“राहुल जी, आपकी मां नागरिक नहीं थीं तो वोटर लिस्ट में नाम कैसे?”: कैलाश विजयवर्गीय का सवाल

मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम और नैरेटिव पर तीखा हमला बोला है।

उन्होंने कांग्रेस और इसके नेता राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह पार्टी देश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। विजयवर्गीय ने SIR को एक नियमित और पारदर्शी प्रक्रिया बताते हुए कांग्रेस के दावों को झूठा और आधारहीन करार दिया।

Kailash Vijayvargiya big target on Rahul Gandhi Congress exposed on SIR controversy

SIR: कोई नई प्रक्रिया नहीं, नियमित कार्य

मंत्री विजयवर्गीय ने भोपाल में एक वीडियो संदेश जारी कर कहा, "विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कोई नई प्रक्रिया नहीं है। स्वतंत्रता के बाद से ही चुनाव आयोग हर राज्य में इस कार्य को नियमित रूप से करता आ रहा है। इसके तहत मृतकों, डुप्लीकेट मतदाताओं और उन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाते हैं जिन्होंने राज्य छोड़ दिया है। साथ ही, नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं। यह एक सतत प्रक्रिया है, लेकिन कांग्रेस इसे मुद्दा बनाकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है।"

उन्होंने जोर देकर कहा कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाना है, जिससे निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो सकें। उन्होंने कांग्रेस पर इस प्रक्रिया को विवादित बनाने का आरोप लगाया और इसे जनता के साथ धोखा बताया।

राहुल गांधी पर सीधा हमला

कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमला बोलते हुए सवाल उठाया, "राहुल जी, जब आपकी मां इस देश की नागरिक नहीं थीं, तब उनका नाम वोटर लिस्ट में कैसे जुड़ा? क्या यह वोट चोरी नहीं थी? आप आज भाजपा पर घुसपैठियों को बढ़ावा देने का आरोप लगा रहे हैं, लेकिन असली गद्दारी तो कांग्रेस ने देश के साथ की है।"

उन्होंने आगे कहा, "आप वोट चोरी का आरोप लगाते हैं, लेकिन खुद अपने पक्ष में मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश करते हैं। यह देश की जनता के साथ विश्वासघात है। जनता अब आपका असली चेहरा पहचान चुकी है।"

सुप्रीम कोर्ट का हवाला, कांग्रेस को चुनौती

मंत्री विजयवर्गीय ने सुप्रीम कोर्ट के हवाले से कहा कि उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण एक सतत प्रक्रिया है, जिसे रोका नहीं जा सकता। उन्होंने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा, "बिहार में 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि नाम हटाने का कारण बताएं, लेकिन इस प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता। जब सुप्रीम कोर्ट ने इसे प्रमाणित कर दिया है, तो कांग्रेस को और किसके प्रमाण पत्र की जरूरत है?"

उन्होंने कांग्रेस को चुनौती दी कि यदि उनके पास कोई ठोस सबूत हैं, तो वे उसे पेश करें, वरना इस तरह के आधारहीन नैरेटिव बनाना बंद करें।

'राहुल जी, आपके चेहरे पर कालिख पुतने वाली है'

विजयवर्गीय ने अपने बयान में राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा, "लोकसभा चुनाव में आपने संविधान का नैरेटिव बनाया था, लेकिन इस बार SIR को लेकर आपका झूठा नैरेटिव कामयाब नहीं होगा। देश की जनता आपको पहचान चुकी है, और आपके चेहरे पर कालिख पुतने वाली है।"

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की यह रणनीति जनता को भ्रमित करने की है, लेकिन अब लोग उनके इरादों को समझ चुके हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनाव आयोग निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

कांग्रेस का जवाब और विवाद

कांग्रेस ने विजयवर्गीय के बयानों को गैर-जिम्मेदाराना करार देते हुए उनसे सार्वजनिक माफी की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने कहा, "विजयवर्गीय का बयान देश में अस्थिरता और भय का माहौल पैदा करने वाला है। उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनके दावों का आधार क्या है।"

हालांकि, विजयवर्गीय ने अपने बयान पर कायम रहते हुए कहा कि कांग्रेस को पहले अपनी गलतियों का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस की पूर्व सरकारों के वादों को याद दिलाते हुए कहा, "कांग्रेस पहले अपने वादों को देखे। हिमाचल, पंजाब और कर्नाटक में उन्होंने क्या किया? हम तो अपने वादे पूरे कर रहे हैं।"

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+