MP: चुनावी साल में बड़े फैसले की तैयारी, 2020 से पहले सरकारी जमीन पर बसे भूमिहीनों को मिलेगा पट्टा

मध्य प्रदेश में सरकारी जमीन पर काबिज गरीब आवासहीनों को निशुल्क पट्टा देकर जमीन का मालिक बनाने के लिए शिवराज सरकार तैयारी कर रही है। बता दे प्रदेश में शासकीय जमीन पर काबिज गरीब आवासीय को निशुल्क पट्टा देकर जमीन का मालिकाना हक देने के लिए मध्यप्रदेश नगरीय क्षेत्रों के भूमिहीन व्यक्ति (पट्टाधृति अधिकारों का प्रदाय किया जाना) अधिनियम 1984 बना हुआ है। इसमें अभी तक केवल 31 दिसंबर 2014 तक के काबिज ही पत्र ही माने गए है। इस अवधि के बाद शासकीय जमीन पर रहने वालों को कोई पट्टा नहीं दिया गया है और फिलहाल में अतिक्रमण कार्य की श्रेणी में आते हैं। अब सरकार इस अधिनियम में पात्रता की अवधि बढ़ाकर 31 दिसंबर 2020 करने जा रही है। मतलब इस अवधि तक सरकारी भूमि पर काबिज गरीब भूमिहीन, आवासहीन व्यक्तियों को सरकार जमीन का निशुल्क पट्टा जारी कर उन्हें जमीन का मालिक बनाएगी।

संशोधन अधिनियम 2023
इसके लिए संशोधन अधिनियम 2023 को कैबिनेट में मंजूरी दिलाई जाएगी। कैबिनेट से संशोधन अधिनियम की मंजूरी मिलने के बाद अनुविभागीय दंडाधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद के अधिकारी पटवारी, राजस्व निरीक्षकों का दल शहरी क्षेत्रों में ऐसे शासकीय भूमि पर काबिज लोगों का सर्वे करेंगे। सर्वे के बाद सूची तैयार की जाएगी, जो पात्रता की श्रेणी में आएंगे उनका विभिन्न स्तर पर परीक्षण कराए जाने के बाद उन्हें सरकारी जमीन का पट्टा दिया जाएगा।

जानकारी छुपाकर पट्टा लेने पर 7 साल जेल
जिस अधिनियम के तहत सरकारी जमीन का पट्टा दिया जाएगा उसमें पहले से प्रदेश में कहीं जमीन धवन होने की जानकारी छुपाते हुए खुद को भूमिहीन या आवासहीन बताया तो खैर नहीं। ऐसा करने वाले को 7 साल की जेल का प्रावधान है। इस अधिनियम में पट्टे की जमीन को बेचकर दूसरी बार योजना का लाभ लेने पट्टे पर प्राप्त जमीन को किराए पर देने योजना के तहत पट्टा पाने वाले व्यक्ति की जमीन पर बलपूर्वक कब्जा कर जमीन हथियाने वाले व्यक्ति को भी 7 साल तक की सजा का प्रावधान है। एक परिवार को पूरे जीवन काल में केवल एक ही बार ही इस योजना का लाभ दिया जाएगा।

कहां कितनी जमीन का पट्टा
नगर निगम क्षेत्र में शासकीय जमीन पर काबिज आवाज सीन भूमि इन व्यक्तियों को साडे 400 वर्ग फीट जमीन का पट्टा जारी किया जाएगा। नगर पालिका क्षेत्र के आवास इन भूमिहीनों को 60 वर्ग फीट और नगर परिषद क्षेत्र में काबिज लोगों को 80 वर्ग फीट जमीन का पट्टा दिया जाएगा। यह पट्टा केवल 31 दिसंबर 2014 के बाद से 21 दिसंबर 2020 के बीच की अवधि में सरकारी जमीन के कब्जा धारी को ही दिया जाएगा। एक परिवार के कब्जे में इससे अधिक जमीन होगी तो उन्हें इस पात्रता सीमा तक ही पटा दिया जाएगा।

मास्टर प्लान में जमीन का दूसरा उपयोग किया गया तो शिफ्ट होंगे कब्जाधारक
मध्यप्रदेश में दो प्रकार से आभार सीन भूमिहीनों को पट्टे दिए जाएंगे। यदि इस जमीन का मास्टर प्लान में विकास योजना में उपयोग जरूरी होगा तो उन्हें उस स्थान से हटाकर दूसरे स्थान पर विकसित भूखंड का पट्टा दिया जाएगा।












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