MP : ठंड में फेफड़ों का संक्रमण बढ़ा,10 फीसदी पोस्ट कोविड मरीज, हॉस्पिटल में समस्या लेकर पहुंच रहे लोग
भोपाल में ठंड के चलते 2 साल से कोविड से परेशान लोगों की परेशानी एक बार फिर से बढ़ने लगी है। पोस्ट कोविड मरीजों के फेफड़ों में इन्फेक्शन के मामले सामने आ रहे हैं।
ठंड का प्रकोप बढ़ते ही लोग अब बीमार पड़ने लगे हैं। वहीं ठंड के चलते 2 साल से कोविड से परेशान लोगों की परेशानी एक बार फिर बढ़ने लगी है। सर्दी में जहां हार्ट के साथ अटैक की समस्याएं तेजी से सामने आ रही हैं। वहीं अब पोस्ट कोविड के मरीजों में भी फेफड़ों में इन्फेक्शन के मामले सामने आ रहे हैं। ये बात सही है कि अभी ऐसे मरीजों की संख्या काफी ज्यादा नहीं हैं, लेकिन जिन मरीजों को दूसरी लहर में सबसे ज्यादा संकट आया था, जो अस्पतालों में कई दिनों तक रहने के बाद ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। ऐसे मरीजों को ज्यादा परेशानी आ रही है। हालात ये हो गए हैं कि कोविड से परेशान मरीजों को फेफड़ों की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इस तरह से हर दिन 10 से 15 फ़ीसदी तक मरीज डॉक्टरों के यहां पहुंच रहे हैं।

हमीदिया अस्पताल के डॉक्टर एके श्रीवास्तव का कहना है कि मौसम काफी ठंडा होने से ये समस्या तेजी से बढ़ी हैं। ऐसे में 10 फीसदी तक मरीज बढ़े हैं। ऐसे मरीजों को सांस की नली में परेशानी ज्यादा आ रही है। मरीजों को सावधान रहना चाहिए। वहीं हमीदिया में चेस्ट रोग विशेषज्ञ लोकेंद्र दवे का कहना है कि कोरोना के समय जैसे लोगों में दिक्कत यही थी। वैसी कोई खास परेशानी इस समय नहीं आएगी। पहले जो मरीज आ रहे थे। इस समय भी वही स्थिति है। इसके लिए सावधानी रखने की काफी जरूरत है। डॉक्टर का कहना है कि इसमें लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
3 हजार वैक्सीन इसी माह हो जाएगी एक्सपायर
भोपाल में कोरोना का संक्रमण कम होने पर वैक्सीन लगवाने में लोगों की रुचि कम होने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग भी वैक्सीनेशन बढ़ाने के प्रति उदासीन हो गया है। यही वजह है कि अब हर दिन करीब 70 से 80 लोगों को ही वैक्सीन लगाते हुए देखने को मिलते है। वही वैक्सीन भी इस महीने खत्म हो रही हैं। पास 3000 वैक्सीन बची हुई है। अगर इनका उपयोग नहीं हुआ तो यह खराब हो जाएगी।












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