जीतू पटवारी बोले: BJP मंडल अध्यक्ष की तरह काम कर रहे टीआई; FIR की मांग को लेकर कांग्रेसियों का हंगामा
Bhopal News: मंगलवार की शाम लगभग सवा चार बजे, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता टीटी नगर थाने पहुंचे, जहां उन्होंने केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री रघुराज सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
इस दल में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री डॉ विजयलक्ष्मी साधौ, पीसी शर्मा, मुकेश नायक, और वरिष्ठ अधिवक्ता जेपी धनोपिया और केके मिश्रा सहित कई प्रमुख कांग्रेस नेता शामिल थे।

एफआईआर की मांग और पुलिस का रवैया
टीटी नगर थाने पहुंचने पर कांग्रेस नेताओं ने एसीपी चंद्रशेखर पांडे और थाना प्रभारी सुनील भदौरिया से एफआईआर दर्ज करने की मांग की। एसीपी पांडे ने कांग्रेसियों को सूचित किया कि उन्हें पहले आवेदन देना होगा और इसके बाद 14 दिनों के भीतर जांच की जाएगी। एसीपी ने धारा 173 का हवाला देते हुए कहा कि इस धारा के तहत मामले की जांच के लिए 14 दिनों का समय होता है।
इस जवाब से असंतुष्ट जीतू पटवारी ने कहा, "हमारे नेता की जीभ काटने की धमकी दी जा रही है और आप आवेदन मांग रहे हैं। हमें त्वरित कार्रवाई चाहिए, न कि 14 दिनों का इंतजार। हम यहां खड़े हैं, एफआईआर दर्ज कीजिए।"
धरने की धमकी और विधायक का हस्तक्षेप
एफआईआर की प्रक्रिया में देरी को लेकर पटवारी ने थाने में धरना देने की धमकी दी। इसी बीच, भोपाल उत्तर से विधायक आतिफ अकील भी थाने पहुंचे और एक वकील के साथ एसीपी से सवाल किया कि अगर कोई जुबान काटने की धमकी दे रहा है तो क्या एफआईआर दर्ज की जाएगी। एसीपी ने एक बार फिर बीएनएसएस (भारतीय दंड संहिता की धारा 173) का हवाला देते हुए कहा कि वह इसी के तहत कार्रवाई करेंगे।
करीब पौने दो घंटे की तकरार और हंगामे के बाद, कांग्रेस नेताओं ने रोजनामचा में पूरा घटनाक्रम दर्ज कराया।

एसीपी को कोर्ट में पार्टी बनाएंगे पटवारी
एफआईआर न होने पर जीतू पटवारी ने एसीपी और थाना प्रभारी को चुनौती दी। उन्होंने कहा, "अगर आप एफआईआर दर्ज नहीं करते, तो हम आपको कोर्ट में पार्टी बनाएंगे। आपने सर्विस रूल का उल्लंघन किया है, और आपको कोर्ट में इसका जवाब देना होगा।"
मोदी के इशारे पर बयानबाजी का आरोप
थाने में लगभग पौने दो घंटे बिता कर बाहर निकलते हुए, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "केंद्र और प्रदेश के मंत्रियों द्वारा जो बयान दिए गए हैं, वे सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इशारे पर दिए गए हैं। यह स्पष्ट है कि बीजेपी का एजेंडा है कि राहुल गांधी को घेरा जाए और उनके खिलाफ अनर्गल बयानबाजी की जाए। महाराष्ट्र और यूपी के नेताओं की बयानबाजी से यह स्पष्ट होता है कि बीजेपी नेताओं की छवि और आलोचना के प्रति संवेदनशीलता को लेकर एक रणनीति अपनाई जा रही है। यदि कोई नेता जनता की समस्याओं को उठाएगा, तो उसे ऐसे ही बयानबाजी और सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ेगा।"

पटवारी का आरोप: थाना प्रभारी और बीजेपी के मंडल अध्यक्ष जैसे व्यवहार कर रहे हैं अधिकारी
पटवारी ने कहा कि जब एफआईआर दर्ज कराने के लिए वे थाने पहुंचे, तो यहां के अधिकारियों का बर्ताव बीजेपी के मंडल अध्यक्ष की तरह था। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के व्यवहार से यह प्रतीत होता है कि संविधान खतरे में है। उनके पास आवश्यक सबूत होने के बावजूद, ऊपर से आए आदेशों के चलते एफआईआर दर्ज नहीं हो रही है।
पटवारी ने आरोप लगाया कि पुलिस विभाग के अधिकारी सेवा नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं और एफआईआर दर्ज करने में विफल हो रहे हैं।उन्होंने कांग्रेस के माध्यम से उस व्यक्ति की लड़ाई की बात की, जिन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया और जिनके परिवार ने इस देश के लिए अपने प्राणों की बलि दी।
पटवारी ने कहा कि इस व्यक्ति के खिलाफ की जा रही अनर्गल बयानबाजी और देश के मूल्यों का अपमान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 1000 से अधिक स्थानों पर आवेदन दिया, लेकिन कहीं भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
फिलिस्तीन के झंडे को लेकर उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में कोई देश विरोधी गतिविधि हो रही है, तो सरकार को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार सो रही है।
जीतू पटवारी का आरोप: नरेंद्र मोदी के इशारे पर हो रही बयानबाजी
इससे पहले, पीसीसी प्रमुख ने मंगलवार को एक वीडियो जारी किया जिसमें उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेता राहुल गांधी के खिलाफ लगातार अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब नरेंद्र मोदी के इशारे पर हो रहा है। पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी ने 4 हजार किलोमीटर की पदयात्रा कर देश की एकता और अखंडता की बात की और गरीबों और आम लोगों के मुद्दे उठाए। नरेंद्र मोदी को यह पसंद नहीं आया, इसलिए उनके खिलाफ करोड़ों रुपये खर्च करके दुष्प्रचार किया गया।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के परिवार ने देश के लिए महान बलिदान दिया है-उनके पिता ने शहादत दी और उनकी दादी ने देश की अखंडता और भाईचारे के लिए अपनी जान दी। ऐसे परिवार के व्यक्ति के खिलाफ इस तरह की भाषा का उपयोग बर्दाश्त के बाहर है। पटवारी ने संबंधित थाने से तीनों लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराने की अपील की।












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