ग्रामीण डाक सेवकों को ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया “भारत माता के चमकते रत्न”, सम्मेलन में 9 हजार GDS को किया
jyotiraditya scindia: मध्य प्रदेश के ग्रामीण डाक सेवकों (ग्रामीण डाक सेवक - GDS) के लिए एक ऐतिहासिक दिन रहा। केंद्रीय संचार एवं विकास पूर्वोत्तर क्षेत्र मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आंध्र प्रदेश के गुंटूर में आयोजित ग्रामीण डाक सेवक सम्मेलन में भाग लिया और 9,000 से अधिक ग्रामीण डाक सेवकों को संबोधित किया।
इस सम्मेलन में सिंधिया ने ग्रामीण डाक सेवकों को "भारत माता के चमकते रत्न" और भारत पोस्ट के परिवर्तन के अग्रिम मोर्चे का नाम दिया। उन्होंने कहा कि गांव की नब्ज अगर कोई जानता है, तो वह ग्रामीण डाक सेवक है।

सम्मेलन में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। सिंधिया ने नायडू के साथ अपने परिवार के पुराने संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि नायडू ने उनकी दादी राजमाता विजयाराजे सिंधिया और पिता माधवराव सिंधिया के साथ मिलकर काम किया था। सिंधिया ने आंध्र प्रदेश में स्थित "सिंधिया" नामक छोटे शहर का भी जिक्र किया, जो उनके परदादा द्वारा स्थापित शिपिंग और शिपबिल्डिंग उद्यम से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, "मेरा इस मिट्टी से नाता केवल राजनीतिक नहीं, भावनात्मक, ऐतिहासिक और व्यक्तिगत है।"
ग्रामीण डाक सेवक - गांव का दिल और भारत पोस्ट की ताकत
सिंधिया ने ग्रामीण डाक सेवकों को संबोधित करते हुए कहा: "जम्मू-कश्मीर की बर्फीली चोटियों से लेकर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों तक, गर्मी, बर्फ, बारिश और चक्रवात - हर मौसम में डाकिया अपने कंधे पर डाक का बोझ लेकर चलता है। वह गांव का दिल है। 6.5 लाख से अधिक गांवों में डाकिया ही सरकार का सबसे भरोसेमंद चेहरा है।"
उन्होंने बताया कि देशभर में 38 करोड़ से अधिक पोस्ट ऑफिस बचत बैंक खाते हैं, जिनमें करीब 22 लाख करोड़ रुपये की राशि जमा है। यह विश्वास और सेवा का परिणाम है, जिसका श्रेय ग्रामीण डाक सेवकों को जाता है।
पार्सल क्रांति में आंध्र प्रदेश आगे रहेगा
सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के नारे के साथ भारत पोस्ट आधुनिकीकरण और पार्सल क्रांति की ओर तेजी से बढ़ रहा है। आंध्र प्रदेश की तेज आर्थिक प्रगति और ई-कॉमर्स, कृषि निर्यात तथा एमएसएमई के विकास को देखते हुए राज्य भारत पोस्ट की पार्सल क्रांति में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
उन्होंने तेलुगु मुहावरे का जिक्र करते हुए कहा, "हम झुकेंगे नहीं" - जब प्रतिस्पर्धा आएगी, तो भारत पोस्ट अपनी 1.65 लाख से अधिक पोस्ट ऑफिसों की ताकत से और मजबूत होकर उभरेगा। सिंधिया ने भारत पोस्ट को दुनिया का सबसे आधुनिक, तकनीक-संचालित, ग्राहक-केंद्रित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी लॉजिस्टिक्स नेटवर्क बनाने का संकल्प लिया।
ABCD फॉर्मूला से ट्रांसफॉर्मेशन
सिंधिया ने भारत पोस्ट के परिवर्तन के लिए एक सरल लेकिन शक्तिशाली ABCD फॉर्मूला दिया:
A - Accuracy (सटीकता): हर लेनदेन, डिलीवरी और OTP सटीक और समय पर।
B - Behaviour (व्यवहार): डाकिया भारत सरकार का प्रतिनिधि है, इसलिए हर व्यवहार में विनम्रता, सहानुभूति और पेशेवरता होनी चाहिए।
C - Commitment to Delivery (डिलीवरी के प्रति प्रतिबद्धता): हर बार समय पर डिलीवरी।
D - Delivery Excellence (डिलीवरी उत्कृष्टता): भारत पोस्ट की विश्वसनीयता और भरोसेमंद छवि बनाए रखना।
उन्होंने कहा कि तकनीक (मॉडर्न पार्सल हब, बेहतर रूटिंग, डिजिटल ट्रैकिंग, इलेक्ट्रिक वाहन) सहायक होगी, लेकिन डाकिया का मानवीय स्पर्श ही भारत पोस्ट की असली ताकत रहेगा।
ग्रामीण डाक सेवकों के कल्याण और सम्मान
सिंधिया ने अपने पिछले कार्यकाल का जिक्र करते हुए बताया कि ग्रामीण डाक सेवकों के लिए कई कल्याणकारी कदम उठाए गए थे:
छाता, जूते, स्टेशनरी और साइकिल भत्ता। ग्रामीण डाक सेवकों के बच्चों को केंद्रीय विद्यालयों में दाखिला सुनिश्चित करने के लिए 2009 में गजट नोटिफिकेशन।उन्होंने कहा कि ग्रामीण डाक सेवक भारत पोस्ट का आधार हैं और उनकी मेहनत से ही संस्था इतने बड़े पैमाने पर काम कर पा रही है।
आंध्र प्रदेश में नई शुरुआत
सिंधिया ने उगादी (तेलुगु नववर्ष) के प्रतीक को याद करते हुए कहा कि गुंटूर सम्मेलन भारत पोस्ट के लिए आंध्र प्रदेश में एक नई शुरुआत है। प्रधानमंत्री की दृष्टि, मुख्यमंत्री की इच्छाशक्ति और ग्रामीण डाक सेवकों की समर्पण से भारत पोस्ट दुनिया का सबसे बेहतरीन लॉजिस्टिक्स नेटवर्क बनेगा और विकसित भारत @ 2047 का मजबूत स्तंभ होगा। सम्मेलन में ग्रामीण डाक सेवकों ने उत्साह से हिस्सा लिया और मंत्री के संबोधन पर तालियां बजाईं। यह सम्मेलन न केवल आंध्र प्रदेश, बल्कि पूरे देश के ग्रामीण डाक सेवकों के लिए प्रेरणास्रोत बना।












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