MP News: लाड़ली बहनों की खुशखबरी! 2026 में 1500 से 2000 तक हो सकती है राशि, CM मोहन यादव की बड़ी तैयारी
MP News ladli behna yojana: नया साल दस्तक देने ही वाला है और उससे पहले मध्य प्रदेश की करोड़ों महिलाओं के लिए एक उम्मीद भरी खबर सामने आ रही है। जिस योजना ने 2023 में राजनीति की दिशा बदली, वही मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना (ladli behna yojana) एक बार फिर सुर्खियों में है। संकेत साफ हैं-2026 में लाड़ली बहनों की जेब और मजबूत हो सकती है।
सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव योजना की मासिक राशि बढ़ाने की तैयारी में जुटे हैं। अभी महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये मिलते हैं, लेकिन अब इसे 2000 रुपये या उससे अधिक करने पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। अंतिम फैसला 2026 के बजट सत्र (फरवरी-मार्च) में हो सकता है।

CMO के गलियारों में मंथन, वजह सिर्फ महंगाई नहीं
योजना से जुड़े विभागीय अधिकारियों और CMO के करीबी सूत्रों का कहना है कि यह सिर्फ आर्थिक फैसला नहीं, बल्कि महिलाओं की बढ़ती जरूरतों और सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़ा कदम है। महंगाई, घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य-इन सबको ध्यान में रखकर राशि बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
CMO सूत्र बताते हैं-
"महिलाओं की खुशी और सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता है। लाड़ली बहना योजना को और मजबूत किया जाएगा।"
बजट 2026 में बड़ा ऐलान?
सूत्रों के अनुसार- मुख्यमंत्री मोहन यादव ने महिला एवं बाल विकास विभाग को योजना की समीक्षा के निर्देश दिए है।बजट 2026 में बड़ा ऐलान संभव है।
संभावित विकल्प:
- 1500 से 1750 रुपये
- या सीधे 2000 रुपये प्रतिमाह
- अगर राशि 2000 रुपये हुई, तो सरकार पर सालाना 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा
- सरकार मानती है कि यह खर्च भविष्य में सामाजिक स्थिरता और महिला आत्मनिर्भरता में निवेश होगा।
लाड़ली बहना योजना: 1000 से 1500 तक की कहानी
लाड़ली बहना योजना की यात्रा अपने आप में एक मिसाल है-
- जून 2023: योजना की शुरुआत, 1000 रुपये प्रतिमाह
- बाद में राशि बढ़कर 1250 हुई
- फिर 1500 रुपये प्रतिमाह तय किए गए
- अब तक 31 किस्तें जारी
- 1.26 करोड़ से अधिक महिलाएं लाभान्वित
- कुल भुगतान: 48,632 करोड़ रुपये से ज्यादा
- इस राशि ने लाखों घरों में-
- रसोई का बजट संभाला
- बच्चों की फीस भरी
- दवाइयों का इंतजाम किया
- छोटी-छोटी बचत की राह खोली
महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया भी मानती हैं-
"लाड़ली बहना योजना महिलाओं की आर्थिक रीढ़ बन चुकी है और देशभर में एक मॉडल के रूप में देखी जा रही है।"
अगर राशि बढ़ी तो क्या बदलेगा?
विशेषज्ञों के मुताबिक, 500 रुपये की अतिरिक्त मदद भी जमीनी स्तर पर बड़ा फर्क ला सकती है-
🔹 महंगाई से राहत
बढ़ती कीमतों के बीच 500 रुपये भी बड़ी मदद साबित होंगे।
🔹 परिवार की चिंता कम
बच्चों की पढ़ाई, दवा और राशन जैसे खर्चों में सहारा मिलेगा।
🔹 महिला सशक्तिकरण
घर के फैसलों में महिलाओं की आवाज और मजबूत होगी।
🔹 ग्रामीण-आदिवासी इलाकों में असर
गरीब और आदिवासी क्षेत्रों में इसका प्रभाव सबसे ज्यादा दिखेगा।
एक लाभार्थी महिला कहती हैं-
"1500 में काम चल जाता है, लेकिन 2000 मिलें तो थोड़ा सुकून मिलेगा।"
राजनीति भी साधेगी सरकार
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह कदम 2028 विधानसभा चुनाव से पहले महिला वोट बैंक को और मजबूत कर सकता है। 2023 में लाड़ली बहना योजना गेम चेंजर रही थी और बीजेपी इसे अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानती है।
कांग्रेस का तंज-
"बढ़ोतरी अच्छी बात है, लेकिन इतनी देर क्यों?"
बीजेपी का जवाब-
"महिलाओं के लिए काम करने वाली सरकार ही ऐसे फैसले लेती है।"
तैयारी कहां तक पहुंची?
फिलहाल- महिला एवं बाल विकास विभाग डेटा अपडेट कर रहा है। वित्त विभाग से बजट प्रावधानों पर चर्चा जारी है। इसके साथ ही e-KYC और पात्रता जांच भी तेज हो गई है।
अंतिम निर्णय कैबिनेट और बजट सत्र में संभव
अगर 2026 में लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ती है, तो यह सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि लाखों महिलाओं के जीवन में आत्मविश्वास और सुरक्षा का नया अध्याय साबित होगी। अब निगाहें टिकी हैं 2026 के बजट और मुख्यमंत्री मोहन यादव के अगले कदम पर।












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