मोनालिसा की शादी पर बवाल: ‘लव जिहाद’ के आरोप, जानिए सुप्रीम कोर्ट की वकील ने क्यों उठाए सवाल
Monalisa wedding News: कुंभ मेले से वायरल हुई 'मोनालिसा' की शादी अब राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बन गई है। एक तरफ सोशल मीडिया पर इस रिश्ते को प्यार की मिसाल बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे लेकर गंभीर आरोप और कानूनी सवाल खड़े हो गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट की वकील नाजिया इलाही खान ने इस शादी को "प्रॉपर अप्रोप्रिएट लव जिहाद" बताते हुए इसकी जांच की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?
कुंभ मेले में अपने वीडियो से चर्चा में आई मोनालिसा (कुछ रिपोर्ट्स में मोनालिसा सिंह) ने हाल ही में फरमान नामक युवक से शादी की। शादी हिंदू रीति-रिवाज से मंदिर में संपन्न हुई, लेकिन विवाद तब खड़ा हुआ जब फरमान ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि वह अब भी मुस्लिम है। यहीं से इस शादी को लेकर धार्मिक और कानूनी बहस शुरू हो गई।
नाजिया इलाही खान का बड़ा बयान
नाजिया इलाही खान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह सिर्फ सामान्य विवाह नहीं है। इसमें "लव जिहाद" के तत्व हो सकते हैं। Hindu Marriage Act 1955 का उल्लंघन हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर फरमान ने धर्म परिवर्तन नहीं किया, तो वह हिंदू रीति से विवाह कैसे कर सकता है? नाजिया ने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह के मामलों में कट्टरपंथी संगठनों की भूमिका की जांच होनी चाहिए।
शरजील इमाम की पैरोल से जोड़ा कनेक्शन
नाजिया ने इस पूरे मामले को शरजील इमाम की पैरोल से भी जोड़ते हुए कहा कि उनकी रिहाई के बाद "कट्टरपंथी नेटवर्क" सक्रिय हुए हैं। ऐसे मामलों में संगठित रणनीति हो सकती है। हालांकि, इन दावों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
परिवार ने भी उठाए सवाल
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब मोनालिसा के माता-पिता ने मध्य प्रदेश के मंडलेश्वर में DSP से शिकायत की।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को बहकाया गया। यह "लव जिहाद" का मामला हो सकता है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पुलिस ने शिकायत लेकर जांच का आश्वासन दिया है।
जहां एक वर्ग इसे "प्यार की आज़ादी" बता रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे धार्मिक साजिश के रूप में देख रहा है। अब तक किसी प्रमुख राजनीतिक दल की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन बहस लगातार तेज हो रही है।
कानूनी पहलू क्या कहते हैं?
- Hindu Marriage Act 1955 के अनुसार:
- विवाह के लिए दोनों पक्षों का हिंदू होना आवश्यक है
- या फिर विधिवत धर्म परिवर्तन होना चाहिए
इसी आधार पर इस शादी की वैधता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि अंतिम फैसला जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
मोनालिसा की शादी अब सिर्फ एक निजी मामला नहीं रह गई है, बल्कि यह सामाजिक, धार्मिक और कानूनी बहस का केंद्र बन चुकी है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच सच्चाई क्या है, यह जांच के बाद ही सामने आएगा।












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