000 रुपये मासिक देने के वादे को पूरा करने की मांग।
सिंघार ने कहा, "यह सरकार जनता के हक की बात सुनने को तैयार नहीं। अगर सरकार लोकतंत्र के साथ भद्दा मजाक करेगी, तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर जवाब देगी।"
बीजेपी की प्रतिक्रिया: 'कांग्रेस का ड्रामा'
बीजेपी ने कांग्रेस के इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन को 'ड्रामा' और 'ध्यान भटकाने की कोशिश' करार दिया। बीजेपी प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा, "कांग्रेस को कोई ठोस मुद्दा नहीं मिला, इसलिए वे भैंस और बीन जैसे हास्यास्पद प्रदर्शन कर रहे हैं। बीजेपी सरकार ने OBC आरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट में मजबूत पक्ष रखा है, और लाड़ली बहना योजना के तहत लाखों महिलाओं को लाभ मिल रहा है।"
सिरोंज से बीJEपी विधायक उमाकांत शर्मा ने तंज कसते हुए कहा, "कांग्रेस भैंस की बात कर रही है, लेकिन उनकी अपनी पार्टी में भैंस बनकर बैठे नेताओं की कमी नहीं। कमलनाथ जी सत्र में नहीं आए, क्या यह उनकी एकता का नमूना है?" बीJEपी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने बेरोजगारी और महंगाई पर कई कदम उठाए हैं, और कांग्रेस सिर्फ सियासी नौटंकी कर रही है।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख चेहरे
इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन में कांग्रेस के कई बड़े नेता शामिल हुए। अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के सदस्य कमलेश्वर पटेल, वरिष्ठ विधायक फूलसिंह बरैया, पूर्व मंत्री सचिन यादव, और विधायक राजेंद्र भारती ने उमंग सिंघार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इसके अलावा, कांग्रेस के युवा और महिला प्रकोष्ठ के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। प्रदर्शनकारियों ने "OBC को हक दो!", "किसानों का कर्ज माफ करो!", और "लाड़ली बहनों का वादा पूरा करो!" जैसे नारे लगाए।
सत्र का दूसरा दिन: कार्यवाही और हंगामे की आशंका
सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले यह प्रदर्शन हुआ, जिसके कारण विधानसभा परिसर में तनाव का माहौल रहा। कार्यवाही शुरू होने पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने OBC आरक्षण और अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए समय आवंटित करने का आश्वासन दिया। हालांकि, कांग्रेस विधायकों ने स्थगन प्रस्ताव और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के जरिए इन मुद्दों को तत्काल उठाने की मांग की।
सदन में कांग्रेस ने OBC आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट में सरकार के रवैये और लाड़ली बहना योजना के तहत अधूरे वादों पर सवाल उठाए। उमंग सिंघार ने कहा, "हमने 3,377 सवाल दाखिल किए हैं। सरकार को जवाब देना होगा कि वह जनता के इन मुद्दों पर क्या कर रही है।" बीJEपी ने जवाब में कहा कि सत्र में सभी सवालों का जवाब दिया जाएगा, और विपक्ष को अनावश्यक हंगामा करने से बचना चाहिए
कई यूजर्स ने इस प्रदर्शन को रचनात्मक बताया, लेकिन कुछ ने इसे 'सस्ता ड्रामा' करार दिया। @Anujpratap24 ने लिखा, "भैंस के आगे बीन तो ठीक है, लेकिन जनता को जवाब चाहिए, न कि नौटंकी।"
मध्य प्रदेश की सियासत में भैंस की एंट्री
यह पहली बार नहीं है जब मध्य प्रदेश की सियासत में 'भैंस' चर्चा का केंद्र बनी है। 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बीJEपी नेता शिवराज सिंह चौहान पर तंज कसते हुए कहा था, "शिवराज जी भैंस के पीछे भागते हैं, और सरकार मेरे पीछे।" इस बार उमंग सिंघार ने 'भैंस' को प्रतीक बनाकर बीJEपी सरकार की निष्क्रियता को उजागर करने की कोशिश की है।
सामाजिक कार्यकर्ता रीना शर्मा ने कहा, "यह प्रदर्शन रचनात्मक है, लेकिन यह तभी प्रभावी होगा जब कांग्रेस ठोस रणनीति के साथ सदन में सरकार को घेरे। जनता को प्रतीकात्मक प्रदर्शनों से ज्यादा जवाब चाहिए।"
सियासी प्रभाव: 2028 के लिए जंग शुरू
OBC वोट बैंक: OBC आबादी मध्य प्रदेश में 50% से अधिक है। कांग्रेस इस प्रदर्शन के जरिए OBC वोटरों को लुभाने की कोशिश कर रही है, जबकि बीJEपी इसे कानूनी जटिलताओं का हवाला देकर टाल रही है।
कांग्रेस की एकजुटता: कमलनाथ की अनुपस्थिति और उमंग सिंघार का आक्रामक रुख कांग्रेस की आंतरिक गतिशीलता को दर्शाता है। बीJEपी इसे कांग्रेस की गुटबाजी के रूप में पेश कर रही है।
सदन में हंगामा: 8 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में OBC आरक्षण, बेरोजगारी, और लाड़ली बहना योजना जैसे मुद्दों पर तीखी बहस और हंगामे की आशंका है।
विशेषज्ञों की राय
राजनीतिक विश्लेषक डॉ अनिल शर्मा ने कहा, "कांग्रेस का यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन जनता का ध्यान खींचने में कामयाब रहा है, लेकिन इसका असर तभी होगा जब वे सदन में ठोस तर्कों के साथ सरकार को घेरें। OBC आरक्षण और बेरोजगारी जैसे मुद्दे 2028 के चुनाव में निर्णायक हो सकते हैं।"
सामाजिक कार्यकर्ता रमेश तिवारी ने कहा, "भैंस का प्रतीक हास्य पैदा करता है, लेकिन यह जनता के गंभीर दर्द को भी उजागर करता है। सरकार को जवाब देना होगा कि वह इन मुद्दों पर क्या कर रही है।"












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