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Vidisha News: मकर संक्रांति पर खुशियों के बीच खतरे की डोर! विदिशा पुलिस और एसपी काशवानी की सख्त चेतावनी

Vidisha News: मकर संक्रांति और उत्तरायण के त्योहार नजदीक आते ही छतों पर पतंगें उड़ने लगी हैं, आसमान रंग-बिरंगे गुब्बारों और पतंगों से भरने को है। लेकिन इसी उत्साह के बीच एक अदृश्य खतरा भी मंडरा रहा है-नायलॉन और चाइनीज मांझा। हर साल की तरह इस बार भी विदिशा पुलिस ने समय रहते चेतावनी जारी की है कि अगर सावधानी नहीं बरती गई, तो खुशियों का यह पर्व जानलेवा हादसों में बदल सकता है।

पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देशन में जारी एडवाइजरी में साफ शब्दों में कहा गया है कि नायलॉन या चाइनीज मांझा न केवल प्रतिबंधित है, बल्कि यह सीधे-सीधे लोगों की जान से खिलवाड़ है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि पतंगबाजी के लिए केवल सूती या पर्यावरण अनुकूल मांझे का ही इस्तेमाल करें।

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"त्योहार मनाएं, लेकिन सुरक्षा के साथ" - विदिशा पुलिस की दो टूक

एसपी रोहित काशवानी ने कहा कि नायलॉन मांझा धातु या कांच (ग्लास) की परत से बना होता है, जो रेज़र ब्लेड की तरह तेज होता है। यह दोपहिया वाहन चालकों के गले काट सकता है, बच्चों और राहगीरों को गंभीर रूप से घायल कर सकता है और पक्षियों के लिए तो यह सीधी मौत बन जाता है।

उन्होंने स्पष्ट किया- "नायलॉन या चाइनीज मांझे का उपयोग, भंडारण या बिक्री दंडनीय अपराध है। त्योहार खुशियों के लिए हैं, हादसों के लिए नहीं। आपकी एक छोटी सी सावधानी कई जिंदगियां बचा सकती है।"

हर साल दोहराया जाता है दर्दनाक इतिहास

  • संक्रांति के आसपास हर साल नायलॉन मांझे से जुड़े हादसों की खबरें सामने आती हैं।
  • कहीं बाइक सवार का गला कट जाता है
  • कहीं मासूम बच्चे घायल हो जाते हैं
  • तो कहीं आसमान में उड़ते पक्षी तड़प-तड़प कर दम तोड़ देते हैं

मध्य प्रदेश ही नहीं, दिल्ली, गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों में भी नायलॉन मांझे से मौतों के मामले दर्ज हो चुके हैं। यही वजह है कि सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) पहले ही इस मांझे पर प्रतिबंध लगा चुके हैं।

नायलॉन मांझा क्यों है सबसे खतरनाक?

  • नायलॉन/चाइनीज मांझे के खतरे सिर्फ नजर नहीं आते, लेकिन असर बेहद घातक होता है-
  • ग्लास/धातु कोटिंग - बेहद तेज धार
  • बाइक सवार - गला कटने का सबसे ज्यादा खतरा
  • पक्षी - पंख कटने से तड़पकर मौत
  • बिजली के तार - शॉर्ट सर्किट और आग का खतरा
  • पर्यावरण - नष्ट नहीं होता, प्रदूषण फैलाता है

कानूनी शिकंजा: मांझा बेचा तो जेल तय

विदिशा पुलिस ने साफ किया है कि नायलॉन मांझे से जुड़े मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी-

  • NGT के आदेश: नायलॉन मांझा पूर्णतः प्रतिबंधित
  • IPC की धाराएं: 336 से 338 तक (लापरवाही से जान को खतरा)
  • पर्यावरण कानून: जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान
  • MP में कार्रवाई: छापेमारी, जब्ती और दुकान सील तक की कार्रवाई

एसपी काशवानी ने चेतावनी दी कि विक्रेताओं पर कोई रियायत नहीं बरती जाएगी।

पुलिस की तैयारी: छापे, जागरूकता और निगरानी

संभावित हादसों को रोकने के लिए विदिशा पुलिस ने व्यापक अभियान की योजना बनाई है-

  1. पतंग मांझा बेचने वाली दुकानों पर छापेमारी
  2. दुकानदारों को नोटिस
  3. स्कूलों में बच्चों को जागरूक करना
  4. सोशल मीडिया, पोस्टर और थानों से अपील
  5. शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई

संदेश साफ है: एक डोर, कई जिंदगियां

विदिशा पुलिस का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है- "पतंग उड़ाइए, खुशियां मनाइए, लेकिन किसी की जान की कीमत पर नहीं।"

अगर हर नागरिक सिर्फ सूती मांझे का इस्तेमाल करे, तो न केवल इंसानों की जान बचेगी, बल्कि आसमान में आज़ादी से उड़ते पक्षी भी सुरक्षित रहेंगे। मकर संक्रांति का असली आनंद तभी है, जब त्योहार के बाद भी हर चेहरा सुरक्षित और मुस्कुराता रहे।

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