मध्य प्रदेश : 'भइया इज बैक' के होर्डिंग' पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार, आरोपी के वकील को सुनाई खरी-खोटी
भोपाल, 12 अप्रैल। मध्यप्रदेश रेप केस मामले में आरोपी की जमानत याचिका पर सोमवार सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से जमानत के बाद छूटे बलात्कार के आरोपी के लिए 'जश्न मनाने वाले होर्डिंग' पर सवाल उठाया।

सुप्रीम कोर्ट ने रेप केस में जमानत पर छूटे आरोपी के पोस्टर 'भइया इज बैक' पर बचाव पक्ष के वकील से कहा कि 'अपने भैया से इस सप्ताह सावधान रहने को कहें।'
सुनवाई के दौरान, मुख्य न्यायाधीश एन वी रमना की पीठ को पीड़िता के वकील ने बताया कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से जमानत के बाद इलाके में जश्न मनाते हुए एक बैनर लगाया गया, जिसमें लिखा है कि 'भइया इज बैक'।
इस पर जस्टिस कृष्णा मुरारी और हेमा कोहली ने आरोपी के वकील से कहा कि जमानत के बाद आप क्या मना रहे हैं? ये 'भैया इज बैक' क्या है। कोर्ट ने आगे पूछा कि आपने किस मौके पर होर्डिंग लगाया। इस पर बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि संभवत: आरोपी को जमानत मिलने के बाद होर्डिंग लगाया। कोर्ट ने कहा कि 'अपने भैया को इस सप्ताह सावधान रहने के लिए कहें.' इस मामले में पीठ ने 18 अप्रैल को आगे की सुनवाई के लिए तारीख दी है।
दरअसल, पीड़ित महिला ने प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि आरोपी ने उससे शादी का झूठा वादा कर तीन साल तक कई मौकों पर उसके साथ यौन संबंध बनाए। इसके बाद उसने शादी करने से इंकार कर दिया। महिला की शिकायत के आधार पर आरोपी को पिछले साल सितंबर में गिरफ्तार किया गया था।
इस मामले में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने सुनवाई के दौरान आरोपी को जमानत दे दी थी। हाई कोर्ट ने कहा कि पूरी सुनवाई अवधि के दौरान आरोपी को हिरासत में रखने की जरूरत नहीं है।
वहीं, आरोपी ने हाईकोर्ट में दलील दी थी कि उसके बीच आपसी सहमति से संबंध थे। जिसके बाद महिला ने सुप्रीम कोर्ट में आरोपी की जमानत रद्द करने की याचिका दाखिल की थी।












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