ओबीसी आरक्षण को लेकर शिवराज सरकार पर जमकर बरसे कमलनाथ, कहां-OBC के साथ किया धोखा
पूर्व सीएम कमलनाथ ने ओबीसी आरक्षण को लेकर कहा कि पिछड़ा वर्ग के साथ घोर अन्याय हुआ हैं। बीजेपी सरकार द्वारा आदिवासियों के इलाके में कार्यक्रम किए जा रहे हैं और उन पैसों की बर्बादी हो रही है।
भोपाल,29 मई। मध्यप्रदेश में भले निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण का रास्ता साफ हो गया हो लेकिन सियासत में बयानबाजी कम होने का नाम नहीं ले रही है। कल नगरी आवास प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने ओबीसी आरक्षण को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा था वहीं आज पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि पिछड़ा वर्ग के साथ घोर अन्याय हुआ है। चुनाव कराने के पहले के वीडियो तो सुना जाए तो हजार बहाने मिल जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन्होंने मजबूरी में प्रस्ताव पास नही किया है। यह प्रस्तव इनकी मर्जी के खिलाफ हैं। 23 ऐसे स्थान है जहाँ ओबीसी वर्ग का आरक्षण नहीं हुआ है। वहीं राज्यसभा में विवेक तंखा को भेजे जाने पर कहा कि जब बीजेपी की प्रदेश में लिस्ट आ जाएगी तब देखेंगे कि उन्होंने कितने ओबीसी वर्ग के लोगों को राज्यसभा में भेजा है।

आदिवासी वर्ग को लेकर कमलनाथ ने बीजेपी पर साधा निशाना
पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में बीजेपी की सरकार अपनी होर्डिंग लगाकर बधाई देने में पैसे खर्च कर रही है। आदिवासियों के इलाके में कार्यक्रम किए जा रहे हैं और उन पैसों की बर्बादी हो रही है। ये इनडायरेक्ट चुनाव इसलिए करवा रहे हैं कि जो पार्षद चुनकर आएंगे दबाव बनाया जाएगा। इनके पास पुलिस पैसा और प्रशासन ही बचा है। उन्होंने कहा था कि एक लाख रोजगार दूंगा मगर नहीं दिए। आज आदिवासियों के ऊपर अत्याचार और महिला अत्याचार,किसान अत्याचार में मध्यप्रदेश नंबर वन बना हुआ है। सीएम शिवराज कहते हैं कि वह किसान के बेटे हैं। उन्होंने कहा कि यह सीमांकन का मुद्दा था। पर ये लोग विषय से भटका रहे हैं। हमने 2019 में 27 फीसदी आरक्षण दिया था उसे लागू कर दिया था।
कमलनाथ ने कहा कि जहां 50 फीसदी ओबीसी वर्ग है वहाँ संविधान में संशोधन किया जा सकता है। हमने विधानसभा सत्र बुलाने की भी बात कही मगर यह सुप्रीम कोर्ट गए और यह परिणाम आये यह गुमराह कर रहे हैं।
ओबीसी आरक्षण लेकर बोले मंत्री भूपेंद्र सिंह
ओबीसी आरक्षण को लेकर मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि हमारी सरकार ओबीसी आरक्षण के साथ ही चुनाव करा रही है, लेकिन कांग्रेस हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट चली गई और विरोध किया। इस कारण कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण शून्य कर दिया था, लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज जी के प्रयास से ओबीसी वर्ग को फिर से आरक्षण मिल सका है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा यहां चुनाव में सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी को आरक्षण दिया है।












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