Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

धार में लोकायुक्त का बड़ा ट्रैप: पट्टा के लिए महिला पटवारी 5 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

Lokayukta in Dhar: मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त संगठन की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार (13 मार्च 2026) को इंदौर लोकायुक्त की टीम ने धार जिले की सरदारपुर तहसील में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी जमीन का पट्टा जारी करने के बदले आवेदक से रिश्वत मांग रही थी।

लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई में महिला पटवारी को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने कुल 1 लाख रुपये की मांग की थी और यह रकम पहली किश्त के रूप में ली जा रही थी, तभी लोकायुक्त की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे दबोच लिया।

Lokayukta in Dhar Female Patwari arrested red-handed while taking bribe of Rs 5 000 for lease

पट्टा जारी करने के बदले मांगे थे 1 लाख रुपये

जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता लक्ष्मण कुमावत (उम्र 53 वर्ष), निवासी ग्राम कुमारिया खेड़ी, ग्राम पंचायत भानगढ़, तहसील सरदारपुर, जिला धार ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई थी।

लक्ष्मण कुमावत ने बताया कि उन्होंने अपने गांव में जमीन पर मकान बनाया है और मकान के पीछे की जमीन का पट्टा अपने नाम करवाने की प्रक्रिया चल रही थी। इस मामले में पटवारी भारती राजपूत, जो पटवारी हल्का नंबर 25 भानगढ़ में पदस्थ हैं, उनसे पट्टा जल्दी जारी करने के लिए 1 लाख रुपये की रिश्वत मांग रही थीं। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं थे, इसलिए उन्होंने पूरे मामले की शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में कर दी।

जांच में सही निकली शिकायत, बनाई गई ट्रैप योजना

लोकायुक्त इंदौर के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के पास शिकायत पहुंचने के बाद मामले की प्रारंभिक जांच कराई गई। सत्यापन के दौरान यह पाया गया कि आरोपी पटवारी वास्तव में रिश्वत की मांग कर रही थी।

इसके बाद लोकायुक्त के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश पर इंदौर लोकायुक्त इकाई ने ट्रैप की योजना बनाई। तय योजना के अनुसार शुक्रवार को शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपये की पहली किश्त लेते समय महिला पटवारी को रंगे हाथों पकड़ लिया गया।

लोकायुक्त की टीम ने ऐसे किया ट्रैप

लोकायुक्त की इस कार्रवाई में विशेष ट्रैप दल का गठन किया गया था। ट्रैप टीम में कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास के नेतृत्व में कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। टीम में कार्यवाहक प्रआर आशीष शुक्ला, आरक्षक विजय कुमार, आदित्य सिंह भदौरिया, पवन पटोरिया, मनीष माथुर, कृष्णा अहिरवार और महिला आरक्षक भारती बागोरा शामिल रहे। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी पटवारी को रिश्वत की रकम लेते ही पकड़ लिया।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

ट्रैप सफल होने के बाद आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। लोकायुक्त टीम द्वारा आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की जांच जारी है।अधिकारियों के अनुसार यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।

राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायतें आम

ग्रामीण इलाकों में जमीन से जुड़े काम जैसे पट्टा जारी करना, सीमांकन, नामांतरण और नक्शा सुधार जैसे मामलों में रिश्वतखोरी की शिकायतें अक्सर सामने आती रहती हैं। कई किसानों और ग्रामीणों का आरोप रहता है कि बिना पैसे दिए राजस्व संबंधी काम समय पर नहीं होते। धार जिले में हुई यह कार्रवाई राजस्व विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश मानी जा रही है।

लोकायुक्त की जीरो टॉलरेंस नीति

लोकायुक्त के महानिदेशक योगेश देशमुख ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया हुआ है। पिछले कुछ महीनों में इंदौर, उज्जैन, रीवा और अन्य जिलों में कई अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है।

लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर रिश्वतखोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

लोगों से की गई शिकायत करने की अपील

लोकायुक्त इंदौर इकाई के पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो उसकी शिकायत जरूर करें। इसके लिए लोकायुक्त की टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 पर संपर्क किया जा सकता है या सीधे लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

उन्होंने कहा कि शिकायत सही पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाती है और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जाती है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा संदेश

धार जिले में महिला पटवारी के खिलाफ हुई यह कार्रवाई न सिर्फ राजस्व विभाग बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए एक बड़ा संदेश है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि रिश्वतखोरी के मामलों में अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

ग्रामीणों और किसानों को उम्मीद है कि ऐसी कार्रवाइयों से सरकारी दफ्तरों में फैले भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और आम लोगों के काम बिना रिश्वत के समय पर हो सकेंगे।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+