MP News: कैबिनेट के बड़े फैसले: BS-1 और BS-2 वाहनों पर 50% टैक्स छूट, स्क्रैपिंग एजेंसियों को उद्योग का दर्जा
MP News: मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने 9 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए, जो पर्यावरण संरक्षण, नगरीय प्रशासन, और आर्थिक विकास को नई दिशा देंगे।
इन फैसलों में BS-1 और BS-2 वाहनों को स्क्रैप करने पर 50% RTO टैक्स छूट, वाहन स्क्रैपिंग एजेंसियों को उद्योग का दर्जा, और नगरीय निकायों में अध्यक्ष का सीधा चुनाव शामिल है। ये निर्णय न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को भी बढ़ावा देंगे। आइए, इन फैसलों पर विस्तार से नजर डालते हैं।

वाहन स्क्रैपिंग पर 50% टैक्स छूट: पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
कैबिनेट ने फैसला लिया कि Bharat Stage-1 (BS-1) और Bharat Stage-2 (BS-2) श्रेणी के वाहनों को स्क्रैप करने वाले वाहन मालिकों को RTO टैक्स में 50% की छूट दी जाएगी। यह छूट पर्यावरण संरक्षण और पुराने, प्रदूषणकारी वाहनों को सड़कों से हटाने के लिए एक प्रोत्साहन है। नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया, "भारत सरकार ने भी वाहन स्क्रैपिंग पर सब्सिडी देने की बात कही है। यह पर्यावरण के लिए हमारा बड़ा कदम है। BS-5 और BS-6 वाहनों का दौर शुरू हो चुका है, ऐसे में पुराने BS-1 और BS-2 वाहनों को धीरे-धीरे स्क्रैप करना जरूरी है।"
मध्य प्रदेश में वर्तमान में लगभग 90,000 BS-1 और BS-2 वाहन हैं, जिनमें 2 लाख से अधिक दोपहिया वाहन, 70,000 ट्रक, और 15,000 बसें शामिल हैं। इन वाहनों को स्क्रैप करने से वायु प्रदूषण में 15-20% की कमी आने की उम्मीद है, जो प्रदेश को कार्बन-मुक्त भारत के लक्ष्य के करीब ले जाएगा।

स्क्रैपिंग एजेंसियों को उद्योग का दर्जा
कैबिनेट ने वाहन स्क्रैपिंग एजेंसियों को उद्योग का दर्जा देने का निर्णय लिया है। इससे स्क्रैपिंग सेंटर को औद्योगिक नीतियों के तहत लाभ मिलेगा, जैसे कर छूट, सब्सिडी, और आसान लाइसेंसिंग। विजयवर्गीय ने कहा, "यह कदम न केवल पर्यावरण को स्वच्छ रखेगा, बल्कि रोजगार सृजन और ऑटोमोबाइल उद्योग को बढ़ावा देगा।" स्क्रैपिंग सेंटर से 4-6% स्क्रैप मूल्य के साथ-साथ नए वाहनों पर छूट भी मिलेगी, जो वाहन मालिकों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद होगा।
नगर पालिका और नगरीय निकायों में अध्यक्ष का सीधा चुनाव
कैबिनेट ने नगरीय निकायों जैसे नगर पालिका और नगर परिषद में अध्यक्ष के प्रत्यक्ष चुनाव की व्यवस्था को मंजूरी दी। अब जनता सीधे तौर पर अध्यक्ष का चुनाव करेगी, जो पहले पार्षदों द्वारा चुने जाते थे। विजयवर्गीय ने बताया, "अगला नगर पालिका चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होगा। इसके लिए अभी दो साल का समय है, इसलिए हमने अभी से यह फैसला ले लिया ताकि उम्मीदवार तैयारी कर सकें।"
इस फैसले से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत करने की उम्मीद है। कैबिनेट ने यह भी तय किया कि नगर पालिका या नगर परिषद के अध्यक्ष को हटाने के लिए तीन-चौथाई पार्षदों का अविश्वास प्रस्ताव जरूरी होगा। इससे अध्यक्ष की स्थिति को और स्थिरता मिलेगी।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
कैबिनेट ने पर्यावरण और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई अन्य निर्णय भी लिए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, "हमारा लक्ष्य मध्य प्रदेश को विकास और पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी बनाना है। ये फैसले उसी दिशा में हैं।" कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की GST में कमी और MSME क्षेत्र को लाभ पहुँचाने की पहल की भी सराहना की।
वाहन स्क्रैपिंग नीति का व्यापक प्रभाव
पर्यावरण संरक्षण: पुराने वाहनों को हटाने से वायु प्रदूषण में कमी आएगी। BS-1 (2000 में लागू) और BS-2 (2002 में लागू) वाहन BS-4 और BS-6 वाहनों की तुलना में अधिक प्रदूषण फैलाते हैं।
आर्थिक लाभ: वाहन मालिकों को 50% टैक्स छूट और 4-6% स्क्रैप मूल्य मिलेगा। इसके अलावा, ऑटोमोबाइल निर्माता नए वाहनों पर 1.5-2.75% की छूट दे सकते हैं।
रोजगार सृजन: स्क्रैपिंग सेंटर को उद्योग का दर्जा मिलने से नए रोजगार पैदा होंगे। केंद्र सरकार के अनुसार, देशभर में 60 से अधिक रजिस्टर्ड वाहन स्क्रैपिंग सुविधाएँ (RVSF) पहले से ही काम कर रही हैं।
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा, "यह नीति वाहन मालिकों, पर्यावरण, और अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद है। हम इसे प्रभावी ढंग से लागू करेंगे।"
विपक्ष की प्रतिक्रिया: सवाल और आलोचना
कांग्रेस ने इन फैसलों का स्वागत किया, लेकिन प्रशासनिक तैयारी पर सवाल उठाए। कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा, "वाहन स्क्रैपिंग पर छूट अच्छा कदम है, लेकिन स्क्रैपिंग सेंटर की संख्या और उनकी क्षमता पर ध्यान देना होगा।" कमलनाथ ने ट्वीट किया, "नगर पालिका अध्यक्ष का सीधा चुनाव स्वागत योग्य है, लेकिन सरकार को पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया सुनिश्चित करनी होगी।
भविष्य की दिशा: पर्यावरण और लोकतंत्र का संगम
मोहन सरकार के ये फैसले पर्यावरण संरक्षण और लोकतांत्रिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। वाहन स्क्रैपिंग नीति से प्रदूषण कम होगा और नए वाहनों की मांग बढ़ेगी, जो ऑटोमोबाइल उद्योग को बढ़ावा देगा। वहीं, नगर पालिका अध्यक्ष के प्रत्यक्ष चुनाव से जनता की भागीदारी बढ़ेगी और स्थानीय प्रशासन में जवाबदेही आएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ट्वीट किया, "मध्य प्रदेश विकास और पर्यावरण संरक्षण में अग्रणी बनेगा। हमारी सरकार जनता के हित में काम कर रही है।












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